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अदालत की मीडिया से स्वनियमन की अपेक्षा, क्या नकेल कसे बगैर मान जाएगा मीडिया.?

-संजय कुमार सिंह॥दिल्ली दंगे के अभियुक्त, उमर खालिद की एक याचिका पर दिल्ली के एक मुख्य मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट ने मीडिया से यह अपेक्षा की है कि वह स्वनियमन के तकनीक का उपयोग करे। अदालत ने कहा कि स्वनियमन सर्वश्रेष्ठ है। अदालत ने माना कि ‘लीक’ चार्जशीट के आधार पर खबरें चलाकर मीडिया ने उमर खालिद...

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जब पूरा देश एक ही नारे से गूंज उठा! ‘लाल किले से आई आवाज-सहगल, ढिल्लन, शाहनवाज़’

-रिज़वान ख़ान॥23 जनवरी को यानि कि आज महान क्रांतिकारी सुभाष चन्द्र बोस की जयंती है। उनके बारे में लेख और जानकारियां जुटा रहा था तो जन चौक पर जाहिद खान साहब का एक बेहतरीन लेख मिला। हमारे देश की स्वतंत्रता में यूं तो असंख्य भारतीयों और अनेक तूफानी घटनाओं का योगदान है, लेकिन इन घटनाओं...

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बाइडेन के शुरूआती फैसले, भारत और अमेरिका के बीच गाढ़े संबंध के संकेत..

-अजय कुमार सामाजिक यायावर॥ जो बाइडेन अमेरिका के 46 वें राष्ट्रपति के रूप में कार्यभार संभालते ही अपनी एक नई टीम बनाई है, जिसमें 20 भारतीय-अमेरिकियों की नियुक्ति किया गया है। अमेरिकी राष्ट्रपति ने अपनी इस नई टीम में एक भी आरआरएस या बीजपी से जुड़े हुए लोगों को जगह नहीं दिया है। जो बाइडेन...

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बड़े बेआबरू होकर, व्हाईट हाउस से ट्रम्प निकले..

संयुक्त राज्य अमेरिका में जो बाइडेन के 46वें राष्ट्रपति के रूप में शपथग्रहण के साथ ही एक बार फिर डेमोक्रेटिक पार्टी की सत्ता में वापसी हो गई है। लेकिन इसे महज सत्ता परिवर्तन के तौर पर न देखकर युग परिवर्तन की तरह देखा जा रहा है। दरअसल पिछली रिपबल्किन सरकार में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप अपनी...

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कानून का शासन है तो अर्णब जेल जाना चाहिये..

भारत में पत्रकारिता सत्ता के दलदल में कितने गहरे जा धंसी है, इसका ताजा उदाहरण अर्णव चैट लीक कांड है।  रिपब्लिक टीवी चैनल के सीईओ अर्णव गोस्वामी ने अपनी एंकरिंग शुरु से अलग अंदाज में की। पहले वे जिन चैनलों में काम करते थे वहां भी उन्होंने चीख-चीख कर सवाल पूछे और यही बताने की...

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अपना नाम गधापच्चीसी में न डलवाएं, अर्णब को कुछ न होने वाला..

-महक सिंह तरार॥ मुम्बई पुलिस ने अर्णब गोस्वामी की पांच सौ पन्नो की चैट क्या छाप दी, ऐसा लगा कि जैसे अपने देश में वास्तव में रामराज्य दरवाजे पर दस्तक दे रहा है. और बुरे लोगों का मुँह काला होने ही वाला है. जबकि दो दिन से समझा समझा के हार गया हूँ कि भैये...

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पाकिस्तान पर फौजी हमले की अग्रिम जानकारी अर्नब गोस्वामी को..

-सुनील कुमार॥मुम्बई में एक महीने पहले पकड़ाया एक टीआरपी घोटाला एक नए नाटकीय मोड़ पर पहुंचा है। इस घोटाले में पुलिस को ऐसे सुबूत मिले थे जो बताते थे कि कुछ टीवी समाचार चैनल दर्शक संख्या बताने वाली एक संस्था, बार्क (ब्रॉडकास्ट ऑडियंस रिसर्च काउंसिल), के साथ मिलकर साजिश करके, रिश्वत देकर अपनी दर्शक संख्या...

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कुछ लाख वीवीआईपी को भी कोरोना-टीके लग जाएं, तो भी कोई बुराई नहीं…

-सुनील कुमार॥पहले की घोषणा के मुताबिक हिन्दुस्तान में आज कोरोना-टीकाकरण शुरू हुआ। प्रधानमंत्री ने एक औपचारिक भाषण देकर इसकी शुरुआत की, और इस पहले दौर में करीब 3 करोड़ स्वास्थ्य कर्मचारियों, और कोरोनाग्रस्त लोगों से सामना होने वाले लोगों को ये टीके लगने जा रहे हैं। करीब महीने भर के फासले पर इन लोगों को...

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एनकाउंटर से अपराध खत्म नहीं होते..

कुछ बरस पहले अपराध की कहानियों पर आधारित पत्रिकाएं खूब बिकती थीं, फिर समाचार चैनलों पर अपराध आधारित कार्यक्रम टीआरपी बटोरने लगे और इस वक्त अपराध की दुनिया को फिल्माती वेबसीरीज काफी हिट हो रही हैं। पर्दे पर यह सब देखना सामान्य लग सकता है, लेकिन यही सब रोजमर्रा के जीवन का हिस्सा बनने लगें,...

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क्या इंसाफ के लिए ऐसी कमेटी बनाई है?

-सुनील कुमार॥किसान आंदोलन को लेकर दो दिन पहले बड़ी हमदर्दी दिखाने वाला सुप्रीम कोर्ट उस शाम से ही शक के घेरे में था, कल आंदोलन पर सुप्रीम कोर्ट का अंतरिम आदेश उस शक को गहरा कर गया, और शाम होते-होते यह साफ हो गया कि सुप्रीम कोर्ट ने इस मुद्दे पर एक बड़ा ही विवादास्पद...

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सुप्रीम कोर्ट का आदेश क्या सचमुच किसानों की जीत?

-सुनील कुमार॥सुप्रीम कोर्ट ने अपने कल के रूख के मुताबिक आज केन्द्र सरकार के तीनों कृषि कानूनों के अमल पर रोक लगा दी है। इसके अलावा अदालत ने किसानों से बात करने के लिए एक कमेटी बनाई है जो उनकी मांगों पर चर्चा करेगी। कल ही इस मुद्दे पर हमने इसी जगह काफी खुलासे से...

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किसानों की शहादत से हिली हुई दिखी अदालत..

-सुनील कुमार॥॥देश के सुप्रीम कोर्ट में जब कुछ बुनियादी बातों पर बहस चलती है, तो फिर वह सिर्फ वकीलों के बीच नहीं चलती जज भी उसमें हिस्सेदार रहते हैं। वैसे तो अदालती कार्रवाई में वकीलों का दर्जा जजों से अलग रहता है, लेकिन जज कई बार अपनी जिज्ञासा शांत करने के लिए वकीलों से जिरह...

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