अनिल त्रिपाठी मानसिक यौन रोगी- अर्चना यादव

admin 7


फेसबुक का पता देकर अर्चना ने किया खुलासा

कुमार सौवीर की रिपोर्टिंग पर भी उठाये कड़े सवाल

मामले पर एकजुट हो रहे हैं हजारों स्‍वयंसेवी और सामाजिक कार्यकर्ता

-कुमार सौवीर||

लखनऊ: अर्चना यादव ने अब लखनऊ के प्रतिष्ठित पत्रकारों के चरित्र का खुलासा किया है। अपने पक्ष में अर्चना ने पत्रकार अनिल त्रिपाठी के लिए दावा किया है कि वे विद्रूप यौन-मानसिकता से ग्रसित हैं। और पिछले दिनों अनिल त्रिपाठी ने अपनी इसी मानसिकता के तहत ही उनके साथ अश्‍लील हरकत की थी। उधर इस मामले की रिपोर्ट लिखने के मामले में पत्रकार कुमार सौवीर पर भी पत्रकारिता में गुटबाजी और ऐसे शर्मनाक हादसों पर पीडि़तों के खिलाफ रहने का आरोप लगाया है। बहरहाल, अर्चना का दावा है कि इस मामले में हजारों स्‍वयंसेवी संस्‍थाओं और सामाजिक कार्यकर्ताओं को एकजुट किया जाएगा ताकि पत्रकारिता के नाम पर धंधा करने वाले कुत्सित लोगों का पर्दाफाश किया जा सके।

अनिल त्रिपाठी

बतातें चलें कि पिछले दिनों अर्चना यादव के अपने मेल पर कहा था कि अनिल त्रिपाठी और सतीश प्रधान नामक पत्रकारों ने उनके साथ अश्‍लील हरकतें की थीं। बाद में जब इन पत्रकारों की हरकतें सीमा से बाहर निकलने लगी तो तीन दिन पहले लखनऊ के विकासदीप भवन में अर्चना यादव ने चप्‍पलों से इन पत्रकारों को जमकर धुनाई की थी। गौरतलब है कि छत्‍तीसगढ के रायपुर से प्रकाशित दैनिक देशबंधु अखबार के रिपोर्टर के अनिल त्रिपाठी और सतीश प्रधान नॉर्थ ईस्‍ट स्‍टेट्समैन नामक संस्‍थान में विशेष संवाददाता के खिलाफ हैं। अनिल त्रिपाठी लखनऊ से युग जागरण नामक एक खबर का संचालन भी करते हैं। हालांकि अर्चना यादव ने आईजी और एसएसपी से इस मामले की शिकायत की थी और इन पत्रकारों के खिलाफ छेड़छाड़ जैसे गंभीर मामले पर कड़ी कार्रवाई की मांग की थी।

अपनी एक ताजा शिकायत में अर्चना यादव ने ऐसे पत्रकारों की करतूतों और उनकी गंदी व अश्‍लील गतिविधियों का खुलासा किया है। अर्चना ने कहा है कि अनिल त्रिपाठी केवल अर्चना के साथ ही नहीं, बल्कि सामाजिक तौर पर भी कुत्सित यौन-मानसिकता से ग्रसित हैं। अपने पक्ष में अर्चना ने अनिल त्रिपाठी के फेसबुक पर बने उनके एकाउंट का खुलासा किया है, जहां गंदी व अश्‍लील गतिविधियां संचालित की जाती हैं।  www.facebook.com/anil.aniltripathi.14 नामक इस फेसबुक एकाउंट पर अश्‍लील और अभद्र टिप्‍पणियां और बेहूदा अश्‍लील फोटोज पोस्‍ट किये गए हैं, इतना ही नहीं, बल्कि ऐसी साइटों का पता भी इस एकाउंट पर दर्ज किया गया है, जहां ऐसे हजारों-लाखों फोटोज उपलब्‍ध कराया जा सकता है। नजीर के लिए मौजूद है अनिल त्रिपाठी के एकाउंट की तस्‍वीर

अपने ताजा मेल में अर्चना ने लिखा है कि :–

घटना पर चर्चा का बाजार था गर्म.

कोई नहीं समझा व्यथित महिला का मर्म.

किसी के लिए था प्रहसन.

किसी को था मनोरंजन.

किसी की बनी सत्य-कथा.

व्यथित मन से लिख रही हूँ.

मैं भी ये व्यथा.

कुमार सौवीर जैसे शख्सीयत के पत्रकार द्वारा आज एक महिला द्वारा अपने शोषण/छेड़खानी जैसे गम्भीर आरोपों के प्रकरण को गुटबाजी की परिभाषा का नाम देकर कौन सी पत्रकारिता का

सतीश प्रधान

दायित्व निभा रहे हैं। मेरा सम्पूर्ण मीडिया परिवार से अपने साथ हुयी इस घटना से सहयोग की अपेक्षा की गयी है, स्वयं पत्रकार होने के नाते  मीडिया के लोग मेरे परिवार के सदस्य है। सतीश प्रधान द्वारा अपनी साफगाई में जिस तरह बयान देकर इसे किसी गुटबाजी का नाम दिया जा रहा है और कुमार सौवीर ने तो अपनी तरफ से किसी टोली को इंगित भी कर दिया। आप सभी मीडिया परिवार से मेरा अनुरोध है कि क्या किसी के कहने या भड़काने से कोई महिला ऐसा कार्य कर सकती है तो कुमार सौवीर बताये। विकास दीप काम्पलेक्स जहां यह घटना घटित हुयी सतीश प्रधान और अनिल त्रिपाठी की जुगल जोड़ी के कारनामों को बयान करने के लिये अनेक व्यक्ति मौजूद है।

अनिल त्रिपाठी की  facebook wall (anil anil tripathi) या (www.facebook.com/anil.aniltripathi.14) पर जाकर इस व्यक्ति की sexual मानसिकता का अंदाजा का पता किया जा सकता है।

आज जहां महिलाओं को देश निर्माण में बराबर का हक देने की बात कही जा रही है, वहीं दूसरी ओर उनका घर से बाहर निकलना भी मुश्किल हो गया है। आज यदि कोई महिला पत्रकार आगे बढ़ने की कोशीश करती है तो सतीश प्रधान और अनिल त्रिपाठी जैसे मानसिकता के लोगो की छेड़खानी का विरोध करती है वहीं कुछ वरिष्ठ और गरिमामीय पत्रकार इसे गुटबाज़ी का नाम देकर मामले को रफा दफा कर ऐसे व्यक्ति की हौसला अफजायी करते है।

मैं स्वयं एक पत्रकार हूँ अतः मैने समस्त  मीडिया परिवार को इस घटना से अवगत कराया और आप सबसे मेरी अपेक्षा है कि यदि आप में इनता साहस नहीं है कि इस घटना की निंदा कर सके तो इसे किसी घुटबाजी का नाम देकर ऐसे घृणित मानसिकता के लोगो को बचाने की साजिश न करे। यदि इनको अपने कृत्यों की सज़ा नही मिली तो भविष्य में किसी और परिवार की महिला के साथ ऐसी हरकत करने से पहले इन्हे सोचना पड़ेगा।

 

मैने पहले ही वरिष्ठ पुलिस अधिक्षक को अवगत कराया है कि सतीश प्रधान और अनिल त्रिपाठी द्वारा मुझे जान से मारने की धमकी दी गयी है एवं मुकदमा वापस लेने हेतु अनेक दबाव बनाये जा रहे है। यदि पुलिस एवं सरकार द्वारा शीघ्र कोई कार्यवाही नही की जायेगी तो इस देश की जनता से और आप सब मीडिया परिवार के सहयोग से ऐसे व्यक्ति को सज़ा दिलाने हेतु आन्दोलन किया जाएगा और आप सभी के मद्ध्यम से उन सभी स्वयंसेवी संस्थाओं और सामाजिक कार्यकर्ताओं का धन्यवाद देना चाहती हूँ जिन्होंने हज़ारों  की तादाद में एकत्रित होकर इस आन्दोलन को सफल बनाने हेत्रू लगातार फोन पर संपर्क बननाए रखे हुए हैं .

धन्यवाद


Archana Yadav

Reporter

LIVE TODAY

+918858942185/+918565958484

or join me at facebook–

www.facebook.com/ambiarchana.yadav

 

कुमार सौवीर
लो, मैं फिर हो गया बेरोजगार।
अब स्‍वतंत्र पत्रकार हूं और आजादी की एक नयी लेकिन बेहतरीन सुबह का साक्षी भी।
जाहिर है, अब फिर कुछ दिन मौज में गुजरेंगे।
मौका मिले तो आप भी आइये। पता है:-
एमआईजी-3, सेक्‍टर-ई
आंचलिक विज्ञान केंद्र के ठीक पीछे
अलीगंज, लखनऊ-226024
फोन:- 09415302520
Facebook Comments

7 thoughts on “अनिल त्रिपाठी मानसिक यौन रोगी- अर्चना यादव

  1. मिडिया लाइन में औरत और दौलत का चलन तो पुराना है पर ये तरीका गलत है ,,,,,निंदनीय ,अर्चना हम तुम्हारे साथ है

  2. मीडिया लाइन में सूरा और सुंदरी का चलन बड़ा ही पुराना है ,अर्चना को पूरा man milna chahiye

  3. बाई सब पाव लागु , अर्चना की अर्चना करने के बाद भी खोज की जरूरत क्या है सारा ज्ञान अपने कुए में ही क्युओ खर्चना अभी समुन्दर बहुत हे बाकी

  4. Miss Archana के साथ जो हुआ वो बेहद अफसोसजनक है . सतीश प्रधान और अनिल त्रिपाठी जैसे कुछ मानसिक रोगी इस क्षेत्र को बदनाम कर रहे हैं ।
    इन लोगो के लिए कठिन से कठिन कार्यवाही की जाए और इन्हे दंडित किया जाए ।

  5. अनिल त्रिपाठी जी दोनो को सक्त सक्त दण्ड दिया जाय देअस के जनता साथ गदारिय कर रहे हय किसी किमत पर छोडा न जाय

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.

Next Post

कश्मीर से कन्याकुमारी तक खुलेआम धज्जियां उड़ाई जा रही है...

-सुभाषनी अली सहगल|| मानवता की सबसे बड़ी त्रासदी भारत के अधिकांश घरों में बिना हल्दी के खाना नहीं पकता, लेकिन इस देश की कुछ औरतें ऐसी भी हैं जिन्हें हल्दी के रंग से ही नफरत है। बिना दाल के भोजन अधूरा है, लेकिन कुछ महिलाओं को पीले रंग की दाल […]
Facebook
escort eskişehir - lidyabet - macbook servis - kabak koyu
%d bloggers like this: