फिर आ रहे हैं काले कपड़ों वाले रखवाले, क्या दोहरा पाएंगे पुराना जादू?

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दर्शकों के मनोरंजन के लिए एक बार फिर आ रही है फिल्म ‘मेन इन ब्लैक’. अपने तीसरे संस्करण में ये फिल्म 3-डी में बनी है और सोनी पिक्चर्स की इस फिल्म में नायक हैं विल स्मिथ जिनका नामांकन दो बार ऐकेडमी अवार्ड के लिए हो चुका है . फिल्म “मैन इन ब्लैक 3’ की पहले की दोनों सीरीज में भी अपने अभिनय से दर्शकों का मनोरंजन करने वाले अभिनेता विल स्मिथ इस बार भी दर्शकों का भरपूर मनोरंजन करने वाले हैं. इस फिल्म में विल स्मिथ का साथ देंगे हॉलीवुड के ऐकेडमी अवार्ड विजेता अभिनेता टौमी ली जोंस, इनके अलावा फिल्म में हैं ऐकेडमी अवार्ड के लिए नामित अभिनेता जोश ब्रोलिन.

10 साल बाद आ रही सोनी पिक्चर्स की इस फिल्म ‘मैन इन ब्लैक 3’ के निर्देशक हैं बैरी सोंनेनफेल्ड और निर्माता हैं वाल्टर ऍफ़ पार्क्स एंड लौरी मैकडोनाल्ड. फिल्म के लेखक हैं इटेन कोहेन, एडिटर हैं डोन ज़िमेरमन. वैसे तो फिल्म में संगीत दिया है डैनी एल्फमैन ने लेकिन लोकप्रिय पॉप सिंगर पिटबुल ने भी एक गाना विशेष रूप से गाया है “बैक इन टाइम”.

फिल्म की कहानी है एजेंट जे और के की. एजेंट जे अपने साथी एजेंट के की जिंदगी और ब्रह्मांड को बचाने के लिए पुराने वक्त में जाता है जहाँ एलियंस और खलनायक बोरिस से उसकी भयंकर लडाई होती है आखिर में वो मानवता को बचाने में कामयाब होता है.

सन 1997 और 2002 में बनी फिल्में ‘मेन इन ब्लैक’ और ‘मेन इन ब्लैक 2’ ने दर्शकों के दिलों दिमाग पर अपना जादू फैलाया था. क्या यही जादू ‘मेन इन ब्लैक 3’ भी दर्शकों पर बरकरार रख सकेगी ? यह जानने के लिए दर्शकों को इंतज़ार करना होगा 25 मई का जब यह फिल्म सिनेमा घरों में प्रदर्शित होगी. (प्रेस विज्ञप्ति)

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मीडिया दरबार के मॉडरेटर 1979 से पत्रकारिता से जुड़े हैं. एक साप्ताहिक से शुरूआत के बाद अस्सी के दशक में स्वतंत्र पत्रकार बतौर खोजी पत्रकारिता में कदम रखा, हिंदी के अधिकांश राष्ट्रीय अख़बारों में हस्ताक्षर. उसी दौरान राजस्थान के अजमेर जिले के एक सशक्त राजनैतिक परिवार द्वारा एक युवती के साथ किये गए खिलवाड़ पर नवभारत टाइम्स के लिए लिखी रिपोर्ट वरिष्ठ पत्रकार श्री मिलाप चंद डंडिया की पुस्तक "मुखौटों के पीछे - असली चेहरों को उजागर करते पचास वर्ष" में भी संकलित की गयी है. कुछ समय के लिए चौथी दुनियां के मुख्य उपसंपादक रहे किन्तु नौकरी कर पाने के लक्खन न होने से तेईस दिन में ही चौथी दुनिया को अलविदा कह आये. नब्बे के दशक से पिछले दशक तक दूरदर्शन पर समसामयिक विषयों पर प्रायोजित श्रेणी में कार्यक्रम बनाते रहे. अब वैकल्पिक मीडिया पर सक्रिय.
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