प्रसार भारती को हुआ क्या है.?

-संजय कुमार सिंह।। प्रसार भारती ने कहा है कि वार्षिक ग्राहकी के मद में पीटीआई को 1980 से अब तक करीब 200 करोड़ रुपए दिए गए हैं और यह बगैर किसी जिम्मेदारी के है। इस पर कहा जा सकता है कि 40 साल में 200 करोड़ यानी पांच करोड़ रुपए […]

तो क्या झूठ से बढ़ेगा फौजी मनोबल.?

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-सुनील कुमार।। हिन्दुस्तानी फौज में ऊपर के चार सबसे बड़े अफसरों में से एक ओहदा होता है मेजर जनरल का। अभी एक रिटायर्ड मेजर जनरल ब्रजेश कुमार ने एक वीडियो पोस्ट किया जिसमें अमरीका के बनाए हुए अपाचे फौजी हेलीकॉप्टर पानी की सतह के करीब उड़ रहे हैं। ब्रजेश कुमार […]

वो निराला देश जिसके प्रधान भी निराले..

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-विष्णु नागर।। हमारे देश की बात छोड़िए, वह तो निराला है। आज हम एक ऐसे देश की बात करते हैंं, जिसके प्रधानमंत्री को यह तो याद था कि हाँ सूरज जैसा भी कुछ होता है ,जो रोज निकलता और डूबता है मगर उनका राजनीतिक करियर का ग्राफ इतना ऊँचा और […]

पुलिस पर फिर लगे बर्बरता के आरोप..

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-पंकज चतुर्वेदी।। “पुलिस ने बाप और बेटे दोनों को नंगा कर के लाठियों से पीटा। चेहरों को दीवार से पटका गया। उन्हें जेल में एक ऐसे जगह पर ले जाया गया जहां पर कोई सीसीटीवी कैमरे न लगे हों। उनके गुदा (asshole) में लाठी डाली गई। उनके गुप्तांगों को चोट […]

धर्मांधता 21 वीं सदी की समस्या है, 17 वीं सदी की नहीं..

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-राजीव मित्तल। औरंगज़ेब अपने समय का बिल्कुल अलग किस्म का शासक था..विडंबना देखिए कि जब सत्ता को लेकर उसका अपने पिता मुग़ल बादशाह शाहजहां और बड़े भाई दारा शिकोह से संघर्ष हुआ तो मुग़ल सल्तनत के आधीन अधिसंख्य राजपूत राजाओं ने बादशाह शाहजहां से गद्दारी कर युद्ध के मैदान में […]

अमरीकी कारोबारियों ने दुनिया के सामने एक मिसाल रखी है..

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-सुनील कुमार।।फेसबुक दुनिया का सबसे कामयाब सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म है, और सच तो यह है कि सोशल मीडिया शब्द कहते ही पहला ख्याल फेसबुक का ही आता है। इस शब्द के इतिहास पर जाएं तो शायद सबसे असरदार फेसबुक ही दिखाई पड़ता है, और यह इतिहास वर्तमान बन चुका है, […]

स्मृति शेष : कामरेड चितरंजन सिंह को क्रांतिकारी लाल सलाम

-चन्द्र प्रकाश झा।। जन -अधिकारों के संधर्षों‌ में साथ देने के लिए सतत प्रतिबद्ध रहे जनकर्मी, लोक स्वातंत्र्य एवं मानवाधिकारों के अगुआ पैरोकार, पीपुल्स यूनियन फॉर सिविल लिबर्टीज (पीयूसीएल) उत्तर प्रदेश के अध्यक्ष चितरंजन सिंह जी का लम्बी बीमारी के दौरान आज निधन हो गया। मौजूदा विषम दौर में‌ चितरंजन […]

भारत की ऊंची अदालतों में भी महिलाविरोधी पूर्वाग्रह..

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-सुनील कुमार।।महिलाओं को लेकर भारतीय समाज में पुरूषों की जो आम सोच है, वह कदम-कदम पर सामने आती है। हजारों बरस से मर्द की जो हिंसक सोच हिन्दुस्तानी औरत को कुचल रही है, वह कहीं गई नहीं है। एक वक्त गुफा में जीने वाले इंसानों पर बने कई कार्टून बताते […]

आपातकाल, संघर्ष और सबक..

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-जयशंकर गुप्त।। इस 25-26 जून को आपातकाल की 45वीं बरसी मनाई जा रही है. इस साल भी पिछले 44 वर्षों की तरह आपातकाल के काले दिनों को याद करने, इस बहाने इंदिरा गांधी के ‘अधिनायकवादी रवैए’ को कोसने की रस्म निभाने के साथ ही, लोकतंत्र की रक्षा की कसमें खाई […]

आपातकाल बनाम आफतकाल..

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छह साल से लगातार पूर्ण बहुमत के साथ सत्ता में रहने और कांग्रेस मुक्त भारत का नारा देने के बावजूद भाजपा किस कदर अपनी सत्ता और अस्तित्व को लेकर डरी हुई है, उसमें आत्मविश्वास की कितनी कमी है, इसका ताजा उदाहरण आज प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और गृहमंत्री अमित शाह के […]

लेडी डॉन ने दी थी पत्रकार की हत्या की सुपारी..

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-श्याम मीरा सिंह।। ये हैं भाजपा नेत्री दिव्या अवस्थी, जिन्हें स्थानीय स्तर पर लेडी डॉन के नाम से भी जाना जाता है. दिव्या आरएसएस के संगठन विश्व हिंदू परिषद की विभाग संयोजिका भी हैं, इन्होंने ही अपने पति के साथ मिलकर पत्रकार शुभम मणि त्रिपाठी की हत्या की साजिश रची […]

कुनबापरस्ती क्या सिर्फ बॉलीवुड या टीवी इंडस्ट्री में ही है.?

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-सुनील कुमार।। अभिनेता सुशांत राजपूत की खुदकुशी के बाद से लगातार सोशल मीडिया पर लोग मुम्बई के टीवी और फिल्म उद्योग को कोस रहे हैं, वहां पर चल रहे भाई-भतीजावाद, बेटा-बेटीवाद को गालियां दे रहे हैं, और सोशल मीडिया से परे भी फिल्म-टीवी उद्योग के कुछ बड़े चेहरे इस दुनिया […]

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