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मध्यप्रदेश में गुंडाराज के चलते इनकम टैक्स कमिश्नर की हत्या

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इंदौर आयकर अपर आयुक्त अरुण दीवान की रविवार को उज्जैन स्थित घर पर हत्या कर दी गई। मामले में माधवनगर पुलिस ने दीवान के पूर्व ड्राइवर व उसके दो साथियों को हिरासत में लिया है। आरोपियों ने लूट के इरादे से वारदात करना कबूला है।

श्री दीवान (45) देवास रोड पर श्री विशाला क्षेत्र के बंगला नंबर 76 के फर्स्ट फ्लोर पर अकेले किराए से रहते थे। रविवार अपराह्न् करीब 4 बजे वे घर में सो रहे थे। इसी समय बाइक पर आए दो बदमाशों ने उनके घर में घुसकर हत्या कर दी। मामले में खोजबीन के बाद रात को पुलिस ने दीवान के पुराने ड्राइवर लोकेंद्र निवासी हामूखेड़ी को हिरासत में लिया। उसने कबूला कि उसके कहने पर हामूखेड़ी के बाबू कीर व ओम मिस्त्री ने वारदात को अंजाम दिया है। पुलिस ने दोनों को पकड़ा तो उन्होंने वारदात कबूल कर ली लेकिन पुलिस पूरे साक्ष्य जुटाने के बाद सोमवार को ही मामले का खुलासा करेगी।

किसी ने नहीं देखा परिवार-घटना का पता चलते ही उज्जैन इनकम टैक्स कमिश्नर एमएस पंवार व कई कर्मचारी मौके पर पहुंच गए। बताया कि दीवान 2009 से 2011 तक उज्जैन में पदस्थ थे। कुछ समय पूर्व उनका इंदौर तबादला हुआ है। वे शुरू से श्री विशाला स्थित राजेश गेलड़ा के मकान में किराए से रहे। उनका परिवार यहां कभी नहीं आया। दीवान की पत्नी ऋचा मुंबई में रहती हैं। इकलौती पुत्री भी सिर्फ एक बार यहां आई है।

वारदात में हामूखेड़ी गांव के कुछ युवकों को हिरासत में लिया है। घटना में प्रयोग की गई बाइक भी जब्त कर ली है। पुख्ता प्रमाण जुटाने के बाद सोमवार को खुलासा करेंगे। – राकेश गुप्ता,एसपी

मुंह बांधकर पटकने से मौत

बदमाशों ने कबूला कि वे दीवान के घर लूट करने गए थे। आवाज सुनकर बेडरूम में सो रहे दीवान उठे और शोर मचाने लगे। उन्होंने कपड़े से दीवान का मुंह बांधा और बाथरूम में पटक दिया, जिससे उनकी मौत हो गई। तिजोरी छोड़ गए दीवान की आवाज सुनकर बाहर लोग जमा हो गए थे। तिजोरी ले जाते वक्त पकड़ा सकते थे, इसलिए बदमाशों ने तिजोरी हॉल में ही छोड़ दी। अलमारी में सामान व सामने पड़े दो लैपटॉप भी नहीं ले जा सके।

कई बार टोका इंदौर शिफ्ट हो जाओ, मगर टाल जाते थे

अपने ही बैच के एडिशनल कमिश्नर की हत्या की खबर आयकर विभाग इंदौर में जिस भी अधिकारी ने सुनी वो दंग रह गया। विवादों से दूर काम से काम रखने वाले मेहनती अधिकारी की हत्या इतनी निर्ममता से कर दी गई यह किसी को विश्वास नहीं हो रहा था। आठ माह पहले ही श्री दीवान का इंदौर तबादला हुआ था। आयकर कमिश्नर बीपी जैन के अनुसार उन्हें पिछले कई बार बोला कि अप-डाउन क्यों करते हो, इंदौर ही शिफ्ट हो जाओ लेकिन वे बात टाल जाते थे। उनके पास रेंज के साथ आईटीएटी में भी विभागीय प्रतिनिधि के रूप में डबल चार्ज था। एडिशनल कमिश्नर विनय करण उनके बैच मेट थे। वे बताते हैं कि वे मूल रूप से दिल्ली के रहने वाले थे। उनकी पत्नी और एक बेटी है जो मुंबई में रहती है, वे इंदौर के लिए रवाना हो गईं।

(भास्कर)

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मीडिया दरबार के मॉडरेटर 1979 से पत्रकारिता से जुड़े हैं. एक साप्ताहिक से शुरूआत के बाद अस्सी के दशक में स्वतंत्र पत्रकार बतौर खोजी पत्रकारिता में कदम रखा, हिंदी के अधिकांश राष्ट्रीय अख़बारों में हस्ताक्षर. उसी दौरान राजस्थान के अजमेर जिले के एक सशक्त राजनैतिक परिवार द्वारा एक युवती के साथ किये गए खिलवाड़ पर नवभारत टाइम्स के लिए लिखी रिपोर्ट वरिष्ठ पत्रकार श्री मिलाप चंद डंडिया की पुस्तक "मुखौटों के पीछे - असली चेहरों को उजागर करते पचास वर्ष" में भी संकलित की गयी है. कुछ समय के लिए चौथी दुनियां के मुख्य उपसंपादक रहे किन्तु नौकरी कर पाने के लक्खन न होने से तेईस दिन में ही चौथी दुनिया को अलविदा कह आये. नब्बे के दशक से पिछले दशक तक दूरदर्शन पर समसामयिक विषयों पर प्रायोजित श्रेणी में कार्यक्रम बनाते रहे. अब वैकल्पिक मीडिया पर सक्रिय.
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