दिलचस्प हो रही है राजनीति, क्या भाजपा में अंदरूनी उठा-पटक की तैयारी है?

-संजय कुमार सिंह॥वैसे तो राजनीति जानने-समझने वालों के लिए पहली ही तस्वीर काफी है पर दूसरी तस्वीर भी कम नहीं है। पहली तस्वीर कल (शुक्रवार, 8 जनवरी को) सोशल मीडिया पर तरह-तरह के कैप्शन के साथ शेयर हो रही थी। पर सोशल मीडिया पर किसने किस टिप्पणी के साथ सबसे […]

नोटबंदी का नफा नुकसान बताए बगैर दिवंगत वित्त मंत्री की मूर्ति लग गई.!

उस दौरान पड़े छापों पर क्या कार्रवाई हुई कोई नहीं जानता.. -संजय कुमार सिंह॥नोटबंदी के बाद बरामद नए नोटों का स्रोत नहीं बताने वाली सरकार नए-पुराने मामलों में राजनेताओं के यहां छापे डलवा रही है और गालियां सुन रही है। गोल पोस्ट बदलकर नियम लागू कराने वाले वित्त मंत्री दिवंगंत […]

प्रचारकों की सरकार ने पत्रकारों के लिए डाला दाना..

हींग लगी ना फिटकिरी पत्रकारों को प्रचारक बना लिया.. साथी पत्रकारों के लिए काबिल पत्रकार भी प्रचारक बने हुए हैं.. -संजय कुमार सिंह॥पत्रकार साथी जोर-शोर से यह सूचना साझा कर रहे हैं कि केंद्र सरकार ने कोरोना के कारण असामयिक मृत्यु के शिकार हुए देश भर के पत्रकारों के परिजनों […]

मतलब की राजनीति के गुरू और द्वार में घुसे लोग..

-संजय कुमार सिंह॥प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी दो अक्तूबर 2015 को विजय घाट नहीं गए थे। अखबारों की खबरों के अनुसार राष्ट्रपति, उपराष्ट्रपति और कांग्रेस अध्यक्ष गए थे। लाल बहादुर शास्त्री के पुत्र और भाजपा नेता अनिल शास्त्री ने तब (भी) इसे खास महत्व नहीं दिया था। उन्होंने इसे प्रधानमंत्री का विकल्प […]

क्या कृषि अध्यादेश 2020 – नोटबंदी और जीएसटी जैसे उपायों से अलग है?

अगर सरकार पर भरोसा ही करना हो तो पुराने अनुभवों की सहायता क्यों न लें? -संजय कुमार सिंह॥प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के हर ‘बड़े’ काम का विरोध होता है (कश्मीर से धारा 370 खत्म करना अपवाद माना जा सकता है), प्रधानमंत्री उससे निपट नहीं पाते हैं, गोदी मीडिया के बावजूद उसकी […]

अधिकारों का ऐसा दुरुपयोग हुआ कि सुप्रीम कोर्ट के अधिकारों को चुनौती मिलने लगी..

-संजय कुमार सिंह॥ सुप्रीम कोर्ट की अवमानना के मामले में कॉमेडियन कुणाल कामरा का स्टैंड न सिर्फ बड़ी खबर है बल्कि उन वकीलों और वकालत के छात्रों के लिए सीख भी है जो कतिपय कम महत्वपूर्ण मुद्दों पर मुकदमा चलाने की अनुमति मांगते हैं। यह ठीक हो सकता है कि […]

महत्वपूर्ण मामलों को समय देने से क्या आकाश गिर पड़ेगा.?

-संजय कुमार सिंह॥यह संयोग ही है सुप्रीम कोर्ट ने छुट्टियों के दौरान जिस विशेष मामले पर सुनवाई कर व्यक्ति की आजादी का बचाव किया वही आजादी अगले दिन तार-तार होती नजर आई। बेशक, एक दूसरे व्यक्ति के मामले में। वैसे तो कानून के नजर में हर कोई बराबर है लेकिन […]

अर्नब की तरफ से तर्क और हाथरस मामले में बंद पत्रकार का दर्द

-संजय कुमार सिंह॥बार एंड बेंच डॉट कॉम के अनुसार अर्नब गोस्वामी की तरफ से वरिष्ठ अधिवक्ता हरीश साल्वे ने अदालत में कहा, मेरा स्पष्ट आरोप है कि जो मामला बंद हो चुका था उसे गलत इरादे से फिर खोला गया है। यह सत्ता में बैठे लोगों के खिलाफ कवरेज के […]

जनता के पैसे से आमजन का विरोध..

बात सरकारी वकीलों की, सरकारी पैसों से जनता का विरोध हो तो जनहित का क्या होगा.. -संजय कुमार सिंह।। इंडियन एक्सप्रेस में आज प्रकाशित एक खबर के अनुसार दिल्ली दंगे के मामले में गिरफ्तार जेएनयू के छात्र उमर खालिद को गिरफ्तारी का कारण तक नहीं बताया गया है और सरकारी […]

अर्नब गोस्वामी को हाईकोर्ट की फटकार..

बांबे हाईकोर्ट ने रिपब्लिक टीवी से कहा – आपको अपनी सीमाएं मालूम होनी चाहिए, सीमा पार मत कीजिएपीठ ने अधिवक्ता से कहा, अगर आपको सच्चाई का पता लगाने में इतनी ही दिलचस्पी है तो आपको अपराध प्रक्रिया संहिता को भी जानना चाहिए। कानून की जानकारी न होना कोई बहाना नहीं […]

शिकायत करने वालों के खिलाफ एफआईआर का पैटर्न

-संजय कुमार सिंह।।चिन्मयानंद के खिलाफ आरोप लगाने वाली पीड़िता अगर मुकर नहीं जाती तो क्या उसे न्याय मिलने की उम्मीद थी? इन मामलों को याद कीजिए। क्या यह एक पैटर्न नहीं है? अखलाक की हत्या हुई। घर के फ्रीज में गोमांस रखने की एफआईआर हुई। हत्या के अभियुक्तों को जो […]

लोयालुहान देश में फिर अचंभित हुआ अभियोजन..

-संजय कुमार सिंह।।पूर्व गृह – राज्यमंत्री और भाजपा नेता, चिन्मयानंद पर बलात्कार का लगाने वाली एलएलएम की छात्रा अपने आरोपों से मुकर गई है। 23 साल की छात्रा लखनऊ की विशेष अदालत में अपने सभी आरोपों से मुकर गई। इलाहाबाद हाईकोर्ट के आदेश पर लखनऊ के विशेष कोर्ट में इस […]

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