निर्मल बाबा पर कसेगा पुलिस का शिकंजा, लखनऊ में दर्ज़ होगी एफआईआर

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मीडिया दरबार द्वारा निर्मल दरबार के ढोंग के खिलाफ़ शुरु की गई मुहिम का असर दिखने लगा है और आम आदमी व समाजसेवी उठ खड़े हुए हैं। बाबा के लुभावने वादों से आम आदमी को ललचाने और फंसाने की तमाम घटनाओं के मद्देनज़र लखनऊ के दो बच्चों को उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरु करवाने में सफलता मिल गई है। ये बच्चे आईपीएस अधिकारी अमिताभ ठाकुर और उनकी सामाजिक कार्यकर्ता एवं पत्रकार डॉ नूतन ठाकुर की संताने तान्या और आदित्य हैं। लखनऊ के गोमती नगर थाने में आज पुलिस ने उनकी तहरीर पर बाबा के खिलाफ़ फर्ज़ीवाड़े का मुकद्दमा दर्ज़ करने का भरोसा दिया है।

तान्या की उम्र सोलह साल और आदित्य की उम्र तेरह साल है। दोनों ने निर्मल बाबा के तमाम कृत्यों को सामने रखते हुए थाना गोमतीनगर, लखनऊ में शिकायत की थी। प्रार्थनापत्र इन बच्चों ने मंगलवार की रात स्वयं ले जा कर थाने पर जमा करवाया था, लेकिन थानाध्यक्ष ने एफआईआर दर्ज़ करने से मना कर दिया था। थानाध्यक्ष ने तर्क यह दिया कि मामला बाहर का है इसीलिए मुक़द्दमा लखनऊ में दर्ज नहीं हो सकता।

तान्या और आदित्य ने जवाब में कहा था कि कोई भी एफआईआर पूरे हिंदुस्तान में कही भी दर्ज हो सकती है, दूसरे यह मामला तो खुद लखनऊ का है क्योंकि टीवी पर आने के नाते इसका घटनास्थल लखनऊ स्थित उनका घर है जहां टीवी पर निर्मल बाबा का दरबार हर रोज दिखाया जाता है।

हालांकि थानाध्यक्ष ने उनसे यह कह दिया था कि एफआईआर दर्ज नहीं होगा, और वे पीआईएल करने के लिए स्वतंत्र हैं। जब बच्चों ने यह कहा कि थानाध्यक्ष कम से कम इस प्रार्थनापत्र को रिसीव कर लें. इस पर थानाध्यक्ष ने प्रार्थनापत्र को रिसीव करने से भी मना कर दिया था.

तान्या और आदित्य, उनके माता-पिता नूतन और अमिताभ ठाकुर

यह है थाने पर दी गयी एफआईआर की कॉपी-

सेवा में,
थाना अध्यक्ष,
थाना गोमतीनगर,
जनपद- लखनऊ
विषय- श्री निर्मल बाबा के खिलाफ प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज करने हेतु
महोदय,
हम तनया ठाकुर और आदित्य ठाकुर निवासी 5/426, विराम खंड, गोमतीनगर, लखनऊ संपर्क नंबर 9415534525 हैं. हमारे पिता श्री अमिताभ ठाकुर यूपी में एक आईपीएस अधिकारी हैं और माँ डॉ नूतन ठाकुर एक सामाजिक कार्यकर्ता हैं. हम दोनों यद्यपि युवा हैं किन्तु अपनी क्षमता के अनुसार सामाजिक कार्यों में संलग्न रहते हैं. हम अन्य कार्यों के अलावा समाज में अन्धविश्वास दूर भगाने और लोगों को धार्मिक भावनाओं के आधार पर ठगने की स्थिति के विरुद्ध भी कार्य करते हैं.

हम आपके समक्ष एक ऐसा प्रकरण ले कर उपस्थित हो रहे हैं जिसमे एक व्यक्ति द्वारा सीधे-सीधे देश के लाखों लोगों को धर्म का भय दिखा कर, अपनी झूठी महत्ता दिखा कर और लोगों को बेवकूफ बना कर अपना उल्लू सीधा किया जा रहा है. इस प्रकार की हरकतों से अंधविश्वास को भारी बढ़ावा मिल रहा है, प्रगतिशील विचारों को पीछे ढकेला जा रहा है और पूरी तरह से ठगी की जा रही है.

श्री निर्मल बाबा नाम के इन कथित साधू का दरबार दिल्ली, कोलकाता, मुंबई जैसे कई बड़े शहरों में लगातार लगता रहता है. इन सभी दरबार के प्रोग्राम विभिन्न टीवी चैनलों के माध्यम से लखनऊ से ले कर पूरे देश में कई बार प्रसारित किये जाते हैं. हम दोनों ने स्वयं भी इन कार्यक्रमों को अपने विराम खंड, गोमती स्थित आवास पर देखा है.

हमने इन कार्यक्रमों में यह देखा है कि श्री निर्मल बाबा नाम से जाने जाने वाले ये व्यक्ति निरंतर अपना दरबार या समागम लगाते हैं जिनमे सैकड़ों की संख्या में लोग उपस्थित होते हैं. इन दरबार में कई लोग अपनी अलग-अलग तरह की समस्याएं ले कर आते हैं. श्री निर्मल बाबा इन सभी समस्यायों के बहुत ही सरल, अविश्वसनीय और भ्रामक किस्म के उपाय बताते हैं. उदाहरण के लिए जब एक भक्त ने श्री निर्मल बाबा से अपनी एक समस्या कही तो उन्होंने उस व्यक्ति से पूछा कि तुम अपनी कमीज की बटन जल्दी-जल्दी खोलते हो या धीरे-धीरे. जब भक्त ने कहा कि कभी जल्दी और कभी धीरे, तो निर्मल बाबा ने उन्हें कहा कि बटन आराम से खोला करो, सब समस्या का हल को जाएगा.
इसी प्रकार से एक दूसरे मामले में समस्या से घिरे व्यक्ति से श्री निर्मल बाबा ने पूछा कि बाल कहाँ कटवाते हो. भक्त ने कहा कि नाई से. इस पर श्री निर्मल बबा ने कहा कि पार्लर में बाल कटवाना शुरू काटो, कृपा आनी शुरू हो जायेगी. गंभीर समस्याओं से घिरी बिहार की एक गरीब महिला को श्री निर्मल बाबा ने कहा कि तुम छठ पूजा करती हो. उस महिला के हाँ कहने पर पूछा कि कितने रुपये का सूप चढाती हो. महिला ने कहा कि बारह रुपये का. इस पर श्री निर्मल बाबा ने कहा कि यदि तुम तीस रुपये का सूप चढाने लगोगी तो समस्याएं स्वयं ठीक हो जायेंगी. इसी तरह एक दूसरी महिला से उन्होंने पूछा कि कितने रुपये का चढावा मंदिर में चढाती हो. महिला ने कहा कि दस रुपये का. श्री निर्मल बाबा ने हँसते हुए कहा कि दस रुपये में कहाँ से कृपा आएगी. चालीस रुपये का चढावा डालने लगो, कृपा स्वयं ही आनी शुरू हो जायेगी.

श्री निर्मल बाबा इसी प्रकार की अत्यंत सरलीकृत बातें और समाधान प्रस्तुत कर पूरे देश की गरीब, अनपढ़ जनता को ठग रहे हैं और उनके प्रति चीटिंग कर रहे हैं जो भारतीय दंड विधान की धारा 415 तथा 416 में परिभाषित हैं जिनके सम्बन्ध में आईपीसी की धारा 417, 419 के 420 के तहत दंड के प्रावधान दिये गए हैं. श्री निर्मल बाबा का यह कृत्य ठगने का अपराध इसीलिए है क्योंकि वे समागम/दरबार में आने वाले प्रत्येक व्यक्ति से दो हज़ार रुपये की फीस लेते हैं. यह फीस इन लोगों को दरबार में आने से पहले जमा करना होता है. यह फीस दो साल से ऊपर आयु के प्रत्येक व्यक्ति पर लगता है. इसके साथ ही ये अपने आप को तीसरी आँख वाला ईश्वरीय आशीर्वाद प्राप्त विशिष्ठ व्यक्ति बताते हैं. साथ ही वे 508 आईपीसी के भी अभियुक्त हैं क्योंकि वे ईश्वरीय नाराजगी का भय दिखा कर भी लोगों को गलत सही समाधान देते हैं और इसके बदले पैसे ऐंठ रहे हैं.

श्री निर्मल बाबा की ठगी इस बात से भी साबित हो जाती है कि मीडिया की खबरों के मुताबिक़ स्वयं श्री निर्मल बाबा का सवा करोड रुपये का बैंक को दिये चेक की हूबहू कॉपी बना कर एक व्यक्ति ने लुधियाना में उनके बैंक अकाउंट से सवा करोड रुपये निकाल लिए. यह इस बात को सिद्ध करता है कि जो व्यक्ति अपने एकाउंट की रक्षा नहीं कर सकता, उसके बताए इन सरल उपायों से भला किसका लाभ हो सकता है.

मीडिया की खबरों के अनुसार श्री निर्मल बाबा का असल नाम श्री निर्मलजीत सिंह नरूला पुत्र श्री एस एस नरूला है. ये झारखण्ड के वरिष्ठ राजनेता और लोक सभा सांसद श्री इन्दर सिंह नामधारी के सगे साले बताए जा रहे हैं. यह भी बताया जा रहा है कि श्री निर्मल बाबा पूर्व में चूना पत्थर, ठेकेदारी जैसे कई काम कर चुके हैं और उनमे असफल रहे. तब जा कर उन्होंने यह कार्य शुरू कर दिया. स्वयं श्री इन्दर सिंह नामधारी का मीडिया में यह कथन आया है कि वे खुद कई बार श्री निर्मल को यह सलाह दे चुके हैं कि वे लोगों की धार्मिक भावनाओं से खिलवाड़ नहीं करें पर श्री निर्मल इन सलाहों को नहीं मानते हैं. इन खबरों के अनुसार श्री नामधारी तक श्री निर्मल के इन कथित चमत्कारों से इत्तेफाक नहीं करते और उन्हें ढोंग बताते हैं.

मीडिया में तो यहाँ तक खबर आई है कि सुश्री निधि नामक एक जूनियर आर्टिस्ट, जो कई सारे टीवी सीरियल में काम कर चुकी है, ने यह कहा है कि अपने प्रारंभिक दिनों में ठगी का धंधा चमकाने के लिए श्री निर्मल बाबा नोयडा फिल्मसिटी स्थित स्टूडियो में अपने प्रोग्राम की शूटिंग कराते थे. उस वक्त उनके सामने जो लोग अपनी समस्या ले कर उपस्थित दिखाए जाते थे वे असल लोग नहीं हो कर जूनियर आर्टिस्ट हुआ करते थे. सुश्री निधि के अनुसार वे स्वयं इन प्रोग्राम में दस हज़ार रुपये रोज के हिसाब से काम कर चुकी हैं. उनका यह कहना है कि शुरू में श्री निर्मल बाबा अपने लोगों और जूनियर आर्टिस्ट से ही प्रश्न पुछवाया करते थे.

श्री निर्मल बाबा के सारे कार्यक्रम, जो लखनऊ में हमारे आवास पर भी टीवी के माध्यम से प्रदर्शित होते हैं, में उनके द्वारा बहुत सरल, मूर्खतापूर्ण तरीके से बहुत ही गंभीर समस्याओं का समाधान बताया जाता है. उनके द्वारा यह दावा किया जाता है कि उनके पास एक तीसरी आँख है और उन्हें ईश्वरीय आशीर्वाद है. वे इस नाम पर तमाम गंभीर बीमारियों तक का बहुत ही सरल उपाय बताते रहते हैं जो सीधे तौर पर धोखाधड़ी है. इस तरह ईश्वर का नाम ले कर लोगों को ठगना एक गंभीर अपराध है. मैंने जो जानकारी हासिल की है उसके अनुसार यह सब धारा 417, 419, 420, 508 आईपीसी में अपराध है.

अतः हम आपसे अनुरोध करते हैं कि इस प्रार्थना पत्र के अनुसार उपयुक्त धाराओं में नियमानुसार आपराधिक मुक़दमा पंजीकृत कर विवेचना करने की कृपा करें.
भवदीय,

तान्या ठाकुर
आदित्य ठाकुर

About Post Author

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मीडिया दरबार के मॉडरेटर 1979 से पत्रकारिता से जुड़े हैं. एक साप्ताहिक से शुरूआत के बाद अस्सी के दशक में स्वतंत्र पत्रकार बतौर खोजी पत्रकारिता में कदम रखा, हिंदी के अधिकांश राष्ट्रीय अख़बारों में हस्ताक्षर. उसी दौरान राजस्थान के अजमेर जिले के एक सशक्त राजनैतिक परिवार द्वारा एक युवती के साथ किये गए खिलवाड़ पर नवभारत टाइम्स के लिए लिखी रिपोर्ट वरिष्ठ पत्रकार श्री मिलाप चंद डंडिया की पुस्तक "मुखौटों के पीछे - असली चेहरों को उजागर करते पचास वर्ष" में भी संकलित की गयी है. कुछ समय के लिए चौथी दुनियां के मुख्य उपसंपादक रहे किन्तु नौकरी कर पाने के लक्खन न होने से तेईस दिन में ही चौथी दुनिया को अलविदा कह आये. नब्बे के दशक से पिछले दशक तक दूरदर्शन पर समसामयिक विषयों पर प्रायोजित श्रेणी में कार्यक्रम बनाते रहे. अब वैकल्पिक मीडिया पर सक्रिय.
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24 thoughts on “निर्मल बाबा पर कसेगा पुलिस का शिकंजा, लखनऊ में दर्ज़ होगी एफआईआर

  1. ऐसे ठगों और बदमशों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएँ!

  2. निर्मल बाबा तो बहाना है: पिछले लगभग पॉच छह वर्षों से पूरे भारत में अंधविश्वास फैला कर लोगों को लूट रहे निर्मल नरूला उर्फ निर्मल बाबा सरेआम अधिकॉश न्यूज चैनलों और अन्य मनोरंजक चैनलों पर रोज आकर अपनी ठगी का धंधा चला रहा था और उसके इस ठगी और लूट के धंधे में ये टीवी चैनल बाराबर के हिस्सेदार बने हुऐ थे तथा चुपचाप माल बटोर रहे थे लेकिन अचानक क्या हुआ कि ये सारे के सारे चैनल जो उसका नमक खा रहे थे अचानक नमक हरामी पर उतर आऐ है यह बड़ा रहस्य है?
    दरअसल यह सब अचानक नहीं हुआ है इसके पीछे बड़ा गहरा षड़यंत्र प्रतीत हो रहा है क्योंकि तीन जून से बाबा रामदेव का भारत स्वाभिमान के तहत कालेधन और भ्रष्टाचार के मुद्दे पर व्यवस्था परिवर्तन का महाऑदोलन प्रारंभ हो रहा है जिससे सरकार के हाथ पॉव अभी से फूल रहे है क्योंकि सरकार के पास उनकी मॉगों/मुद्दों का कोई भी काट नहीं है इसलिये सरकार न्यूज चैनलों के माध्यम से निर्मल बाबा को शिकार करने के बहाने बाबाओं के बदनाम कर तथा बाबा रामदेव पर निशाना लगाने का बहाना ढॅूढ रही है जिससे उनको और उनके व्यवस्था परिवर्तन की महाक्रॉति को बदनाम किया जा सके। आजकल सरकार के षड़यंत्र की प्रथम कड़ी में टीवी पर बहस में बैठे तथाकथित बुद्धिजीवी (परजीवी) अपनी बहस में बाबा रामदेव का नाम भी इस निर्मल बाबा के साथ शामिल करने की कोशिश करते देखे जा रहे है तथा तीन जून से आते आते ये सरकार देश में ऐसा वातावरण तैयार करना चाहती है जिससे बाबा रामदेव को बदनाम कर उनके ऑदोलन को दबाया जा सके। इसीलिये भॉड न्यूज चैनल और बिकी हुई मीडिया अभी से इस कोशिश में लग गयी है। लेकिन देश की जनता जाग चुकी है तथा हमें इन षड़यंत्रों की तरफ सबका ध्यान खींचते हुऐ महाक्रॉति के पक्ष में वातावरण बनाना होगा।.

  3. सीबीआई की जाँच होनी चईये , नहीं तो ए. राजा को भी पीछे छोड़ दे गे बाबा जी

  4. पुरे देस में एसे बहुत सारे शधू मुला फकीर इस तरह का धंधा कर रहे है.आम जन को इसके खिलाफ आवाज उठानी चाहिए.

  5. यह सब देखकर ऐसा मानने को जी चाहता है की यह देश आज भी सांप-संपेरों,साधू-बाबाओं आदि का देश है !! इस अर्ध-साक्षर देश के पढ़े-लिखे लोग तो और भी अनपढ़ प्रतीत होते हैं…जो किसी चमत्कार के साहारे अपनी समस्याओं का समाधान….और धन-प्राप्ति चाहते हैं….ऐसे मति-मंद और मति-भ्रम लोगों के देश में बाबा के रूप में ठग ना उभरें….तो ज्यादा आश्चर्य होगा….और क्या कहूँ…!!

  6. Are dushton,bina kisi sabut k ya thos aadhar k nirmal baba ko pata nahi kya-2 bol rahe ho! Bevkoofon ek bhi ilzam sabit karke dikhao.

  7. kya sirf ek hi baba is tarah ke hai apne charon or dekhe , kya ham khud hi ek baba ka kirdar nahi nibhate jara sochiye samaj se jude har ek me thagi ka kaam chal raha hai or ham apni muh aankhe kaan band kare rehte hai , in baccho ko kya sabasi de rahe hai kabhi apne ko bhi sabasi ke layak banaiye.dosroon ke kandhoon par to har koi bandook rakh kar chala leta hai, kabhi apne hath me bandook lekar dekhiye.sara sansar mukt ho jayega.bacche to sacchai ka doosra roop hote hai.

  8. Aaj pahli baar aapka blog dekha, accha laga. ki aap logo me jagrukta felane ka kaam kr rahe h. pr aapki bahut si reports ko dekhne /padne pr laga ki aapki bhadas kewal Hindu sampradaya ke prti h. jo ek sahan sheel dharam h. aapki site pr ek bhi report MUSLIM dharam k thekedaaro ke parti nahi h.

    jaha tak mere vishwas h ki shayad aap bhi madhu makhiyo ke chaate me hath dalne se darte h.

    Hindu dharam ke baba chahe 90% galat kaam kr rahe ho pr phir bhi 10% to dharam k liye kaam kr rahe h. jis se Hindu samaj ka bhala hoga.

  9. ज़रा इस वीडियो को गौर से देखिये! यहाँ आप को पता चल जायेगा कि कैसे यह ढोंगी बाबा अपने ही चमचों को छांट छांट कर बुलाता है… इन चमचो से पहले ही डायलोग रटाया जाता है. यह बाबा के मंझे हुए कलाकार होते हैं. फिर कार्यक्रम के वक्त यही कलाकार अपने दुखों का मार्मिक किस्से सुनते हैं और फिर यह बताते हैं कि बाबा जी कि कृपा से हमारे दुःख दूर हो गए. बाकि मूर्खों कि भीड़ इस से प्रभावित हो कर जय जय कार क…रने लगते हैं. बड़ा ही गज़ब का अभिनय होता है इस पाखंडी बाबा के दरबार में!
    मगर इस विडियो में सभी कलाकार मंझे हुए नहीं हैं. कईयों के डायलोग बोलते वक्त हंसी छूट रही है. अनाड़ी लग रहे हैं बेचारे.. अभी इन कलाकारों को रिहर्सल की ज़रूरत है.
    एक शख्स कहता है कि वह नागपुर से आया है और मेरा चौथा समागम है , इस के हाव भाव से ही पता चल रहा है कि यह अभिनय में अभी पक्का नहीं है. कहता है मुझे सीमेंट का डीलर भी आप ने बना दिया , मुझे पैसे भी बहुत दिए. इन सब लोगों के बयान लिए जाने चाहिए क्यों कि यह लोग भी इस षड्यंत्र के हिस्सेदार हैं. इन सब कलाकारों के वीडयो भी डाउन लोड कर के रखा जाए और बाद में इन पर भी जाँच की जाए!

  10. इन बच्चों को इस पापी का धोखाधडी दिखाई दे रहा है लेकिन सरकार में बैठे लोगों को ,हमारे तथाकथित बुद्धिमान सांसदों और विधायकों ,और हमारे धर्म के ठेकेदारों को इसका लोगों को खुल्लमखुल्ला लूटना नहीं दिखाई दे रहा है.कैसे एक आदमी खुल्लमखुल्ला हमारी भारतीय संस्कृति और धर्म के साथ खिलवाड़ कर सकता है?

  11. Wonderful. I hope the gen.X will definitely wipe out all the superstition from the society. God bless you both Tanyia and Aditya.

  12. हा हा हा ये तो होना ही था वेसे आनलाइन पिटीशन भी दायर हो सकती है दरबार को दरबार (मीडिया ) ने काम लगा दिया

  13. We should all stand against this corrupt cob-web of nirmal darbar. really I am feeling that I have been cheated coz I myself have drafted money certain times to darbar. thanx to tanya and aditya , who opened my eyes.

  14. सरकार को इन बातों को संग्यान में लेकर उचित कार्यवाही करनी चाहिए! ऐसे ठगों और बदमशों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएँ!

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