पेगासस : जासूसी कांड की जांच ज़रूरी..

देखी जाने वाली बात है कि क्या गडकरी और स्मृति के फोन भी टैप किये गये हैं। अगर इसमें सच्चाई है तो यह कहीं अधिक गंभीर मसला बन जाता है क्योंकि विभिन्न कामों के चलते देश की बेहद महत्वपूर्ण और संवेदनशील जानकारी भी लीक हो सकती है। अगर यह जासूसी भारत सरकार के इशारे पर हुई है तो इससे बुरी बात कुछ भी नहीं हो सकती क्योंकि माना यह जाता है कि मंत्री वे ही लोग होते हैं जो प्रधानमंत्री या मुख्यमंत्री के विश्वासपात्र होते हैं। अपने ही मंत्रिमंडल के सदस्यों की जासूसी संपूर्ण सरकार में संदेह और भ्रम की स्थिति पैदा करेगी। इसलिए यह बहुत ही आवश्यक हो गया है कि सरकार स्वयं इस सिलसिले में जांच करे और देश के पत्रकारों, राजनेताओं, जजों या किसी को भी किसी अन्य देशों के ऐसे जासूसी उपकरणों की जद में जाने से बचाये।

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