अपनी कोख में पल रहे सात माह के कन्या भ्रूण को मार कर बनाया कुत्तों का निवाला….

admin 14
0 0
Read Time:4 Minute, 33 Second

क्या एक माँ इतनी बेरहम हो सकती है कि अपनी कोख में सात माह से पल रहे भ्रूण को खुद ही मार डाले. जी, हाँ, राजस्थान के अजमेर जिले में देवगांव गांव  की एक मां ने खुद की कोख में पल रही बेटी को जन्म देने से पहले ही मार डाला. मां इतने पर ही नहीं मानी. उसके बाद उसने कोख से बाहर निकले भ्रूण को गांव के सुनसान क्षेत्र से निकलते नाले में डाल दिया. जहां सात माह के कन्या भ्रूण को कुत्ते अपना निवाला बनाते रहे. केकड़ी पुलिस ने कन्या के भ्रूण का पोस्टमार्टम कर अंतिम संस्कार के बाद मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है.
मिली जानकारी के अनुसार देवगांव ग्राम के रेगर मौहल्ले के पीछे खाल्या के निकट कालूराम रेगर के खेत में तौलिये में लिपटी कन्या का भ्रूण थैली में बंद पड़ा था. जिसे कुत्ते इधर-उधर घसीट कर नोच रहे थे.
शुक्रवार सुबह कुछ ग्रामीणों ने देखकर ग्राम पंचायत सरपंच करणजीत सिंह को सूचना दी. सूचना मिलते ही सरपंच ने मौके पर पहुंच कर केकड़ी पुलिस को मामले की जानकारी दी. इस पर एएसआई शंकरलाल व बघेरा चौकी प्रभारी गणोशलाल व्यास मौके पर पहुंचे. जहां से  कन्या का भ्रूण अपने कब्जे में लेकर वे केकड़ी लाए. भ्रूण का पोस्टमार्टम करवाकर पुलिस ने ही उसका अंतिम संस्कार भी कराया.
कन्या भ्रूण हत्या के खिलाफ अभिनेता आमिर खान द्वारा ‘सत्यमेव जयते’ सीरियल के द्वारा निरंतर जनचेतना जगाने के अभियान में लगे हुए हैं. पिछले दिनों इसी मुद्दे पर राज्य के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत से मिलकर उन्होंने राजस्थान में हो रही कन्या भ्रूण हत्या के प्रति चिंता जाहिर की थी.
जिसके बाद मुख्यमंत्री कार्यालय से चिकित्सा विभाग के अधिकारियों को पैनी नजर रखने के निर्देश देते हुए ऐसे मामले में स्थानीय प्रशासन व आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की जिम्मेदारी तय की थी. लेकिन जागरूकता अभियान के बावजूद कोख में कत्ल की घटनाएं नहीं रुक रहीं. क्षेत्र में इससे पूर्व भी सुनसान इलाकों में जख्मी हालत में भ्रूण मिल चुके हैं.
देवगांव में कन्या भ्रूण हत्या मामले में देवगांव के सभी आंगनबाड़ी केन्द कार्यकर्ताओं, उपस्वास्थ्य केन्द्र के कर्मचारियों एवं अन्य चिकित्सा क्लीनिकों के स्टाफ से कड़ी पूछताछ कर रिकॉर्ड खंगाला गया. देवगांव में पांच माह से ज्यादा की गर्भवती महिलाओं की सूची पुलिस प्रशासन ने मांगी है. आगंनबाड़ी केन्द्र प्रथम द्वारा नौ, द्वितीय पर 10, तृतीय पर 12 व चतुर्थ पर छह गर्भवती महिलाओं की सूची प्रशासन को सौंपी गई है.
गोविन्द सिंह चारण, सीआई पुलिस थाना केकड़ी कहते हैं कि ‘थाने में मामला दर्ज करने के बाद अनुसंधान जारी है. कन्या का पोस्टमार्टम करवाने के बाद डीएनए टैस्ट के लिए भेज दिया गया है.’ वहीँ करणजीत सिंह राठौड़, सरपंच देवगांव का कहना है कि ‘देवगांव में कन्या भ्रूण हत्या का मामला सामने आया है. पुलिस थाने में मुकदमा दर्ज करा दिया है. दोषी के खिलाफ कड़ी कार्यवाही करवाई जाएगी. यह कृत्य घिनौना है और देवगांव वासी ऐसे कृत्य कि घोर निंदा करते हैं.’

About Post Author

admin

मीडिया दरबार के मॉडरेटर 1979 से पत्रकारिता से जुड़े हैं. एक साप्ताहिक से शुरूआत के बाद अस्सी के दशक में स्वतंत्र पत्रकार बतौर खोजी पत्रकारिता में कदम रखा, हिंदी के अधिकांश राष्ट्रीय अख़बारों में हस्ताक्षर. उसी दौरान राजस्थान के अजमेर जिले के एक सशक्त राजनैतिक परिवार द्वारा एक युवती के साथ किये गए खिलवाड़ पर नवभारत टाइम्स के लिए लिखी रिपोर्ट वरिष्ठ पत्रकार श्री मिलाप चंद डंडिया की पुस्तक "मुखौटों के पीछे - असली चेहरों को उजागर करते पचास वर्ष" में भी संकलित की गयी है. कुछ समय के लिए चौथी दुनियां के मुख्य उपसंपादक रहे किन्तु नौकरी कर पाने के लक्खन न होने से तेईस दिन में ही चौथी दुनिया को अलविदा कह आये. नब्बे के दशक से पिछले दशक तक दूरदर्शन पर समसामयिक विषयों पर प्रायोजित श्रेणी में कार्यक्रम बनाते रहे. अब वैकल्पिक मीडिया पर सक्रिय.
Happy
Happy
0 %
Sad
Sad
0 %
Excited
Excited
0 %
Sleppy
Sleppy
0 %
Angry
Angry
0 %
Surprise
Surprise
0 %
Facebook Comments

Average Rating

5 Star
0%
4 Star
0%
3 Star
0%
2 Star
0%
1 Star
0%

14 thoughts on “अपनी कोख में पल रहे सात माह के कन्या भ्रूण को मार कर बनाया कुत्तों का निवाला….

  1. Aurat hi ni wo mard b sala madarchod hota hai… (Gali k liye sory) jo aurat ko apne jaal me fasakar cheating karta hai.. Wo mard ni sala hijda hota hai…

  2. she must be fedup with her own life..only fear and frustration drive one person to behave in such a manner..

  3. मेरे समझ में जो कुछ समझ में आता उसके मुताबिक कन्या भूर्ण हत्या रूक ही नही सकता ,जो लोग इसके अगुआ की भूमिका निभाते नज़र आते है वाही प्रत्यक्ष या परोक्ष रूप से इसका बढ़ावा भी देते नज़र आते है ,नारी शाश्क्तिक्रण महज एक धोखा व् मजाक है ,इसके लिए महिलाओ को आत्मबल के साथ जोरदार विरोध करना पड़ेगा अन्यथा महिलाओ के नाम कलंक टिका लगता ही रहेगा.यथोचित सधन्यवाद /.

  4. यहाँ तो माता ही कुमाता निकली ,ऐसी स्त्रियों को कठोर दंड मिलना चाहिए

  5. कन्या भ्रूण हत्या रोकने देश की लड़कियां ही निर्णायक भूमिका निभा सकती हैं…..अगर लड़कियां सोचं ले कि हम ऐसा कोई काम नहीं करेंगे जिसकी वजह से हमारे माता पिता और परिवार को समाज मे बेइज्जती का सामना करना पड़े…..और लड़कियों कि वजह से अगर माता पिता और परिवार को समाज और सोसायटी मे सम्मान मिलना शुरू हो जाये तो स्थिति बदल सकती है…….और माँ बाप भी अपनी जिम्मेदारियां समझें लड़कियों को अच्छी शिक्षा दिलायें….जिम्मेदारी का अहसास लड़कों से ज्यादा लड़कियों मे होता है…..

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.

Next Post

मनमोहन सिंह ने उम्र भर कमाई साख और गंवा दी तीन सालों में...

प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने जिंदगी भर कि मेहनत से अपनी जो साख बनाई थी, उसे यूपीए-2 के महज तीन साला शासन में खो दिया है और विश्व भर में इसे लेकर तीखी प्रतिक्रियाएं हो रही है. कुछ माह पहले गुजरात के सीएम नरेंद्र मोदी को ‘चतुर राजनेता’ करार देने वाली […]
Facebook
%d bloggers like this: