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भाजपा का चरित्रहीन चेहरा..

भाजपा का चरित्रहीन चेहरा..

सत्ता का मोह किसी शासक को नैतिकता के पैमाने पर कितना गिरा सकता है, इसका कालजयी उदाहरण महाभारत में दिया गया है। कुरु सभा में द्रौपदी के अपमान का प्रसंग संवेदनशील लोगों की रूह आज भी कंपा देता है। लेकिन क्या राजनेताओं में संवेदना खत्म हो चुकी है, नैतिक तौर पर वे खोखले हो चुके...

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चौकोने मुकाबले होंगे पंजाब में..

चौकोने मुकाबले होंगे पंजाब में..

-विनायक शर्मा॥ 2017 के पंजाब विधानसभा व 2019 के लोकसभा चुनाव तक अकाली-भाजपा एनडीए गठबंधन में एक साथ थे और 2012 तक तो सरकार बनने पर भाजपा  (पूर्व की जनसंघ) विधायक दल से ही उपमुख्यमंत्री बनाया जाता था। यहां यह उल्लेख करना आवश्यक है कि 2012 में गठबंधन की सरकार बनने पर 56 विधायकों वाली...

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सेक्स एजुकेशन पर गहरी बात कर गई दीपिका की ‘गहराइयां’

सेक्स एजुकेशन पर गहरी बात कर गई दीपिका की ‘गहराइयां’

-हिमांशु जोशी॥ ओटीटी पर फ़िल्म रिलीज़ होने के बाद से फिल्मों के लिए केन्द्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड सर्टिफिकेट की अहमियत कुछ ज्यादा नही रह गई है क्योंकि घर में बच्चों द्वारा मोबाइल पर क्या देखा जा रहा है, इसमें माता-पिता का नियंत्रण सीमित है। फ़िर भी ‘गहराइयां’ के दो दृश्य ऐसे हैं जिनके लिए फ़िल्म...

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माथे पर कील ठुकवा लेने के पीछे महिला की मजबूरियाँ..

माथे पर कील ठुकवा लेने के पीछे महिला की मजबूरियाँ..

-सुनील कुमार॥ पाकिस्तान की खबर आई है कि वहां तीन बेटियों की एक मां ने चौथी संतान बेटा पाने के लिए जादू के करिश्मे का दावा करने वाले अपने को पीर बताने वाले एक आदमी के झांसे में जान खतरे में डालने वाला काम किया है। दो इंच से लंबी एक कील को हथौड़े से...

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बिना हिंदी मीडिया देखे पढ़े एलन मस्क बोले..

बिना हिंदी मीडिया देखे पढ़े एलन मस्क बोले..

-सुनील कुमार॥ दुनिया की एक सबसे बड़ी और सबसे कामयाब टेक्नालॉजी कंपनी, टेस्ला के संस्थापक और आज अंतरिक्ष में पर्यटक भेजने से लेकर पूरी दुनिया में उपग्रहों का घेरा डालने वाले एलन मस्क दुनिया के सबसे अमीर इंसान भी हैं। उनकी कंपनी बैटरी से चलने वाली कारें बनाने वाली दुनिया की सबसे बड़ी कंपनी है,...

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देश को थूक और विष वमन से बचाने उठो हिंदुस्तानियों..

देश को थूक और विष वमन से बचाने उठो हिंदुस्तानियों..

-सर्वमित्रा सुरजन॥ सिकंदर और पोरस की कहानी अब भूलने का वक्त आ गया है, जहां एक हारा हुआ राजा, विजेता से बराबरी के व्यवहार की उम्मीद कर रहा था। अब सम्मान में नहीं अपमानित करने में बराबरी की जा रही है। माननीय मुख्यमंत्री जैसे शब्द थूक और झूठ में लिपटकर सुनो फलाने, सुनो ढिकाने तक...

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हिजाब के पीछे तो चेहरा है, प्रतिबंध के पीछे क्या है.?

हिजाब के पीछे तो चेहरा है, प्रतिबंध के पीछे क्या है.?

-सुनील कुमार॥ कर्नाटक का जो वीडियो सामने आया है वह पूरे हिन्दुस्तान और खासकर हिन्दू धर्म को मानने वाले लोगों के लिए भारी शर्मिंदगी का है कि किस तरह वहां मुस्लिम छात्राओं के हिजाब के खिलाफ साम्प्रदायिक ताकतों द्वारा भगवा-केसरिया दुपट्टा पहनाकर झोंक दिए गए हिन्दू छात्रों की भीड़ ने हिजाब पहनी एक अकेली मुस्लिम...

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संसद है, चुनावी मंच नहीं कि जुमलेबाजी चलेगी..

संसद है, चुनावी मंच नहीं कि जुमलेबाजी चलेगी..

सोमवार को लोकसभा और मंगलवार को राज्यसभा में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने जो कुछ कहा, उसे आधिकारिक भाषा में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर हुई चर्चा का जवाब कहा जाता है। लेकिन श्री मोदी के उद्बोधन में झूठ, तथ्यों का घालमेल, संवेदनहीनता, इतिहास की गलत व्याख्या और नेहरू-गांधी परिवार एवं कांग्रेस पार्टी के...

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भारत पर कलंक का इतिहास थूक से लिखा जा रहा है…

भारत पर कलंक का इतिहास थूक से लिखा जा रहा है…

-सुनील कुमार॥ हिन्दुस्तान में जब कभी यह धोखा होने लगे कि इससे घटिया शायद और कुछ नहीं हो सकेगा, उसी वक्त देश के बहुत से लोग इस खुशफहमी को एक चुनौती की तरह ले लेते हैं, और यह साबित करने लगते हैं कि उनके पहले का घटियापन तो कुछ भी नहीं था, असली माल तो...

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हिजाब बनाम भगवा गमछा..

हिजाब बनाम भगवा गमछा..

कर्नाटक ऐतिहासिक और सांस्कृतिक तौर पर काफी समृद्ध प्रदेश रहा है और इसकी राजधानी बंगलुरु देश के आईटी हब के तौर पर अपनी पहचान बना चुकी है। दुनिया की कई नामी-गिरामी कंपनियों के कार्यालय बंगलुरु में हैं और देश के युवाओं के लिए यह प्रदेश उनके उज्ज्वल भविष्य का केंद्र बन चुका है। मगर दक्षिणपंथियों...

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आंखें खोल देने वाली दो हिंसक घटनाएं घटी एक ही दिन में..

आंखें खोल देने वाली दो हिंसक घटनाएं घटी एक ही दिन में..

-सुनील कुमार॥ लोगों की जिंदगी मेें मोबाइल फोन की दखल इतनी अधिक बढ़ चुकी है कि उसके बिना जिंदगी की कल्पना नहीं की जा सकती। पिछले दो बरस में लॉकडाउन और ऑनलाईन पढ़ाई के चलते हुए बच्चों के हाथ में भी मोबाइल पहुंच गए हैं, और बहुत गरीब लोग भी अपने बच्चों की पढ़ाई को...

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खामोश हुई रुहानी सुहानी आवाज..

खामोश हुई रुहानी सुहानी आवाज..

‘जिस तरह कि फूल की ख़ुशबू या महक का कोई रंग नहीं होता, वो महसूस भर होती है, जिस तरह कि बहते हुए पानी के झरने या ठंडी हवाओं का कोई मसकन, या कोई घर-गांव या कोई वतन-देश नहीं होता, जिस तरह कि उभरते हुए सूरज की किरणों का या किसी मासूम बच्चे की मुस्कराहट...