आज़म खान के विवादित बयानों का मंतव्य

मंत्री जी एक सामाजिक कार्यक्रम में आये और जैसी की उनसे अपेक्षा थी ठीक वैसा ही भाषण देकर, विवाद सा छेड़कर निकल लिए. उत्तर प्रदेश के केन्द्रीय मंत्री आज़म खान भाषण दें और बिना किसी विवादस्पद विषय के, विवादस्पद शैली के उनका भाषण समाप्त हो जाये ऐसा संभव नहीं होता […]

आमंत्रण के बहाने समूचे विश्व को सन्देश..

जिस दिन से नरेन्द्र मोदी के नाम की घोषणा भाजपा के प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार के रूप में हुई थी, उसी दिन से उन्हें आलोचनाओं का निशाना बनाया जा रहा है. कुछ लोगों ने देश छोड़ने की बात कही, कुछ लोगों की आँखों को उनका प्रधानमंत्री पद पर बैठना पसंद […]

मुलायम के बयान का मर्म मुस्लिम तुष्टिकरण ही है…

-कुमारेन्द्र सिंह सेंगर|| नेताओं की बदजुबानी हमेशा से चर्चा का विषय और विवाद की जड़ बनती रही है और विद्रपता ये कि इस बदजुबानी में बहुतायत में महिलाओं को निशाना बनाया जाता रहा है. कभी पुरानी बीवी के मजा न देने का बयान, तो कभी टंच माल का बखेड़ा. इधर […]

बाकी दलों के साथ-साथ आप भी चिंतन करे…

आम आदमी पार्टी ने अपनी उपस्थिति को सशक्त तरीके से दर्शाया है, उसके लिए वे बधाई के पात्र हैं लेकिन उनकी इस अप्रत्याशित उपस्थिति को भारतीय राजनीति के लिए शुभ कहना अभी जल्दबाजी ही होगी. पूरे घटनाक्रम पर एक विश्लेष्णात्मक दृष्टि डाली जाए तो स्पष्ट रूप से दिखेगा कि दिल्ली […]

निर्बाध दैहिक सुख प्राप्ति है लिव-इन-रिलेशन…

माननीय न्यायालय की टिप्पणी के बाद लिव-इन-रिलेशन फिर चर्चा में है. महिला मुक्ति के समर्थक ऐसे किसी भी विषय का समर्थन करते आसानी से दिख जाते हैं जहाँ से शारीरक संबंधों की बाध्यता से स्वतंत्रता मिलती दिखती हो जबकि संस्कृति की रक्षा का झंडा उठाये घूमते लोग ऐसे विषयों के […]

1984 नरसंहार : लूटमार, आगजनी में झुलसा उरई…

३१ अक्टूबर की रात होने से पहले ही हवाओं में इंदिरा गाँधी की हत्या की दुखद खबर तैरने लगी थी. पुष्ट-अपुष्ट खबरों के बीच लोगों में इस खबर को लेकर संशय बना हुआ था. संशय के साथ-साथ लोगों में एक अनजाना सा भय भी दिख रहा था. शाम को अपनी […]

आसाराम की हवस बुझाने का शिल्पी उर्फ़ संचिता गुप्ता करती थी इंतजाम…

धर्म के नाम पर देश की धर्मभीरु जनता के बीच स्वयंभू भगवान बन बैठे आसाराम एक नाबालिग लड़की के साथ यौन दुराचार के मामले में आरोपी हैं. इस आरोप में आसाराम जमानत न मिल पाने के कारण जेल की सलाखों के पीछे पहुँच गए हैं. अपने भक्तों के बीच भगवान […]

बेमुहुर्त चौरासी कोसी परिक्रमा से अपने-अपने हित साधने की जुगत…

उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा चौरासी कोसी परिक्रमा को रोकने की कवायद के बाद अभी तक शांति से बिना किसी जानकारी के होती आती परिक्रमा पर भी विवाद के बादल छा गए हैं. अब इसमें कोई दोराय नहीं कि आने वाले समय में रामजन्मभूमि मंदिर की तरह ये यात्रा भी विवादित […]

बुन्देली वीर आल्हा-ऊदल के शौर्य का प्रतीक कजली…

विन्ध्य पर्वत श्रणियों के बीच बसे, सुरम्य सरोवरों से रचे-बसे, नैसर्गिक सुन्दरता से निखरे बुन्देलखण्ड में ऐतिहासिकता, संस्कृति, लोक-तत्त्व, शौर्य-ओज, आन-बाण-शान की अद्भुत छटा के दर्शन होते ही रहते हैं. यहाँ की लोक-परम्परा में कजली का अपना ही विशेष महत्त्व है. महोबा के राजा परमाल के शासन में आल्हा-ऊदल के […]

कब तक राज़ रहेगें नेता जी सुभाष चन्द्र बोस की मृत्यु के तथ्य…

-डॉ. कुमारेन्द्र सेंगर|| इस देश में ही क्या, समूचे विश्व में सुभाष चन्द्र बोस के अतिरिक्त शायद ही कोई व्यक्ति ऐसा होगा जिसकी मृत्यु पर आज तक संदेह बना हुआ है. इस संदेहास्पद स्थिति के साथ-साथ एक विद्रूपता ये है कि देश की आज़ादी के पूर्व से लेकर आज़ादी के […]

आय से अधिक संपत्ति के मामले में अब न्यायालय ही सहारा

राजनैतिक गलियारों में एक कथित डील होने की खबर मीडिया के माध्यम से सामने आई. नेताजी ने डील न होने के संकेत दिए किन्तु केंद्र सरकार के कदमों से डील होने जैसे संकेत मिले. सत्य क्या है ये तो डील का लाभ लेने वाले ही जानते हैं. स्थितियां, समस्या, सवाल […]

धनबल के चलते चुनावों की निष्पक्षता संदिग्ध

गोपीनाथ  मुंडे के लोकसभा खर्च सम्बन्धी बयान ने राजनैतिक हलकों में एक तरह का बवंडर खड़ा कर दिया है. इससे चुनाव में प्रत्याशियों द्वारा अंधाधुंध खर्च करने की मानसिकता की वर्तमान स्थिति ही उजागर हुई है. चुनाव आयोग पिछले कई वर्षों से चुनाव में काले धन के उपयोग को लेकर, […]

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