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गडकरी की यह नई सोच देश में अग्निपथ से अधिक रोजगार दे सकती है..

गडकरी की यह नई सोच देश में अग्निपथ से अधिक रोजगार दे सकती है..

-सुनील कुमार॥ महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री और भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष रह चुके, आज के केन्द्रीय मंत्री नितिन गडकरी की कुछ बातें हैं जो उन्हें किसी भी दूसरे केन्द्रीय मंत्री से अलग दिखाती हैं। वे लगातार अपने विभाग के तहत सडक़-पुल बनाने, ट्रैफिक सुधारने, गाडिय़ों को पेट्रोल-डीजल से बैटरी की तरफ ले जाने की सकारात्मक बातें...

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धरती का स्वर्ग – कश्मीर बिल्कुल अनछुआ लेकिन प्राकृतिक सौंदर्य को अपने में समेटे कश्मीर का बूटा पथरी

धरती का स्वर्ग – कश्मीर बिल्कुल अनछुआ लेकिन प्राकृतिक सौंदर्य को अपने में समेटे कश्मीर का बूटा पथरी

-अनुभा जैन॥ अपनी यात्रा दौरान मैं श्रीनगर की निगीन झील में हाउसबोट में भी रही। लाजवाब शाकाहारी खाने, 24 घंटे केयरटेकर जैसी सुविधाओं के साथ मेरा हाउसबोट स्टे बेहद आरामदायक व मनोरंजक रहा। मेरा केयरटेकर राजू जो एक बंगाली अधेड़ उम्र का व्यक्ति था मेरी हर मदद के लिये तैयार रहता। शिकारा, एक छोटी नाव...

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निकम्मे भ्रष्ट अफसरों को कब तक ढोना जायज होगा?

निकम्मे भ्रष्ट अफसरों को कब तक ढोना जायज होगा?

-सुनील कुमार॥ रेलवे की खबर है कि मोदी सरकार ने रेल मंत्रालय के 19 अफसरों को जबरदस्ती वीआरएस दे दिया जिनमें 10 तो संयुक्त सचिव स्तर के अधिकारी थे। रेलवे ने पिछले 11 महीनों में 75 बड़े अफसरों को वीआरएस दिया है। इनके बारे में कहा गया है कि ये ईमानदारी से काम नहीं कर...

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बिना ऑनर वाले समाज में लोकप्रिय ऑनर-किलिंग

बिना ऑनर वाले समाज में लोकप्रिय ऑनर-किलिंग

-सुनील कुमार॥ हैदराबाद में अभी एक नए किस्म का लवजिहाद हुआ। लडक़ी मुस्लिम थी, और लडक़ा हिन्दू धर्म का दलित। दोनों ही गरीब भी थे, और कॉलेज में पढ़ते हुए मोहब्बत हुई, और लडक़ी के भाई की मर्जी के खिलाफ जाकर इन दोनों ने शादी कर ली। हिन्दुस्तान में आमतौर पर मुस्लिम लडक़े और हिन्दू...

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आदिवासियों पर सौ से अधिक शोधपत्र, लेकिन उनके जख्मों की हकीकत पर कितने.?

आदिवासियों पर सौ से अधिक शोधपत्र, लेकिन उनके जख्मों की हकीकत पर कितने.?

-सुनील कुमार॥ छत्तीसगढ़ में अभी राष्ट्रीय जनजातीय साहित्य महोत्सव चल रहा है। यह एक बड़ा कार्यक्रम है, और सरकार इसकी मेजबानी कर रही है। तीन दिनों तक लगातार लोग अपने शोधपत्र पढ़ेंगे, और सरकारी समाचार के आंकड़े बतलाते हैं कि सौ से अधिक शोधपत्र पढ़े जाएंगे। इसके अलावा मेजबान छत्तीसगढ़ अपने स्तर पर जनजातीय नृत्य...

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युवाओं को उन्मादी भीड़ बनने से रोकिए..

युवाओं को उन्मादी भीड़ बनने से रोकिए..

-रेशनलिस्ट अनिल॥ ये जो 15, 20, 25 साल के लड़के जो उन्मादी भीड़ का हिस्सा बनकर मस्जिद के सामने हनुमान चालीसा पढ़ने जाते है ये उनकी कहानी है। 2035 तक आते आते वो क्या बन जायेंगे ये देखिये। मोन्टी मध्यप्रदेश का है। उसे इस भीड़ का हिस्सा बनने में बहोत मजा आया। वो मस्जिद के...

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गरीब बाप का कंधे पर बेटी की लाश ढोना यानि लोकतंत्र की लाश ढोना..

गरीब बाप का कंधे पर बेटी की लाश ढोना यानि लोकतंत्र की लाश ढोना..

-सुनील कुमार॥ छत्तीसगढ़ का एक वीडियो कल से सोशल मीडिया पर तैर रहा था, और उसने देखने वालों को बड़ा विचलित भी कर दिया। स्वास्थ्य मंत्री टी.एस. सिंहदेव के अपने इलाके सरगुजा में एक सरकारी अस्पताल में सात साल की एक गरीब बच्ची गुजर गई। उसके शव को घर ले जाने के लिए जब कोई...

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देश को थूक और विष वमन से बचाने उठो हिंदुस्तानियों..

देश को थूक और विष वमन से बचाने उठो हिंदुस्तानियों..

-सर्वमित्रा सुरजन॥ सिकंदर और पोरस की कहानी अब भूलने का वक्त आ गया है, जहां एक हारा हुआ राजा, विजेता से बराबरी के व्यवहार की उम्मीद कर रहा था। अब सम्मान में नहीं अपमानित करने में बराबरी की जा रही है। माननीय मुख्यमंत्री जैसे शब्द थूक और झूठ में लिपटकर सुनो फलाने, सुनो ढिकाने तक...

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ज्ञान की बोली लगाता शिक्षा माफिया

-सर्वमित्रा सुरजन॥ राजन समिति ने कहा है कि नीट परीक्षा राज्य को स्वतंत्रता से पहले के समय में ले जाएगी, जहां छोटे शहरों और गांवों में केवल ‘नंगे पांव’ जरूरतों को पूरा करने वाले डॉक्टर उपलब्ध थे। जब समाज के कमजोर वर्गों से आने वाले छात्र नीट जैसी परीक्षा में पीछे रहेंगे तो इसका मतलब...

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किसान महापंचायत: देश की आत्मा के जागने की तस्वीर 

पिछले करीब 7 वर्षों से नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व वाली भारतीय जनता पार्टी की केन्द्र सरकार जनविरोधी नीतियों और योजनाओं की पर्याय बन चुकी है। प्रचंड बहुमत के कारण मिली शक्ति से उसमें अहंकार और हठधर्मिता का ऐसा मिश्रण बन गया है जो देश की जनता को तबाह कर रहा है। मोदी द्वारा उठाये जा...

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जलियांवाला झांकी है, पार्लियामेंट अभी बाकी है

-सर्वमित्रा सुरजन॥शहादत के तमाशे की ऐसी मिसाल दुनिया में शायद ही कहीं मिले। जर्मनी, रूस, जापान जैसे देशों के इतिहास भी अनेक विभीषिकाओं से भरे हुए हैं, लेकिन वहां उन स्थलों को इस तरह संभाल कर रखा जाता है, जिससे भावी पीढ़ियां इतिहास की गलतियों से सबक लेकर अपने भविष्य को बेहतर बनाएं। लेकिन भारत...

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आज़ादी और समानता के अधिकार पर जबर्दस्त प्रहार

एक ओर तो हम सम्प्रभु राष्ट्र के नागरिक होने के नाते हर तरह के अधिकार सुनिश्चित करने वाली देश की आजादी की अगले साल 75वीं सालगिरह मनाने जा रहे हैं और इसे यादगार अवसर मानकर केन्द्र सरकार भी अमृत महोत्सव की भव्य पैमाने पर तैयारियां कर रही है; वहीं दूसरी तरफ यह भी विडम्बना है...