बीस लड़के सरे राह लड़की को जबरन कर रहे थे नग्न, भीड़ बनी तमाशबीन…

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क्या हमारा खून सफ़ेद हो चूका है जो सोमवार की रात असम के गुवाहाटी  के जी एस रोड पर सरे राह एक लड़की की इज्‍जत से खिलवाड़ किया गया मगर राह चलते लोग तमाशबीन बन खड़े रहे और 20 लड़के सरे आम उसे निर्वस्त्र करने में जुटे रहे. दुनिया के सामने यह वहशीपन यू-ट्यूब पर अपलोड वीडियो के जरिए आया. इसमें सरेराह एक लड़की के साथ करीब 20 लड़कों को छेड़खानी करते दिखाया गया है. लड़के अकेली लड़की को नग्न करने पर उतारू थे. यह सब आधा घंटा तक चलता रहा,  लेकिन वहां मौजूद किसी शख्‍स ने विरोध में एक आवाज तक नहीं निकाली. ताज्जुब तो इस बात का है कि किसी ने भी इस घटना की जानकारी पुलिस को नहीं दी. बाद में पुलिस तक इस घटना की जानकारी भी मीडिया के कुछ लोगों ने पहुंचाई.

पहचान लीजिए इन दरिंदों को, यदि इनमें से कोई कहीं दिख जाये तो तुरंत पुलिस को सूचित करें.

पुलिस ने भी पूरे मामले को बहुत हल्का लेते हुए लीपा पोती करने का प्रयास किया और कहा कि लड़की अपनी इच्छा से अपने बॉय फ्रेंड के साथ गयी थी. जबकि बाईस मिनट तक चलते रहे इस हादसे की शुरुआत में ही लड़की के बायफ्रेंड को मारपीट कर अलग थलग कर दिया गया था.

हमारे देश में ऐसी शर्मनाक घटना कोई पहली बार नहीं हुई है बल्कि इससे पहले भी कई बार हो चुकी है. 31 दिसंबर 2011 की रात गुड़गांव के होटल में नए साल के स्वागत की तैयारी जोरों पर चल रही थी. शराब और शबाब की मस्ती में डूबे हुए लोग बहके जा रहे थे. उसी समय कई लोग सड़क किनारे एक कपल को घेर कर बुरी तरह छेड़ने लगे. आने-जाने वाले मूकदर्शक बने रहे. नए साल की वजह से पुलिस की गश्‍त तेज थी और लड़की की किस्‍मत अच्‍छी थी कि वहां पुलिस आ गई और उसकी जान बची. ऐसी ही घटना नए साल के जश्‍न के दौरान मुंबई के मैरिएट होटल के बाहर भी घट चुकी है. देश के कई अन्य हिस्से भी ऐसे शर्मनाक कारनामों का केन्द्र बन चुके हैं जब किसी युवती को नग्न कर उसे घुमाया गया.

कुछ महीने पहले असम में ही आदिवासी महिलाओं द्वारा विरोध प्रदर्शन के दौरान भीड़ ने एक महिला को चपेट में ले लिया था. कुछ स्थानीय लोगों और व्यापारियों ने एक महिला को सरेआम पीटना शुरू कर दिया. उसके कपड़े फाड़ दिए गए. उसे नंगा करके दौड़ा-दौड़ा कर भीड़ ने पीटा. इस बार भी सब खामोश रहे.

मीडिया दरबार का अपने पाठकों से अनुरोध है कि यदि आपके सामने कोई ऐसी शर्मनाक घटना घट रही हो तो तमाशबीन बनने के बजाय उस निरीह लड़की को राक्षसों से बचाएं और यदि आपको लगे कि आप उस भीड़ से उस लड़की को बचाने में असक्षम हैं तो तुरंत पुलिस को सूचना दें और अपने मित्रों को फोन कर तुरंत घटना स्थल पर बुला कर अपना संख्याबल बढ़ाएं तथा पीड़ित की रक्षा करें.

देखें घटना का लाइव वीडियो:

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admin

मीडिया दरबार के मॉडरेटर 1979 से पत्रकारिता से जुड़े हैं. एक साप्ताहिक से शुरूआत के बाद अस्सी के दशक में स्वतंत्र पत्रकार बतौर खोजी पत्रकारिता में कदम रखा, हिंदी के अधिकांश राष्ट्रीय अख़बारों में हस्ताक्षर. उसी दौरान राजस्थान के अजमेर जिले के एक सशक्त राजनैतिक परिवार द्वारा एक युवती के साथ किये गए खिलवाड़ पर नवभारत टाइम्स के लिए लिखी रिपोर्ट वरिष्ठ पत्रकार श्री मिलाप चंद डंडिया की पुस्तक "मुखौटों के पीछे - असली चेहरों को उजागर करते पचास वर्ष" में भी संकलित की गयी है. कुछ समय के लिए चौथी दुनियां के मुख्य उपसंपादक रहे किन्तु नौकरी कर पाने के लक्खन न होने से तेईस दिन में ही चौथी दुनिया को अलविदा कह आये. नब्बे के दशक से पिछले दशक तक दूरदर्शन पर समसामयिक विषयों पर प्रायोजित श्रेणी में कार्यक्रम बनाते रहे. अब वैकल्पिक मीडिया पर सक्रिय.
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13 thoughts on “बीस लड़के सरे राह लड़की को जबरन कर रहे थे नग्न, भीड़ बनी तमाशबीन…

  1. इन कुत्तो को आजीवन करावश हो जनि चाहिए बस ये ही इनकी सजा ह
    कमल की बात तोह ये ह की भा पैर इंसान खड़े थी या जनबर जो किशी ने कुछ नहीं कहा ,काश मैं भैन हूट माँ कसम एक दो को तोह जान से मार हे देता चाहे मुझे फस्शी हो जाती

  2. मुझे तो हिन्दुओं के इस्श्वर पर गुसा अत है वो सब देखते रहता है निर्दोस लोगों की रक्षा नहीं करता कहते हैं न इश्वर की मर्जी के बिना पत्ता तक नहीं हिलता तो ये सब इश्वर की मर्जी से हो रहा है तो ये लड़के व् वे लोग कम दोसी हैं ज्यदा दोसी है हिन्दुओं का काल्पनिक इस्श्वर लगता है उसकी आंखे ही फूट गई हैं व लंगड़ा , लूला बहरा गुणगा भी हो गया है लड़की की चीखें तक नहीं sun पाया . फिर भी लोग अंध विश्वास में अंधे बन रहे हैं अपनी रक्षा खुद करो . अगर अपने तन मन स्वाभि मन की रक्षा नहीं कर सकते तो डूब मरो कोई इस्श्वर आपकी मदद कभी नहीं करेगा क्योंकि वो है ही नहीं .

  3. जो लोग लड़की के साथ बदसलूकी कर रहे थे ..उनकी माँ ,बहन एवं जिसकी पत्नी हो उनसे पूछा जाए की आपके .. लड़के /भाई/पति ..ने जो कार्य किया क्या वह सही हैं. |या गलत है तो उसके लिए क्या सजा दी जाए |और अगर उस लड़की की जगह उन लोगो की माँ बहन या पत्नी को कोई सरेआम निर्वस्त्र करे तब क्या वो देखते रहेंगे |उन तस्वीरों में तो कई चेहरे ऐसे हैं जिनकी तो सायद उस लड़की के बराबर उनकी भी कोई लड़की होगी माने पिता के सामान

  4. असम में लड़की के कपड़े फाड़ने की बात पर इतने सारे लेख लिखे जा रहे हैं ….मानता हूँ की बुरा हुआ पर ये तो मात्र कुछ गुंडों का काम था ….ये घार्णित कर्त्य व्यक्तिगत था जिससे समाज नही टूटेगा पर जो घटना बिहार में हुई उसका असर ज़रूर समाज के एक हिस्से पर पड़ेगा |

    देखिए ना. भा. टा पर आज छपी खबर ..

    मंदिर में दलित महिला से मारपीट
    सड़क ही क्यों, भगवान के दरबार में भी महिलाएं सुरक्षित नहीं हैं। बिहार के बेगुसराय जिले में मां दुर्गा की पूजा करने पर अड़ी दलित महिला को कुछ दबंगों ने जमकर पीटा। पहले तो दबंगों ने उसे मंदिर में घुसने से रोका और पूजा करने से मना किया, लेकिन जब महिला मंदिर में घुसने की कोशिश करने लगी तो सरेआम पिटाई शुरू कर दी।

    महिला के पिता को जब इस बात की खबर लगी तो वह भी मौके पर पहुंचे लेकिन अगड़ी जाति के लोगों ने उनके साथ भी वही सुलूक किया, जो उनकी बेटी के साथ किया गया था। घटना के बाद पीड़ित दलित महिला ने थाने में जाकर रिपोर्ट दर्ज कराई। पुलिस ने मामला तो दर्ज कर लिया, लेकिन कार्रवाई के नाम पर अब तक कुछ नहीं किया। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच के बाद कार्रवाई की जाएगी।

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