दीवाली पर चीनी माल का आर्थिक आक्रमण…

दीवाली पर हमारें धन को लील रहा चीनी ड्रेगन… “नुकसानदेह चीनी पटाखें और घातक प्लास्टिक से बनी झालरें और अन्य दीवाली के सामान कर रहें हमारें अर्थतंत्र और जनतंत्र को खोखला.” ये हालात तब हैं जब चीन का उत्पादन चीन में बन कर भारत आ रहा है किन्तु अब तो […]

पाकिस्तान के समक्ष निरंतर घुटने टेक रही भारत सरकार…

 पिछले दिनों पाकिस्तान के सन्दर्भ में दो घटनाएं हुई, इन घटनाओं के विषय में भारतीय जनमानस ठीक वैसी ही अपेक्षा कर रहा था जिस रूप में ये घटनाएं हुई है. घटना न. एक हमारें भारतीय प्रधानमन्त्री मनमोहन सिंग न्यूयार्क में पाकिस्तानी प्रधानमन्त्री नवाज शरीफ से मिलनें की तैयारी कर रहे […]

पिछले वर्ष की आठ घटनाएँ जिनसे पाक के हौसले बुलंद हुए: भाग-2

praveen gugnani

पाक द्वारा हमारें पांच सैनिकों की ह्त्या का दुस्साहस हमारी पिछली चुप्पियों का परिणाम है!!   दिसंबर, 2012 – पाक गृह मंत्री ने भारत आकर अनाधिकृत और अनावश्यक छेड़ा संवेदन शील मुद्दों को, और हम चुप रहे- भारत यात्रा पर आये पाकिस्तानी गृह मंत्री रहमान मलिक ने विवाद उत्पन्न करनें […]

पिछले वर्ष की आठ घटनाएँ जिनसे पाक के हौसले बुलंद हुए: भाग-1

praveen gugnani

पाक द्वारा हमारें पांच सैनिकों की ह्त्या का दुस्साहस हमारी पिछली चुप्पियों का परिणाम है!!   आज फिर भारत शोक संतृप्त है और शर्मसार भी! हैरान भी है और परेशान भी!! निर्णय के मूड में भी है और अनिर्णय के झंझावात में भी!!! पाकिस्तान की शैतानी सेना और आतंकवादियों की […]

शांति के नोबेल से सम्मानित आज भी अपनी भूमि से वंचित

विश्व के हाल ही के इतिहास के महान नेताओं का उल्लेख करना हो तो महात्मा गांधी, मार्टिन लूथर किंग, जार्ज वाशिंगटन, अब्राहम लिंकन, विंस्टन चर्चिल, केनेडी आदि नेताओं के बाद नेलसन मंडेला और दलाई लामा ही ऐसे व्यक्तित्व हैं जिनकों आज समूचा विश्व आदर भरी दृष्टि से देखता है. विश्व […]

ब्रिक सम्मेलन में चीन के सामनें क्यों मौन रहे मनमोहन?

praveen gugnani

पिछले दिनों हमारें प्रधान मंत्री मनमोहन सिंह ने डरबन में ब्रिक्स शिखर सम्मलेन में आये  चीन नव नियुक्त के राष्ट्रपति शी चिनफिंग से भेंट की. चीन में नेतृत्व परिवर्तन के बाद दोनों देशों के बीच यह पहला उच्च स्तरीय संपर्क है. इस बैठक के ठीक पूर्व राजनयिक दृष्टिकोण से दोनों […]

अफजल और कसाब की फांसी में अन्तर्निहित सन्देश को समझें देश!!!

praveen gugnani

पूरी दुनिया के लोकतंत्र के मंदिर भारतीय संसद पर हमलें के आरोपी, आतंकवादी मोहम्मद अफजल को अंततः फांसी दे ही दी गई. फांसी का निर्णय केंद्र मैं बैठी कांग्रेसी सरकार ने लिया तो अवश्य किन्तु इसके पीछे मानसिकता और विचार कौन सा चल रहा था यह विचार किया जाना आवश्यक […]

अपनी महत्वाकांक्षाओं के कारण याद आता है नितीश को गठबंधन धर्म

praveen gugnani

-प्रवीण गुगनानी|| गठबंधन की राजनीति का चलन भारत में पिछले दो दशकों से ही परवान चढ़ा है लेकिन जिस प्रकार से भारतीय राजनीति ने गठबंधन के सहारे ने नित नये अनुभवों का खट्टा मीठा स्वाद चखा है उससे लगता नहीं कि भारत में गठबंधन की राजनीति एक नया चलन है. […]

दामिनी का दमन पूर्ण अंतिम संस्कार आपातकाल नहीं तो और क्या है?

दामिनी के माता पिता को दबावपूर्वक ले जाकर पौ फटने के पहले ही दामिनी की चिता सजा देना और संस्कारों के विपरीत सूर्योदय के पूर्व अंतिम संस्कार का दबाव बनाना अघोषित आपातकाल नहीं तो और क्या है? –प्रवीण गुगनानी|| हमारे सभ्य समाज में जीने के अधिकार से क्रूरता पूर्वक वंचित […]

नरेन्द्र तोमर ने क्यों कहा “कार्यकर्ता भाव बना रहें” ?

-प्रवीण गुगनानी|| किसी भी समर को जीतनें या अभियान को सफल बनानें के लिए उसके नायक के साथ एक विश्वस्त साथी या मार्गदर्शक होनें का एक अलग ही महत्त्व होता है. पौराणिक काल से लेकर आजतक और श्रीराम हनुमान से लेकर महाभारत के कृष्ण अर्जुन तक न जानें कितनें ही […]

आखिर चाहता क्या है पाकिस्तान ?

praveen gugnani

पाकिस्तानी गृह मंत्री क्यों और क्या बोले बाबरी विध्वंस पर? तारों को सुलझानें नहीं बल्कि उलझानें आयें थे रहमान मलिक!! -प्रवीण गुगनानी|| भारत पाकिस्तान के साथ अपनें सम्बन्धों को जिस प्रकार अपनी छलनी पीठ पर ढो रहा है वह यहाँ के नागरिकों, विभिन्न समाजों, राजनीतिज्ञों, नौकरशाहों और पत्रकार बंधुओं आदि सभी […]

माफ़ी क्यों मांगे नरेन्द्र मोदी??

गुजरात के चुनाव जैसे जैसे निकट आते जा रहें है एवं चुनावी समर की सरगर्मियां बढती जा रही हैं वैसे वैसे ही अनेकों विश्लेषण और विचार प्रकट हो रहें हैं विशेषता है तो केवल यह की कोई भी व्यक्ति, नेता, समाचारपत्र या चैनल द्वारा नरेन्द्र मोदी को दो तिहाई बहुमत […]

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