हर चैनल पर खुलेआम जारी है अंधविश्वास का प्रचार, क्या सो रही हैं IBF, NBA और सरकार?

admin 6
0 0
Read Time:3 Minute, 35 Second

निर्मलजीत नरुला उर्फ निर्मल बाबा का अंधविश्वास भरा प्रचार अभियान कुछ खबरिया चैनलों पर आलोचना का केंद्र भले ही बना हुआ हो, अभी भी लगभग हरेक चैनल पर उनका प्रवचन भी बदस्तूर जारी है। दिलचस्प बात ये है कि इस प्रवचन के दौरान दिए गए बाबा के अजीबोगरीब सुझावों की सभी आलोचना कर रहे हैं और उन्हें कारोबारी भी बता रहे हैं। भारतीय चैनलों पर प्रसारित होने वाले कंटेंट पर स्वयं निगरानी व नियंत्रण करने का दावा करने वाली संस्थाएं इस मामले पर चुप्पी साधे हुई हैं और केंद्र सरकार का सूचना और प्रसारण मंत्रालय मानों आंख-कान मूंदे पड़ा है।

 

न्यूज़ ब्रॉडकास्टर्स एसोशिएसन यानी एनबीए और इंडियन ब्रॉडकास्टिंग फेडरेशन यानी आईबीएफ दो ऐसी संस्थाएं हैं जो तकरीबन हरेक चैनल पर निगरानी रखने का दावा करती हैं। ये संस्थाएं हरेक चैनल पर अपने ई-मेल ऐड्रेस और फोन नंबर भी स्क्रॉल पर चलाती हैं, लेकिन उन्हें बार बार शिकायत करने के बावजूद इस बारे में दिशा-निर्देश तो दूर कोई चर्चा तक नहीं की गई। कई पाठकों ने हमें फोन और ई-मेल पर बताया कि उन्होंने निर्मल बाबा के अंधविश्वास फैलाने वाले विज्ञापनों के बारे में सभी संस्थाओं और यहां तक कि सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय तक को शिकायत भेज रखी है, लेकिन कहीं से कोई जवाब तक नहीं आया।

दिलचस्प बात यह है कि दोनों ही संस्थाएं  अपनी-अपनी वेबसाइटों पर चैनलों के कंटेंट और उनमें सुधार को लेकर अपनी भूमिका के बारे में लंबे चौड़े दावे करती हैं। आईबीएफ के अध्यक्ष उदय शंकर हैं जो पहले पत्रकार थे और अब स्टार के इंडिया ऑपरेशंस के कर्ता-धर्ता हैं। इसकी कार्यकारिणी में सुनील लुला पुनीत गोयंदका, जवाहर गोयल, रजत शर्मा जैसी कई जानी-मानी हस्तियां हैं। आईबीएफ के कुछ सदस्य एनबीए में भी हैं। एनडीटीवी के वाइस प्रेसिडेंट केवीएल नारायण राव (जनरल केवी कृष्ण राव के पुत्र) आईबीएफ के निदेशक तो हैं ही, एनबीए के अध्यक्ष भी हैं। रजत शर्मा, सुनील लुला आदि इसमें भी हैं।

सूत्रों का कहना है कि सभी निजी चैनलों के कार्यक्रमों की रिकॉर्डिंग और उनके बारे में रिपोर्ट तैयार करने वाले संस्थान बेसिल ने कई बार बाबा के प्रवचनों के बारे में सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय को नकारात्मक टिप्पणी के साथ रिपोर्ट भेजने की कोशिश की, लेकिन हर बार मामले को रफा-दफा कर दिया गया। कई दर्शकों का आरोप है कि बाबा के एजेंटों ने सब को ‘मैनेज’ किया हुआ है।

About Post Author

admin

मीडिया दरबार के मॉडरेटर 1979 से पत्रकारिता से जुड़े हैं. एक साप्ताहिक से शुरूआत के बाद अस्सी के दशक में स्वतंत्र पत्रकार बतौर खोजी पत्रकारिता में कदम रखा, हिंदी के अधिकांश राष्ट्रीय अख़बारों में हस्ताक्षर. उसी दौरान राजस्थान के अजमेर जिले के एक सशक्त राजनैतिक परिवार द्वारा एक युवती के साथ किये गए खिलवाड़ पर नवभारत टाइम्स के लिए लिखी रिपोर्ट वरिष्ठ पत्रकार श्री मिलाप चंद डंडिया की पुस्तक "मुखौटों के पीछे - असली चेहरों को उजागर करते पचास वर्ष" में भी संकलित की गयी है. कुछ समय के लिए चौथी दुनियां के मुख्य उपसंपादक रहे किन्तु नौकरी कर पाने के लक्खन न होने से तेईस दिन में ही चौथी दुनिया को अलविदा कह आये. नब्बे के दशक से पिछले दशक तक दूरदर्शन पर समसामयिक विषयों पर प्रायोजित श्रेणी में कार्यक्रम बनाते रहे. अब वैकल्पिक मीडिया पर सक्रिय.
Happy
Happy
0 %
Sad
Sad
0 %
Excited
Excited
0 %
Sleppy
Sleppy
0 %
Angry
Angry
0 %
Surprise
Surprise
0 %
Facebook Comments

Average Rating

5 Star
0%
4 Star
0%
3 Star
0%
2 Star
0%
1 Star
0%

6 thoughts on “हर चैनल पर खुलेआम जारी है अंधविश्वास का प्रचार, क्या सो रही हैं IBF, NBA और सरकार?

  1. आप के पास है क्या कि आप आधी संपति देने का वादा करके बाबा को बरगला रहे हैं । बाबा की दया यशवंत के लिये रिजर्व है ।

  2. निर्मल बाबा मेरी मुरादे पूरी कर दे तो आधी सम्पति देने को तैयार हु?——–
    निर्मल बाबा बुरी तरह फस चुके है कभी वह अपने भक्तो को सफाई देते है तो कभी मीडिया पर लांछन लगा रहे है । किस किसको सफाई देगे बाबा । कृपा से निर्मल बाबा का भला हुआ है भक्तो नहीं , मगर अभी भी कुछ भक्त बाबा के गुणगान गा रहे है ।.

    निर्मल बाबा मेरी मुरादे पूरी कर दे तो आधी सम्पति देने को तैयार हु? इसके लिए मुझे क्या करना होगा ये मुझे निर्मल बाबा बताये । हर बन्दे की जिन्दगी में दर्दो गम होता है । मेरे भी जिन्दगी का गम दूर करो निर्मल बाबा ।.

    एडिटर
    सुशील गंगवार
    मीडिया दलाल.कॉम
    साक्षात्कार.कॉम

  3. अब ताजा खबर ये है कि बाबा कांग्रेस की शरण में जा रहे हैं.. झारखंड के कांग्रेसी नेता बिचौलिया भी बन गए हैं.. भक्तों के चढ़ावे में से कुछ करोड़ पार्टी फंड में दान हो जाएगा, फिर तो क़ानून बन जाएगा कि जो चैनल बाबा का प्रवचन नहीं दिखाएगा उसका लाइसेंस कैंसल कर दिया जाएगा.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.

Next Post

मैं तो सारी दुनिया को उल्लू बना के लूटो सूं.. 'कोई मेरो का कल्लेगो?''

-जगमोहन फुटेला- कवि ओमप्रकश आदित्य की एक कविता सुनी थी कोई पैंतीस साल हुए रुद्रपुर के एक कवि-सम्मलेन में. शीर्षक था, “कोई मेरो का कल्लेगो” (कोई मेरा क्या कर लेगा). अब वो कविता शब्दश: याद नहीं. लेकिन उस कविता का पात्र दुनिया भर की हरामज़दगी करने की बात कहता है. […]
Facebook
%d bloggers like this: