आमिर ने मारा दूसरा तीर, बाल यौन शोषण के अनछुए पहलू को बनाया निशाना

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बॉलीवुड अभिनेता आमिर खान ने अपने कार्यक्रम ‘सत्यमेव जयते’ के दूसरे अंक में बाल यौन शोषण का मामला उठाया जिसमें कुछ लोगों ने हिम्मत दिखाकर अपने ऊपर हुए अत्याचार का सबके सामने जिक्र किया.

सामाजिक मुद्दों को उठा रहे आमिर के इस कार्यक्रम ने एक बार फिर सोशल नेटवर्किंग साइट्स पर चर्चा छेड़ दी है. कार्यक्रम के समाप्त होते तक ट्विटर पर ट्रेंड में चल रहे 10 में से पाँच विषय इसी शो से जुड़े थे.

इस कार्यक्रम में सिंड्रेला प्रकाश नाम की एक युवती ने अपने साथ बचपन में हुई घटना का जिक्र किया. सिंड्रेला ने बताया कि जब वह 12 साल की थीं तो कैसे उनके जानने वाले एक 55 वर्षीय व्यक्ति ने एक दिन घर पर अकेला पाकर उन्हें गलत इरादे से शरीर पर अलग-अलग जगह छुआ था.

आमिर ने ये भी जिक्र किया कि इस तरह की घटनाओं का शिकार सिर्फ़ लड़कियाँ नहीं बल्कि लड़के भी होते हैं. इसी तरह का एक हरीश अय्यर का मामला उन्होंने सामने रखा.

हरीश ने बताया कि कैसे उनके ही एक परिजन ने उनका यौन शोषण किया. उनका कहना था कि वह परिजन बाद में कुछ और लोगों के साथ आकर उनका शोषण करते थे.

लगभग सात साल के हरीश के साथ ऐसा लगभग 11 साल तक चला और एक दिन जब उन्होंने हिम्मत जुटाकर जोर से चिल्लाकर ‘नो’ कहा और उस व्यक्ति को एक लात मारी तब से ही ये बंद हो गया.

हरीश ने जिक्र किया कि उस दौरान उनका कुत्ता जिमी उनके लिए सहारे की तरह था जो उनसे काफी प्यार करता था. उन्होंने बताया कि उस दौरान उन्हें बॉलीवुड स्टार श्रीदेवी की फिल्मों से भी सहारा मिलता था और वह उन फिल्मों के जरिए एक काल्पनिक दुनिया में जाकर सुकून ढूँढ़ते थे.

हरीश के अनुसार उनकी माँ उनकी बातों की गंभीरता को समझ नहीं सकीं और अत्याचार काफी लंबे समय तक चला.

शो में इस बात पर जोर दिया गया कि बच्चों से ही ये अपेक्षा नहीं की जा सकती कि अगर उनका यौन शोषण हो तो वे खुद आकर माँ-बाप से इसका जिक्र करेंगे.

एक गैर सरकारी संगठन राही की अनुजा गुप्ता ने शो में कहा कि माँ-बाप को बच्चों के संकेतों को समझते हुए उन पर विश्वास करना चाहिए.

इस शो में आईं सिंड्रेला प्रकाश ने अपने ट्विटर अकाउंट पर 20 अप्रैल को बाल यौन शोषण के मुद्दे पर चर्चा की थी. उस दौरान उन्होंने 12, 15 और 17 साल की उम्र में यौन शोषण का शिकार होने का जिक्र किया था.

कार्यक्रम के अंत की ओर आमिर खान ने सभी से अपील की कि वे इस कार्यक्रम को पत्र लिखकर बाल यौन शोषण रोकने के लिए एक मजबूत क़ानून लाने का समर्थन करें. यौन शोषण का शिकार रहे हरीश की प्रेरणा श्रीदेवी को भी कार्यक्रम के अंत की ओर आमिर खान ने आमंत्रित किया.

श्रीदेवी को सामने देखकर फूले नहीं समा रहे हरीश ने उन्हें छूकर भी देखा और श्रीदेवी ने उन्हें अपनी फ़िल्मों की डीवीडी का सेट भेंट किया.

इस शो ने बच्चों को ये भी बताया कि अगर कोई उनकी छाती, उनके नितंब या उनके पैरों के बीच के भाग को गलत इरादे से छू रहा है तो उन्हें तुरंत शोर मचाकर इस बारे में किसी विश्वस्त व्यक्ति को बताना चाहिए.

आमिर ने शो के पहले अंक में कन्या भ्रूण हत्या का मुद्दा उठाया था

(बीबीसीहिन्दी.कॉम)

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मीडिया दरबार के मॉडरेटर 1979 से पत्रकारिता से जुड़े हैं. एक साप्ताहिक से शुरूआत के बाद अस्सी के दशक में स्वतंत्र पत्रकार बतौर खोजी पत्रकारिता में कदम रखा, हिंदी के अधिकांश राष्ट्रीय अख़बारों में हस्ताक्षर. उसी दौरान राजस्थान के अजमेर जिले के एक सशक्त राजनैतिक परिवार द्वारा एक युवती के साथ किये गए खिलवाड़ पर नवभारत टाइम्स के लिए लिखी रिपोर्ट वरिष्ठ पत्रकार श्री मिलाप चंद डंडिया की पुस्तक "मुखौटों के पीछे - असली चेहरों को उजागर करते पचास वर्ष" में भी संकलित की गयी है. कुछ समय के लिए चौथी दुनियां के मुख्य उपसंपादक रहे किन्तु नौकरी कर पाने के लक्खन न होने से तेईस दिन में ही चौथी दुनिया को अलविदा कह आये. नब्बे के दशक से पिछले दशक तक दूरदर्शन पर समसामयिक विषयों पर प्रायोजित श्रेणी में कार्यक्रम बनाते रहे. अब वैकल्पिक मीडिया पर सक्रिय.
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  1. आमिर खान का तीसरा शादी से सम्बंधित देखा . यह तो नकली ही लग रहा है.अमेरिका में लोग पानी का फिल्टर इस्तेमाल नहीं करते और अगर फिल्टर को निकल लिया जाये तो पानी आना कहीं बंद नहीं होता.नल का पानी वहां हमारे बोतल वाले पानी से ज्यादा साफ़ होता है.जबरदस्ती शादी सिर्फ कॉमेडी थी और १५ साल पुराणी कहानी थी. उसका आज के समय में कोई मतलब नहीं है और सिर्फ मनोरंजन के लिए ठूसा था.बुरहानपुर या किसी भी कसबे में जला कर मरने का खत्म सिर्फ दिखावा था .आजकल ऐसे केस कहीं भी नहीं दीखते.हाँ दिकवे के लिए पैसे का भोडा प्रदर्शन ख़राब है. यह ख़तम होना चाहिए.सच तो यह है की आज कल लड़कियां खुद ही यह पसन् और डिमांड करती हैं.फिर भी बहु को तंग करना बहुत बुरी बात है और ख़त्म होना चाहिए .इसके लिए दहेज़ प्रथा बंद होना ही चाहिए.लेकिन आज कल नए काननों की ओद लेकर चालक लड़कियां आपने ससुराल वालों का ज्यादा सोशन कर रही हैं और यह बात हमारे सुप्रेमे कोर्ट ने भी मानी है.आमिर का खुद का रिकॉर्ड इस मामले में साफ़ नहीं है.

  2. इस शो ने बच्चों को ये भी बताया कि अगर कोई उनकी छाती, उनके नितंब या उनके पैरों के बीच के भाग को गलत इरादे से छू रहा है तो उन्हें तुरंत शोर मचाकर इस बारे में किसी विश्वस्त व्यक्ति को बताना चाहिए.
    शो में इस बात पर जोर दिया गया कि बच्चों से ही ये अपेक्षा नहीं की जा सकती कि अगर उनका यौन शोषण हो तो वे खुद आकर माँ-बाप से इसका जिक्र करेंगे.
    http://facebook.com/AISWC

  3. आमिर खान ने जो सामाजिक अनछुए पहलुओं को छुआ है, स्वतंत्र भारत के १२३ करोड़ आवाम को नतमस्तक होना चाहिए. आश्चर्य यह है की समाज के तथाकथित ठेकेदार को समाचारपत्रों, टीवी चैनलों पर गला फाड़-फाड़ कर इन सामाजिक कुरीतियों को भी बेच-बेच कर पैसा कम रहें हैं, उअदी उनके घरों की तहकीकात की जाये तो नब्बे फीसदी ऐसे ठेकेदारों के घरों में बाल श्रमिक कार्य करते हैं, यौन शोषण भले ना हों, लेकिन मानसिक शोषण जितना होता है, वह शारीरिक शोषण से बहुत ज्यादा है. आमिर खान को इश्वर इस कार्य के लिए इसलिए चुना है की भारत का आवाम मानसिक रूप से नपुंसक हों गया है

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