इतिहास भूलने वालों को वर्तमान भूला देता है, शिन्देजी!!

-प्रवीण गुगनानी|| केन्द्रीय गृह मंत्री सुशील शिंदे ने भारत पाकिस्तान के बीच होने वाली क्रिकेट श्रंखला को लेकर बड़ा  आश्चर्यजनक किन्तु दुखद व्यक्तव्य दिया है कि हमें अतीत को भूल जाना चाहिए और पाकिस्तान के साथ क्रिकेट खेलना चाहिए. क्रिकेट का खेल अपने स्थान पर है, खेल भावना भी अपने […]

प्रेम तो नरेन्द्र मोदी ने भी किया है !!!

praveen gugnani

  प्रेम केवल वह नहीं होता जो शशि और सुनंदा ने किया है..नरेन्द्र मोदी ने भी प्रेम किया है… भारत माता से किया है और जीवन पर्यन्त एक बार ही किया है….   –प्रवीण गुगनानी|| पिछले दिनों हिमाचल प्रदेश की चुनावी सभाओं में नरेन्द्र मोदी ने शशि थुरूर पर उन […]

दारूल उलूम के फतवे से स्थापित हो सकता है सौहाद्र का नया इतिहास

-प्रवीण गुगनानी|| गौवंश वध हमारें विशाल लोकतान्त्रिक देश भारत के लिए अब एक चुनौती बन गया है. देश में प्रतिदिन शासन प्रशासन के सामनें गौ वध और अवैध गौ तस्करी के मामलें न केवल दैनंदिन के प्रशासनिक कार्यों के बोझ और चुनौती को बढ़ातें हैं बल्कि सामाजिक समरसता, सौहाद्र और […]

दादा आप तो राष्ट्रपति भवन जाकर भी “प्रणब दा” ही रहे !!!

praveen gugnani

महामहिम जैसे शब्दों और औपनिवेशिक व्यवहार को समाप्त करने के आव्हान से एक नया वातावरण बनेगा !  राजनीतिज्ञों को लेनी होगी सीख और होना होगा जनतंत्र के अनुरूप                          अभी हाल ही में घटे घटनाक्रम में हमारें राष्ट्रपति श्री प्रणब मुखर्जी जी नें एक सार्वजनिक कार्यक्रम में उनकें सम्मिलित होने के […]

निर्मम और भावनाशून्य मनमोहन सिंह…

आखिर क्या हैं पैसे पेड़ पर नहीं उगते के निहितार्थ ? * अभावपूर्ण मध्यमवर्ग के लिए मनमोहनसिंह का उच्चवर्गीय, निर्मम व भावहीन भाषण * खाद के मूल्य, गरीबी, महंगाई, भ्रष्टाचार जैसे अनेक विषय क्यों दूर रहे मनमोहन सिंह के भाषण से!!!   घोर, घनघोर भौतिकता की ओर तेजी से बढती  […]

कृष्णा विभाजन की खुशी में बने मीनारे पाकिस्तान पर क्यों गए?

विदेशमंत्री बताएं पाकिस्तान को लेकर देश की आशंकाओं का क्या जवाब मिला?  पाकिस्तानी विदेशमंत्री हिना की जुबाँ पर यह सच आ ही गया कि “आतंकवाद उनके अतीत का मन्त्र था”    -प्रवीण गुगनानी|| पिछले दिनों अपने भारतीय विदेश मंत्री एस एम कृष्णा पाकिस्तान यात्रा से लौट आयें है. एस एम […]

भारतीय प्रधानमंत्री, अंतराष्ट्रीय मीडिया तथा शर्मसार होता आम भारतीय….

बेहुस्न बेपर्दा है तिरा खामोशां, बात सवालात मेरे बड़े नंगे है! तू क्या समझें अचकन तिरी बड़ी तंग और उस पर बख्तरबंद!!   प्रधानमन्त्री की चुप्पी दे रही कई सवालों को जन्म; लोकतांत्रिक, संसदीय मर्यादाओं को भी कर रही तार तार ..यह सब देख भारतीय हो रहे हैं शर्मसार…   स्वतन्त्रता […]

म.प्र. सरकार की तीर्थ यात्रा योजना: समीक्षा

हमारे देश में, हमारे पुराणों में और व्यवहारिक धरातल पर  हिंदु जीवन शैली में तीर्थ यात्रा  का बड़ा भारी महत्व है किन्तु आज के इस महंगाई और आर्थिक संघर्ष के विकट दौर में कई परिवार और उनके बुजुर्ग अपनी आशाओं के अनुरूप धनाभाव के कारण तीर्थ दर्शन नहीं कर पाते […]

माई एहा पूत जण जेहा दुर्गादास

13 अगस्त वीर दुर्गादास जयंती पर विशेष भारतीय इतिहास में वीर शिरोमणि दुर्गादास के नाम को कभी परिचय की आवश्यकता नहीं रही. मारवाड़ के इस वीरपुत्र और मातृभूमि पर अपने सम्पूर्ण जीवन को न्यौछावर कर देने वाले जुझारू यौद्धा को केवल मारवाड़ की धरती और सम्पूर्ण देश में फैले राठौर […]

सिक्खों पर हमला भारतीय अस्मिता से खिलवाड़..

-प्रवीण गुगनानी|| पिछले दिनों अमेरिका में वहाँ के एक नागरिक माइकेल पेज जो कि उत्तरी केरोलिना में फोर्ट ब्रेग्ग सैन्य प्रतिष्ठान में कार्यरत रहा था ने ६ प्रार्थनारत सिक्खों की नृशंस हत्या  कर दी. इस हमले में गुरूद्वारे के अध्यक्ष सतवंत कालका और तीस वर्षीय ग्रंथी प्रकाश सिंह भी मारे […]

लोमड़ी से ज्यादा चालाक पंवार का हर बयान बढ़ा देता है महंगाई…

भारत जैसे कृषि प्रधान और विशाल देश में जहां विश्व का हर पांचवां व्यक्ति निवास कर रहा हो उसे लेकर प्रत्येक गतिविधि महत्वपूर्ण और संवेदन शील हो जाती है. मानसून आधारित कृषि इस विश्व के दूसरे सबसे बड़ी जनसँख्या वाले देश भारत का मुख्य व्यवसाय व आजीविका का सबसे बड़ा […]

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