क्या राहुल गांधी अफगानिस्तान की राजकुमारी से प्यार करते हैं?

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क्या कांग्रेस के महासचिव राहुल गांधी अफगानिस्तान की राजकुमारी से प्यार करते हैं? ‘द संडे गार्जियन’ में छपी रिपोर्ट को सही मानें तो ऐसा ही है। रिपोर्ट में राहुल गांधी का नाम अफगानिस्तान के पूर्व शासक मोहम्मद जहीर शाह की पोती से जोड़ा गया है। लेकिन रिपोर्ट में अफगानी राजकुमारी का नाम नहीं दिया गया है। मशहूर पत्रकार एमजे अकबर के साप्ताहिक अखबार ‘द संडे गार्जियन’ ने यह दावा भी किया है कि अफगानी राजकुमारी ने धर्म परिवर्तन करते हुए ईसाई धर्म भी स्वीकार कर लिया है। अखबार का दावा है कि यह जोड़ा रविवार को सोनिया गांधी के आवास पर आयोजित होने वाली प्रार्थना सभा होम चैपल में भी साथ-साथ हिस्सा ले चुका है।

वेरोनिका और राहुल गांधी

लेकिन यहां सवाल उठता है कि अगर यह खबर सही है तो क्या राहुल गांधी वेरोनिका को भूल गए? गौरतलब है कि स्पैनिश मूल की वेरोनिका के साथ राहुल का नाम पहले से जुड़ता रहा है। 1999 के विश्व कप के दौरान दोनों की तस्वीरें सामने आई थीं, जिसके बाद दोनों के ‘करीबी’ रिश्तों को लेकर कयास लगाए जाते रहे हैं।

रिपोर्ट के मुताबिक, 42 साल के राहुल गांधी और अफगानी राजकुमारी को दिल्ली के अमन होटल में साथ-साथ देखा जा सकता है। दोनों इस होटल में अक्सर आते हैं। राहुल गांधी होटल के फिटनेस सेंटर में काफी वक्त बिताते हैं।’ अफगानी राजकुमारी के दादा जहीर शाह ने 1933 से लेकर चार दशकों तक अफगानिस्तान पर राज किया। 1973 में उनके ही चचेरे भाई मोहम्मद दाऊद खान ने उनका तख्तापलट कर दिया। इसके बाद जहीर शाह इटली चले गए और वहां निर्वासित जीवन जीने लगे। लेकिन 2002 में वे फिर अफगानिस्तान लौटे और उन्हें फादर ऑफ नेशन का खिताब दिया गया। 2007 में 93 साल की उम्र में जहीर शाह का निधन हुआ।

इस खबर के प्रकाशित होने के बाद कई विदेशी अखबारों और वेबसाइटों ने द संडे गार्जियन के हवाले से इस खबर को प्रमुखता से जगह दी है। इनमें ‘जकार्ता पोस्ट’ जैसी वेबसाइटें शामिल हैं। सोशल वेबसाइटों पर भी राहुल और राजकुमारी के कथित रिश्ते को लेकर हलचल है। ट्विटर पर कई लोग इस खबर को लेकर दंग हैं तो कई सवाल भी पूछ रहे हैं।

(भास्‍कर)

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मीडिया दरबार के मॉडरेटर 1979 से पत्रकारिता से जुड़े हैं. एक साप्ताहिक से शुरूआत के बाद अस्सी के दशक में स्वतंत्र पत्रकार बतौर खोजी पत्रकारिता में कदम रखा, हिंदी के अधिकांश राष्ट्रीय अख़बारों में हस्ताक्षर. उसी दौरान राजस्थान के अजमेर जिले के एक सशक्त राजनैतिक परिवार द्वारा एक युवती के साथ किये गए खिलवाड़ पर नवभारत टाइम्स के लिए लिखी रिपोर्ट वरिष्ठ पत्रकार श्री मिलाप चंद डंडिया की पुस्तक "मुखौटों के पीछे - असली चेहरों को उजागर करते पचास वर्ष" में भी संकलित की गयी है. कुछ समय के लिए चौथी दुनियां के मुख्य उपसंपादक रहे किन्तु नौकरी कर पाने के लक्खन न होने से तेईस दिन में ही चौथी दुनिया को अलविदा कह आये. नब्बे के दशक से पिछले दशक तक दूरदर्शन पर समसामयिक विषयों पर प्रायोजित श्रेणी में कार्यक्रम बनाते रहे. अब वैकल्पिक मीडिया पर सक्रिय.
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7 thoughts on “क्या राहुल गांधी अफगानिस्तान की राजकुमारी से प्यार करते हैं?

  1. AAKHIR KHOON TO MUSALMAN KA HI HAI NA A BHI KUCHH DIN PAHALE RAHUL BRAHAMIN BANTE FIR HARE THE U P CHUNAYO MAI AB DADA JI KA KHON BOLNE LAGA HAI FIROJ KHAN KA YE RAAJEEV KE BRAND KI OURAT LE AAYEGA VIDESHI FIER P M BANANE MAI YE NETA SABAL UTHATE FIRENGE RAHUL KO NAAM BADAL LENA CHAHIYE KIRSCHIYAN / MUSALMANI / YAA THIK RAHEGA SEKULAR JINNAD VOTE MAAGNGE MAI SAHULIYAT RAHEGI.

  2. it is not surprise that royal family of Afghanistan will be Lucy, to have deep political relations with India , as much compared to their progress India is much advanced country, This will report the better peace near borders Of MUSLIM NATIONS near to INDIAN BORDERS, as well this is oil l reach country to INDIA as well full of Uranium for nuclear energy

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