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भगत सिंह से देवरस को ‘बचाने’ के लिए हेडगेवार ने हफ़्ते भर समझाया था..

भगत सिंह से देवरस को ‘बचाने’ के लिए हेडगेवार ने हफ़्ते भर समझाया था..

-शम्सुल इस्लाम।। आजकल RSS और उससे जुड़े संगठन भगत सिंह और तमाम दूसरे क्रांतिकारियों का नाम बड़े ज़ोर-शोर से लेते है, लेकिन हक़ीक़त यह है कि आज़ादी की यह क्रांतिकारी धारा जिस भारत का सपना देखती थी, RSS उससे बिलकुल उलट देखता है. भगत सिंह मज़दूरों का समाजवादी राज स्थापित करना चाहते थे और पक्के...

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हर तरफ पुलिस के मिजाज में है हिंसा..

हर तरफ पुलिस के मिजाज में है हिंसा..

-सुनील कुमार।। मध्यप्रदेश के झाबुआ में कॉलेज छात्रों को उनके सीनियर छात्र परेशान कर रहे थे, पीट रहे थे तो उन्हें यह खतरा था कि वे हॉस्टल लौटेंगे तो और मार खाएंगे। उन्होंने पुलिस से हिफाजत मांगी तो वह नहीं मिली। इस पर उन्होंने जिले के पुलिस अधीक्षक को फोन किया, और मदद मांगी कि...

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दान में केला एक और फोटो दर्जन भर दाताओं का..

दान में केला एक और फोटो दर्जन भर दाताओं का..

-सुनील कुमार।। चारों तरफ से बुरी खबरों के बीच चंडीगढ़ से एक अच्छी खबर आई है कि वहां पीजीआई से पहले जुड़े रहे किसी एक व्यक्ति ने अपना नाम उजागर किए बिना इस मेडिकल इंस्टीट्यूट को दस करोड़ रूपये दान किए हैं। समाचारों में बताया गया है कि इस पोस्ट ग्रेजुएट इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल एजुकेशन...

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जुल्म का अंधेरा, जमानत का उजाला..

जुल्म का अंधेरा, जमानत का उजाला..

हम जिस स्वतंत्रता का आनंद लेते हैं, वह संघर्ष का परिणाम है। भारतीय नागरिकों की स्वतंत्रता उनसे नहीं छीनी जानी चाहिए। ये बातें किसी राजनेता या कानून के जानकार ने नहीं कहीं हैं, बल्कि ये उद्गार हैं 9 बरस की मेहनाज़ कप्पन के। आजादी के जिस अमृतकाल को आज पूरे देश में प्रायोजित ढंग से...

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इराक में  राजनैतिक अराजकता और हिंसा..

इराक में राजनैतिक अराजकता और हिंसा..

इराक एक बार फिर राजनैतिक अस्थिरता और हिंसा के मुहाने पर आकर खड़ा हो गया है। सोमवार को इराक के प्रभावशाली नेता और शिया धर्मगुरु मुक्तदा अल सदर ने जब ये ऐलान किया कि वे राजनीति छोड़ेंगे हालांकि उनके आंदोलन से जुड़े मजहबी संस्थान खुले रहेंगे तो उनके समर्थक सड़कों पर उतर आए। अमूमन ऐसा...

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ताइवान- चीन और अमेरिका

ताइवान- चीन और अमेरिका

धरती के एक कोने पर चल रहे रूस और यूक्रेन युद्ध के कारण पूरी दुनिया का हिसाब-किताब गड़बड़ा गया है। सैकड़ों लोग अकाल मौत मारे गए हैं और लाखों जिंदगियों पर इस युद्ध का असर पड़ा है। और अभी ये नहीं पता कि इसका अंतिम परिणाम क्या होगा। पश्चिमी देशों, खासकर अमेरिका से उम्मीदें थीं...

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जिनकी जिंदगी न्यायव्यवस्था की लापरवाही और बेइंसाफी से तबाह, उनका इंसाफ क्या?

जिनकी जिंदगी न्यायव्यवस्था की लापरवाही और बेइंसाफी से तबाह, उनका इंसाफ क्या?

-सुनील कुमार॥हिन्दुस्तान के जिस उत्तरप्रदेश में राम बसते हैं, जहां की सरकार रामराज का दावा करती है, उस प्रदेश की एक खबर पिछली कई सरकारों के हाल को बताने वाली आई है। 1996 में उत्तरप्रदेश में राष्ट्रपति शासन लगा था, उसके बाद मायावती लौटकर फिर मुख्यमंत्री बनी थीं, उनके बाद कल्याण सिंह, रामप्रकाश गुप्ता, राजनाथ...

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भूख से लडऩे वालों की संपन्न सरहदों से लड़ाई खत्म करने की जरूरत..

भूख से लडऩे वालों की संपन्न सरहदों से लड़ाई खत्म करने की जरूरत..

-सुनील कुमार॥ अमरीका के कई सरहदी राज्यों में वैसे तो पड़ोस के देशों से लोगों की गैरकानूनी घुसपैठ चलती ही रहती है, लेकिन अभी कुछ घंटे पहले वहां के टैक्सास में एक बड़ी लॉरी लावारिस पड़ी मिली जिसके भीतर 46 लाशें पड़ी हुई थीं। जाहिर तौर पर ये गैरकानूनी तरीके से अमरीका में आए हुए...

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हैवानों से भरा समाज

हैवानों से भरा समाज

उत्तराखंड में हरिद्वार जिले के रुड़की से एक दिल दहलाने वाली खबर सामने आई है। यहां रात को चलती कार में छह साल की मासूम बच्ची और उसकी मां से सामूहिक बलात्कार का जघन्य अपराध किया गया है। पुलिस के अनुसार, रुड़की के पास मुस्लिम तीर्थस्थल पिरान कलियर से एक महिला अपनी छह साल की...

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हिन्दू बुलडोजरों का फुटपाथी इंसाफ..

हिन्दू बुलडोजरों का फुटपाथी इंसाफ..

-सुनील कुमार॥ उत्तरप्रदेश के चुनाव में बुलडोजर भी एक मुद्दा था, और सत्तारूढ़ मुख्यमंत्री आदित्यनाथ की तरफ से उनकी भाजपा ने बार-बार यह तर्क दिया कि अपराधियों के अवैध निर्माण पर बुलडोजर चलाए जाएंगे। उत्तरप्रदेश में भाजपा को जितनी बड़ी जीत मिली है, उसके चलते हुए योगी आदित्यनाथ मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह के मुकाबले...

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फैसलों में भागीदारी से बचा जा सकता है बहुत बड़ी ऐतिहासिक चूक से..

फैसलों में भागीदारी से बचा जा सकता है बहुत बड़ी ऐतिहासिक चूक से..

-सुनील कुमार॥ आज कांग्रेस पार्टी के भीतर चुनावी शिकस्त को लेकर दिख रही बेचैनी कोई नई बात नहीं है। दो बरस पहले जब पार्टी को लोकसभा चुनावों में उम्मीदों के खिलाफ जाकर बड़ी बुरी हार मिली थी तब भी यह बेचैनी शुरू हुई थी, और तब से अब तक जारी ही थी। लेकिन इसे पार्टी...

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बस्तर में बेकसूर आदिवासियों के कत्ल पर सरकार किसी भी पार्टी की रहे, रूख एक सा..

बस्तर में बेकसूर आदिवासियों के कत्ल पर सरकार किसी भी पार्टी की रहे, रूख एक सा..

-सुनील कुमार॥ छत्तीसगढ़ के बस्तर में बेकसूर और निहत्थे आदिवासियों की सुरक्षा बलों के हाथों मौत एक आम बात है। हर बरस कई ऐसे कत्ल होते हैं लेकिन चूंकि कातिल सरकारी वर्दीधारी रहते हैं, और वे लोकतंत्र को बचाने के नाम पर लोगों का कत्ल करते हैं इसलिए उस कत्ल को हत्या न कहकर नक्सल-संदेह...