Home ब्यूरोक्रेसी

Category: ब्यूरोक्रेसी

Post

एमपी में आईएएस हुआ व्यवस्था का शिकार..

-सुनील कुमार॥ मध्यप्रदेश में एक आईएएस अधिकारी को लेकर बड़ा विवाद चल रहा है। इस नौजवान अफसर के तेवर कुछ ऐसे हैं कि 4 बरस में उसका 9 बार तबादला हो चुका है, और उसके खिलाफ कई तरह की कार्रवाई भी सरकार कर रही है। दूसरी तरफ इस अफसर ने अपने बड़े अफसरों पर भ्रष्टाचार...

Post

विनोद दुआ को सम्मान मिलना चाहिए न कि संत्रास..

–राजेश बादल।। इन दिनों विनोद दुआ के खिलाफ भारतीय जनता पार्टी के एक प्रवक्ता की ओर से दर्ज कराई गई प्राथमिकी की चर्चा है। आरोप है कि अपनी तल्ख और बेबाक टिप्पणियों से उन्होंने इस पार्टी के नियंताओं को जानबूझ कर परेशान किया है। किसी भी सभ्य लोकतंत्र में असहमति के सुरों को दंडित करने...

Post

इस गुजरात विकास माडल का हासिल क्या है..

-अशोक कुमार पाण्डेय|| आखिर इस माडल के परिणाम भी बाक़ी जगहों पर लागू नव उदारवादी नीतियों के परिणामों से अलग कैसे हो सकते थे? मेनस्ट्रीम के 16 अप्रैल 2014 को छपे एक लेख “गुजरात : अ माडल आफ डेवलपमेंट” में प्रसिद्ध अर्थशास्त्री कमल नयन काबरा न केवल विकास और संवृद्धि (Growth) के अंतर को साफ़...

Post

लक्ष्मणपुर बाथे कांड में आये फैंसले को न्याय की जीत कैसे कह दें…

-दिनेश राय द्विवेदी|| लक्ष्मणपुर बाथे नरमेध के मुकदमे में पटना हाईकोर्ट का फैसला आ गया है. सब के सब 26 मुलजिम बरी हो गए. पूरा निर्णय पढ़ने के बाद इस नतीजे पर पहुंचा हूं कि इस निर्णय को न्याय की हत्या नहीं कहा जा सकता तो न्याय की जीत और न्याय भी नहीं कहा जा...

Post

मेरे संपादक, मेरे संतापक: घोड़े ने सवार को गिरा दिया…

मेरे संपादक, मेरे संतापक -10                                                         पिछली कड़ी पढ़ने के लिए यहाँ क्लिक करें.. -राजीव नयन बहुगुणा|| जे. एन. यू. के उन्मुक्त लेकिन शिष्ट वातावरण में गंगा ढाबे...

Post

मेरे संपादक, मेरे संतापक: वी बहुगुणा’ज़

मेरे संपादक, मेरे संतापक -9                                                             पिछली कड़ी पढ़ने के लिए यहाँ क्लिक करें.. -राजीव नयन बहुगुणा|| हेमवती नंदन बहुगुणा कार और ब्यूरोक्रेसी दोनों को तेज...

Post

नौकरशाही बन जाएगी अखिलेश सरकार की कब्रगाह

-अनुराग मिश्र|| उत्तर प्रदेश की कानून व्यवस्था को लेकर सवाल तो पिछले एक साल से खड़े हो रहे थे पर हर बार अखिलेश सरकार इसे विपक्ष और मीडिया की साजिश बताकर विषय से अपना पल्ला झाड लेती थे। लेकिन कहावत है की यदि किसी मर्ज दवा समय रहते न की जाये तो उस मर्ज को...

Post

अखिलेश सरकार कभी ईमानदार अधिकारियों को भी प्रोन्नति देगी..?

-अनुराग मिश्र || पिछले कुछ दिनों से सत्ता के केंद्र मुख्यमंत्री कार्यालय में हलचल काफी तेज है. सूचना आ रही है कि राज्य की अखिलेश सरकार कुछ आईपीएस व आईएएस अधिकारियों को इसी माह के अंत तक प्रोन्नति देने जा रही हैं. इस प्रोन्नति के संदर्भ में कहा जा रहा है कि ये विभागीय प्रोन्नति है जो...

Post

युपी पत्रकारिता के टॉप टेन दलालों की जल्द ही नकाब उतारूंगा

-कुमार सौवीर प्रभात त्रिपाठी ने फिर छेड़ा एक नया शिगूफा: लखनऊ: बड़े-बड़े पत्रकार नेताओं की कोशिशों के बावजूद हजरतगंज के सौंदर्यीकरण में 140 करोड़ रूपये की दलाली करने वाले पत्रकारों का चेहरा अभी तक सार्वजनिक नहीं हो पाया है, लेकिन खुद को दबंग बताने वाले एक पत्रकार ने आज आखिर इतना तो खुलासा कर ही...

Post

अध्यापक पात्रता परीक्षा में गलत क्या है?

-मनोज कुमार सिंह ‘मयंक’ || हमारे देश को आजाद हुए ६४ वर्ष से अधिक हो गए हैं,हमारे स्वतंत्रता सेनानियों ने पराधीन भारत में स्वतंत्र भारत का जो स्वप्न देखा था,हम उसके आस पास भी नहीं हैं|अपने अधिकारों और कर्तव्यों की कौन कहे,इन ६४ सालों में हम आज तक समग्र साक्षरता के मह्त्वाकांक्षी लक्ष्य को भी...

Post

क्या इसीलिए कांग्रेस को तोड़ डालना चाहते थे महात्मा गांधी..?

– अजीत कुमार पांडेय ।। मेरे दिमाग में बस एक ही सवाल घर किए जा रहा है कि हिन्दुस्तान के राजनेता सांसद या विधायक बनने के बाद उन्हीं पांच सालों में ऐसा कौन-सा धंधा कर डालते हैं जिसकी बदौलत उनकी संपत्ति एक लाख से कुलांचे मारकर एक लाख करोड़ या अरब तक पहुंच जाती है...