आमिर के शो का ‘दम’ है ‘पांचवी पास’ और ‘करोड़पति’ से भी ज्यादा, स्टार भी है फ़ायदे में

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टीवी शो ‘सत्‍यमेव जयते’ पर स्‍टार इंडिया और आमिर खान का बड़ा दांव लगा है। अब तक मिल रहे संकेतों से दांव सफल लगता है। चुनौती है, यह सफलता बनाए रखने की।

आमिर खान का टेलिविजन पर यह पहला शो है। इसलिए बतौर होस्‍ट उनकी छवि दांव पर थी। वह यह छवि पुख्‍ता करने में सबसे आगे निकल गए हैं और उनकी ब्रांड वैल्‍यू काफी मजबूत हुई है। वह इस शो के प्रत्येक एपीसोड के लिए तीन करोड़ रुपए फीस ले रहे हैं। किसी शो की एंकरिंग के लिए अभी तक बॉलीवुड में किसी भी स्टार को इतनी रकम न कभी मिली है और न ही कभी ऑफर की गई है। अमिताभ बच्चन (कौन बनेगा करोड़पति), शाहरुख खान (कौन बनेगा करोड़पति, क्या आप पांचवी पास से तेज हैं), सलमान खान (बिग बॉस, दस का दम), अक्षय कुमार (खतरों के खिलाड़ी, मास्टर शेफ इंडिया) और रितिक रोशन (जस्ट डांस) जैसे सितारों की फीस भी एक एपिसोड के लिए एक से दो करोड़ रुपए के बीच ही है। आमिर की फीस तीन करोड़ रुपए होना यह साबित करती है कि उनकी मार्केट वैल्यू इस समय सबसे ज्यादा है।

शो को मिले रिस्‍पॉन्‍स से यह भी साबित हो रहा है कि सामाजिक सरोकारों से जुड़े रहने वाले बॉलीवुड स्‍टार के रूप में भी उन्‍होंने अपनी छवि खासी मजबूत कर ली है। शो के एक एपिसोड की लागत भी करीब चार करोड़ रुपए है जो किसी भी अन्य शो से ज्यादा है। औसतन प्राइम टाइम में प्रसारित होने वाले टीवी शो के तीस मिनट के एक एपिसोड की लागत 8-10 लाख रुपए ही आती है। वहीं रियलटी शो के एक एपिसोड की लागत भी 35 लाख रुपए से दो करोड़ रुपए तक आती है। यह लागत इस बात पर ज्यादा निर्भर करती है कि शो को कौन होस्ट कर रहा है।
स्टार इंडिया के सीओओ संजय गुप्ता के मुताबिक ‘सत्यमेव जयते’ का दस सेकंड के विज्ञापन स्लाट की कीमत भी दस लाख रुपए है। यह कितना महंगा है इसका अंदाजा आप इसी बात से लगा सकते हैं कि इस साल आईपीएल के प्राइम टाइम में दस सेकंड के विज्ञापन स्लाट के रेट चार लाख रुपए हैं। लेकिन शो पर रुपयों की बारिश हो रही है।

भारत की सबसे बड़ी मोबाइल टेलीकॉम कंपनी भारती एयरटेल लिमिटेड इस शो की मुख्‍य प्रायोजक है। एयरटेल ने शो में 18 करोड़ रुपए लगाए हैं। वहीं वॉटर प्यूरीफायर कंपनी एक्वागार्ड ने भी 16 करोड़ रुपए शो में लगाए हैं। शो के सह प्रायोजकों में एक्सिस बैंक लिमिटेड, कोका कोला इंडिया, स्कोडा आटो इंडिया, बर्जर पेंट्स इंडिया लिमिटेड, डिक्सी टेक्स्टाइल प्राइवेट लिमिटेड और जॉनसन एंड जॉनसन लिमिटेड हैं। इन 6 कंपनियों ने भी 6-7 करोड़ रुपए (सभी का मिलाकर लगभग 40 करोड़ रुपए) शो में लगाए हैं। इस तरह देखा जाए तो यह शो फायदे में है।

स्‍टार के नौ चैनलों पर इस शो का प्रसारण हो रहा है। इसलिए इस शो के लिए स्टार ने अपनी मार्केंटिंग और सेल्स रणनीति में भी थोड़ा बदलाव किया है। एक ही कैटेगरी के प्रोडक्ट में एक ही कंपनी को सत्यमेव जयते का ऐड स्लॉट दिया गया है। इस शो की लोकप्रियता का आलम यह है कि शो के पहले ट्रेलर के प्रसारित होने से पहले ही इसके 80 प्रतिशत एड स्लॉट बिक गए थे। आमिर खान और स्टार इंडिया, दोनों के ही इस शो पर इंटेलेक्चुअल प्रापर्टी राइट्स होंगे। इस शो के जरिये आमिर की फिल्‍म इंडस्‍ट्री और स्‍टार इंडिया की मीडिया इंडस्‍ट्री में अलग ब्रांड वैल्‍यू बनेगी।

13 एपिसोड के इस शो का प्रसारण दूरदर्शन पर भी हो रहा है जिस कारण स्टार इंडिया दूरदर्शन को होनी वाली आय का भी कुछ हिस्सा रखेगा।

‘सत्‍यमेव जयते’ पर एक और मामले में बड़ा दांव लगा है। बल्कि यह एक बड़ा ‘जुआ’ है। संडे को उबाऊ माने जाने वाले 11 बजे वाले स्लॉट को फिर से जिंदा करने की कोशिश की गई है। शो के पहले एपिसोड की टीआरपी 8.7 रही है। केबीसी-5 के शुरुआती एपिसोड की टीआरपी 5.2 के करीब रही थी। हालांकि पांच करोड़ जीतने वाले सुशील कुमार के दो एपिसोड ने इस शो की लोकप्रियता बढ़ा दी थी। इन दोनों शो की टीआरपी क्रमश: 7.2 और 8 रही।

सत्‍यमेव जयते के पहले एपिसोड की टीआरपी से स्‍टार और आमिर, दोनों खुश हैं। आगे क्‍या स्थिति रहती है, इस पर उनकी नजर रहेगी। हालांकि मीडिया के कुछ जानकारों का कहना है कि सत्‍यमेव जयते का विषय हल्‍का-फुल्‍का नहीं है, ऐसे में चैनल को दर्शकों से टीवी स्‍क्रीन से चिपकाए रखना मुश्किल होगा। लेकिन दैनिकभास्कर.कॉम पर कराए गए सर्वे में 90 फीसदी से ज्‍यादा लोगों ने कहा है कि वो इस शो का अगला एपिसोड भी देखेंगे। (भास्कर)

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मीडिया दरबार के मॉडरेटर 1979 से पत्रकारिता से जुड़े हैं. एक साप्ताहिक से शुरूआत के बाद अस्सी के दशक में स्वतंत्र पत्रकार बतौर खोजी पत्रकारिता में कदम रखा, हिंदी के अधिकांश राष्ट्रीय अख़बारों में हस्ताक्षर. उसी दौरान राजस्थान के अजमेर जिले के एक सशक्त राजनैतिक परिवार द्वारा एक युवती के साथ किये गए खिलवाड़ पर नवभारत टाइम्स के लिए लिखी रिपोर्ट वरिष्ठ पत्रकार श्री मिलाप चंद डंडिया की पुस्तक "मुखौटों के पीछे - असली चेहरों को उजागर करते पचास वर्ष" में भी संकलित की गयी है. कुछ समय के लिए चौथी दुनियां के मुख्य उपसंपादक रहे किन्तु नौकरी कर पाने के लक्खन न होने से तेईस दिन में ही चौथी दुनिया को अलविदा कह आये. नब्बे के दशक से पिछले दशक तक दूरदर्शन पर समसामयिक विषयों पर प्रायोजित श्रेणी में कार्यक्रम बनाते रहे. अब वैकल्पिक मीडिया पर सक्रिय.
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3 thoughts on “आमिर के शो का ‘दम’ है ‘पांचवी पास’ और ‘करोड़पति’ से भी ज्यादा, स्टार भी है फ़ायदे में

  1. आमिर ने कन्या भ्रूण हत्या की ओर लोगों का ध्यान आकर्षित किया। इस समस्या के पीडि़तों और आरोपियों से सीधा-सीधा रूबरू करवाते हुए कन्या भ्रूण हत्या से जुड़े हर मुद्दे को टटोला गया। जिससे यह प्रमाणित हुआ कि जाने-अनजाने हम भी इसमें सहयोग दे रहे हैं। कार्यक्रम के जरिये यह भी बखूबी दिखा दिया गया कि स्टिंग ऑपरेशन के द्वारा अपराधों का पर्दाफाश होने के बाद भी स्थितियां क्यों नहीं बदलतीं।.

  2. काफी अच्छा शो है , ज्वलंत मुद्दे को उठाया है आमिर ने , अब देखना यह है कि इस शो को देख के हम कितने जागरूक होते हैं , क्यूंकि हमारी आदत है कि हम कुछ समय बाद सब कुछ भुला देते है , कुछ समय बाद जब यह शो ख़तम हो जायेगा तो भारतीय भी इसे भुला देंगे , जबकि ऐसा नहीं होना चाहिए, हमे इस मुद्दे को जिन्दा रखना ही होगा , ………..इस कन्या भ्रूण हत्या कि बुराई का खात्मा करके ही रहेंगे , ऐसा अपने मन में ठान के ही रखना होगा.

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