विधायक निधि से अब नहीं खरीदी जा सकेगी कार…

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अखिलेश सरकार पहले तो उलूल जुलूल फैसले लेती है और जब इन उलटे सीधे फैसलों के कारण उसकी भद्द उड़ती है तो इन फैसलों को वापिस ले लेती है. पहले शॉपिंग मॉल्‍स को सात बजे तक बंद करने के फैसले से पलटी खाने वाली सपा सरकार अब बीस लाख तक की गाड़ी खरीदने के फैसले से 24 घंटे के अंदर ही पलट गई है.

उत्तर प्रदेश में विधायक अब 20 लाख तक की कार नहीं खरीद पाएंगे.  भारी विरोध के बाद प्रदेश की सपा सरकार ने अपने फैसले को पलट दिया है. कल ही सरकार ने फैसला किया था कि विधायक गाड़ी खरीदने के लिए क्षेत्र विकास निधि से रकम ले सकेंगे. मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने मंगलवार को विधानसभा में यह घोषणा की थी. जिसके बाद विपक्षी विधायकों ने सपा सरकार के इस प्रस्ताव का विरोध किया और सरकार को बुधवार को झुकना पड़ा.सपा के वरिष्‍ठ नेता मोहन सिंह कहते हैं कि “कुछ फैसले गलत हो जाते हैं. गाड़ी खरीदने का फैसला भी उनमें से एक है. लेकिन सरकार ने तुरंत इसे समझा और फैसले को वापस लिया. यह स्‍वागतयोग्‍य कदम है.” गौरतलब है कि मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने कहा था कि क्षेत्र विकास निधि से चार पहिया वाहन खरीदने के लिए पांच साल में एक बार ही राशि ली जा सकेगी. कार्यकाल पूरा होने के बाद अपने पास कार रखने के लिए विधायक को इसके पैसे जमा कराने होंगे. यदि वे पैसा जमा नहीं करते तो गाड़ी सरकार को सौंपनी होगी.

इससे पहले सपा सरकार ने कहा था कि प्रदेश में बिजली की कमी होने के कारण सभी शॉपिंग मॉल्‍स सात बजे तक बंद करा दिए जाएंगे। लेकिन इसका भी पूरे प्रदेश में विरोध हुआ और सरकार को अपने कदम पीछे करने पड़े।

जो भी हो, इन दोनों फैसलों को लेने और फिर इन फैसलों को वापिस लेने से अखिलेश सरकार की अपरिपक्वता जग जाहिर हो गयी है.

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मीडिया दरबार के मॉडरेटर 1979 से पत्रकारिता से जुड़े हैं. एक साप्ताहिक से शुरूआत के बाद अस्सी के दशक में स्वतंत्र पत्रकार बतौर खोजी पत्रकारिता में कदम रखा, हिंदी के अधिकांश राष्ट्रीय अख़बारों में हस्ताक्षर. उसी दौरान राजस्थान के अजमेर जिले के एक सशक्त राजनैतिक परिवार द्वारा एक युवती के साथ किये गए खिलवाड़ पर नवभारत टाइम्स के लिए लिखी रिपोर्ट वरिष्ठ पत्रकार श्री मिलाप चंद डंडिया की पुस्तक "मुखौटों के पीछे - असली चेहरों को उजागर करते पचास वर्ष" में भी संकलित की गयी है. कुछ समय के लिए चौथी दुनियां के मुख्य उपसंपादक रहे किन्तु नौकरी कर पाने के लक्खन न होने से तेईस दिन में ही चौथी दुनिया को अलविदा कह आये. नब्बे के दशक से पिछले दशक तक दूरदर्शन पर समसामयिक विषयों पर प्रायोजित श्रेणी में कार्यक्रम बनाते रहे. अब वैकल्पिक मीडिया पर सक्रिय.
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11 thoughts on “विधायक निधि से अब नहीं खरीदी जा सकेगी कार…

  1. mahendra ji congress ne kya vikash kiya hai……………bata do,…………..bhai…………………sale pure desh ko khokhla kr ke rakh diya hai………………..aur iski baat krte hai to bhaiya ye baccho jaisi harkat kr raha hai ………….inse bhi hume koi ummid nahi hai…………dost…………..

  2. bhai…………….ye to bacche jaisi harkat kr raHA hai…………………kul mila kr asani se paya hai na ……….itne badi jagh isko to wright ya rong hi samjh nahi aa raha hai………………………bhagwaan isko buddhi do……………..nahi to up ka auns bhi nahi bachega…………………..

  3. up ki janta n aapko ek moka dekar dekha magar aap to bhaya janta k paise mai send lagna chate hai aapki soch parepakwv nahe hai or aap fail ho gaye ab to up ki janta ko samaj jana chahiye ki congres des mai vikash karate hai or aaneya dul sirf apne or onke logo k bare mai sochte hai

  4. UNHONE SOCHA TO BAHOT SAHI THA PAR YE CHEJ OR CHEJO KI WAJHA SE LOGIC ME NI ATI… WARNA YAHA TO SHAB IN BADE LOGO KO FAYADA POHCHANE ME LAGE H , REALY TO LIGHT KISHANO KO JADA MILNI CHAHIE UNKE LIE TO KOI WIRODH NI KARTA..OR MAHNGI GADIYA TO POORI LIFE CIVIL SERVICE KARNE WALO KI B RESTRICTED H, OR POLETETION KO SABHASHAD SE LEKAR UPAR TAK 5 YEAR KE ITNE LIMITED TIME ME 1 SE JADA GADIYA B ALLOW HO RI H…..

  5. नया नया छोरा है जी..वो भी मुलायम सिंह यादव का!उछल-कूद तो करेगा ही! फिर लाईन पर आ जायेगा! एक-दो गलतियों के लिए बक्श दीजिये!

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