Home देश हर चैनल पर खुलेआम जारी है अंधविश्वास का प्रचार, क्या सो रही हैं IBF, NBA और सरकार?

हर चैनल पर खुलेआम जारी है अंधविश्वास का प्रचार, क्या सो रही हैं IBF, NBA और सरकार?

निर्मलजीत नरुला उर्फ निर्मल बाबा का अंधविश्वास भरा प्रचार अभियान कुछ खबरिया चैनलों पर आलोचना का केंद्र भले ही बना हुआ हो, अभी भी लगभग हरेक चैनल पर उनका प्रवचन भी बदस्तूर जारी है। दिलचस्प बात ये है कि इस प्रवचन के दौरान दिए गए बाबा के अजीबोगरीब सुझावों की सभी आलोचना कर रहे हैं और उन्हें कारोबारी भी बता रहे हैं। भारतीय चैनलों पर प्रसारित होने वाले कंटेंट पर स्वयं निगरानी व नियंत्रण करने का दावा करने वाली संस्थाएं इस मामले पर चुप्पी साधे हुई हैं और केंद्र सरकार का सूचना और प्रसारण मंत्रालय मानों आंख-कान मूंदे पड़ा है।

 

न्यूज़ ब्रॉडकास्टर्स एसोशिएसन यानी एनबीए और इंडियन ब्रॉडकास्टिंग फेडरेशन यानी आईबीएफ दो ऐसी संस्थाएं हैं जो तकरीबन हरेक चैनल पर निगरानी रखने का दावा करती हैं। ये संस्थाएं हरेक चैनल पर अपने ई-मेल ऐड्रेस और फोन नंबर भी स्क्रॉल पर चलाती हैं, लेकिन उन्हें बार बार शिकायत करने के बावजूद इस बारे में दिशा-निर्देश तो दूर कोई चर्चा तक नहीं की गई। कई पाठकों ने हमें फोन और ई-मेल पर बताया कि उन्होंने निर्मल बाबा के अंधविश्वास फैलाने वाले विज्ञापनों के बारे में सभी संस्थाओं और यहां तक कि सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय तक को शिकायत भेज रखी है, लेकिन कहीं से कोई जवाब तक नहीं आया।

दिलचस्प बात यह है कि दोनों ही संस्थाएं  अपनी-अपनी वेबसाइटों पर चैनलों के कंटेंट और उनमें सुधार को लेकर अपनी भूमिका के बारे में लंबे चौड़े दावे करती हैं। आईबीएफ के अध्यक्ष उदय शंकर हैं जो पहले पत्रकार थे और अब स्टार के इंडिया ऑपरेशंस के कर्ता-धर्ता हैं। इसकी कार्यकारिणी में सुनील लुला पुनीत गोयंदका, जवाहर गोयल, रजत शर्मा जैसी कई जानी-मानी हस्तियां हैं। आईबीएफ के कुछ सदस्य एनबीए में भी हैं। एनडीटीवी के वाइस प्रेसिडेंट केवीएल नारायण राव (जनरल केवी कृष्ण राव के पुत्र) आईबीएफ के निदेशक तो हैं ही, एनबीए के अध्यक्ष भी हैं। रजत शर्मा, सुनील लुला आदि इसमें भी हैं।

सूत्रों का कहना है कि सभी निजी चैनलों के कार्यक्रमों की रिकॉर्डिंग और उनके बारे में रिपोर्ट तैयार करने वाले संस्थान बेसिल ने कई बार बाबा के प्रवचनों के बारे में सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय को नकारात्मक टिप्पणी के साथ रिपोर्ट भेजने की कोशिश की, लेकिन हर बार मामले को रफा-दफा कर दिया गया। कई दर्शकों का आरोप है कि बाबा के एजेंटों ने सब को ‘मैनेज’ किया हुआ है।

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