/* */

आशीर्वाद को म्यूजियम बनाने का आइडिया काका को मैंने दिया था: दीप्ति नवल

Page Visited: 355
0 0
Read Time:4 Minute, 8 Second

मरहूम सुपरस्टार राजेश खन्ना के बंगले आशीर्वाद को लेकर एक के बाद एक नयी खबर आ रही है. उनके बंगले को म्यूजियम बनने की खबर के बाद लोग खुश हैं कि सुपरस्टार के घर को अब हर कोई देख पाएगा. लेकिन काका की इस ख्वाहिश के पीछे एक और राज है जो अब अभिनेत्री दीप्ति नवल ने जाहिर किया है. दीप्ति का कहना है कि आशीर्वाद को म्यूजियम बनाने का आईडिया उन्होने काका को दिया था.

दीप्ति नवल ने बताया कि वो जब फिल्मों में आईं भी नहीं थीं तब से राजेश खन्ना की फैन थीं. फिल्मों में आने के बाद उन्होने एक बार राजेश खन्ना से मिलने की इच्छा जाहिर की. जब राजेश खन्ना को दीप्ति नवल की इस इच्छा को बारे में बताया गया तो वो अपने लिंकिंग रोड के ऑफिस में उनसे मिलने के लिए राजी हो गए. जब काका दीप्ति नवल से मिले तो उन्होने बड़े ही रूड होकर दीप्ति से कहा कि उनके जैसी अभिनेत्रियां बॉलीवुड में अपना समय बर्बाद कर रही हैं. उनकी फिल्में आम इंसान देखता तक नहीं. थोड़ी देर बाद राजेश खन्ना ने दीप्ति से पूछा कि वो उनसे क्यों मिलना चाहती थीं. तब दीप्ति ने अपने द्वारा लिखी गई स्क्रिप्ट काका जी को दिखाई. उस स्क्रिप्ट की कहानी एक सुपस्टार के करियर के उतार-चढ़ाव पर आधारित थी जो उन्होने काका जी को ध्यान में रखकर लिखी थी.

राजेश खन्ना को वो स्क्रिप्ट बहुत पसंद आई और उन्होने दीप्ति से दोबारा मिलकर फिल्म के निर्माण को लेकर बातचीत करने को कहा. दीप्ति बहुत खुश हुईं और उन्होने काका जी से पूछा कि क्या वो उनके बंगले आशीर्वाद में आ सकती हैं. ज्ञात हो कि डिंपल के आशीर्वाद छोड़ने के बाद उस वक्त तक कोई और महिला उस बंगले में नहीं आती थी. लेकिन काका ने दीप्ति को घर पर आने की इजाजत दे दी.

फिर एक दिन दीप्ति ने राजेश खन्ना से पूछा “आप इस बड़े से बंगले के एक कोने में रहते हैं. इसका आप क्या करने वाले हैं? आप इसके एक भाग को म्यूजियम क्यों नहीं बना देते. इससे जतिन खन्ना से राजेश खन्ना तक का सफर तय करने की यादें भी सहेज के रखी जा सकेंगी.” काका को यह विचार बहुत पसंद आया. उसके बाद दीप्ति नवल और राजेश खन्ना लगभग हर रोज मिलते और उनके बीच बहुत अच्छी दोस्ती हो गई. लेकिन म्यूजियम का ये आईडिया दोनों के बीच एक सीक्रेट ही रहा.

दीप्ति ने एक लेखक को बताया “मुझे नहीं पता कि कौन यह खबर उड़ा रहा है कि आशीर्वाद को राजेश खन्ना की याद में म्यूजियम बनाया जाएगा बल्कि हम दोनों तो आशीर्वाद को ‘दि राजेश खन्ना म्यूजियम ऑफ हिन्दी सिनेमा’ के रुप में तब्दील करना चाहते थे. काका जी कहते थे कि यह हिन्दी सिनेमा को एक बेहतरीन कंट्रीब्यूशन होगा जिसने काका जी को बहुत कुछ दिया है. काका जी यह म्यूजियम अपने करियर के 100 साल पूरे होने के दौरान हिन्दी सिनेमा को देना चाहते थे.”

About Post Author

admin

मीडिया दरबार के मॉडरेटर 1979 से पत्रकारिता से जुड़े हैं. एक साप्ताहिक से शुरूआत के बाद अस्सी के दशक में स्वतंत्र पत्रकार बतौर खोजी पत्रकारिता में कदम रखा, हिंदी के अधिकांश राष्ट्रीय अख़बारों में हस्ताक्षर. उसी दौरान राजस्थान के अजमेर जिले के एक सशक्त राजनैतिक परिवार द्वारा एक युवती के साथ किये गए खिलवाड़ पर नवभारत टाइम्स के लिए लिखी रिपोर्ट वरिष्ठ पत्रकार श्री मिलाप चंद डंडिया की पुस्तक "मुखौटों के पीछे - असली चेहरों को उजागर करते पचास वर्ष" में भी संकलित की गयी है. कुछ समय के लिए चौथी दुनियां के मुख्य उपसंपादक रहे किन्तु नौकरी कर पाने के लक्खन न होने से तेईस दिन में ही चौथी दुनिया को अलविदा कह आये. नब्बे के दशक से पिछले दशक तक दूरदर्शन पर समसामयिक विषयों पर प्रायोजित श्रेणी में कार्यक्रम बनाते रहे. अब वैकल्पिक मीडिया पर सक्रिय.
Happy
Happy
0 %
Sad
Sad
0 %
Excited
Excited
0 %
Sleepy
Sleepy
0 %
Angry
Angry
0 %
Surprise
Surprise
0 %
Facebook Comments

Average Rating

5 Star
0%
4 Star
0%
3 Star
0%
2 Star
0%
1 Star
0%

प्रातिक्रिया दे

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.

%d bloggers like this:
Visit Us On TwitterVisit Us On FacebookVisit Us On YoutubeVisit Us On LinkedinCheck Our FeedVisit Us On Instagram