/* */

मैंने कई बार समझाया अपने साले को, धर्म और विज्ञान दोनों के खिलाफ है निर्मल : नामधारी

admin 162
Page Visited: 297
0 0
Read Time:2 Minute, 30 Second

झारखंड के वरिष्ठ राजनेता इंदर सिंह नामधारी वैसे तो निर्मल बाबा के करीबी रिश्तेदार हैं लेकिन उनके कारनामों से जरा भी इत्तेफाक नहीं रखते। मीडिया दरबार से हुई बातचीत में नामधारी ने साफ कहा कि वे निजी तौर पर कई बार उन्हें जनता की भावनाओं से न खेलने की सलाह दे चुके हैं।

नामधारी ने स्वीकार किया कि निर्मल बाबा उनके सगे साले हैं। उन्होंने यह भी माना कि वे शुरुआती दिनों में निर्मल को अपना करीयर संवारने में खासी मदद कर चुके हैं। मीडिया दरबार को उन्होंने बताया कि उनके ससुर यानि निर्मल के पिता एस एस नरूला का काफी पहले देहांत हो चुका है और वे बेसहारा हुए निर्मल की मदद करने के लिए उसे अपने पास ले आए थे। निर्मल को कई छोटे-बड़े धंधों में सफलता नहीं मिली तो वह बाबा बन गया।

जब हमने नामधारी से निर्मल बाबा के विचारों और चमत्कारों के बारे में पूछा तो उन्होंने साफ कहा कि वे इससे जरा भी इत्तेफाक़ नहीं रखते। उन्होंने कहा कि वे विज्ञान के छात्र रहे हैं तथा इंजीनियरिंग की पढ़ाई भी कर चुके हैं इसलिए ऐसे किसी भी चमत्कार पर भरोसा नहीं करते। इसके अलावा उनका धर्म भी इस तरह की बातें मानने का पक्षधर नहीं है।

”सिख धर्म के धर्मग्रथों में तो साफ कहा गया है कि करामात कहर का नाम है। इसका मतलब हुआ कि जो भी करामात कर अपनी शक्तियां दिखाने की कोशिश करता है वो धर्म के खिलाफ़ काम कर रहा है। निर्मल को मैंने कई दफ़ा ये बात समझाने की कोशिश भी की, लेकिन उसका लक्ष्य कुछ और ही है। मैं क्या कर सकता हूं?” नामधारी ने सवाल किया।

उन्होंने माना कि निर्मल अपने तथाकथित चमत्कारों के जरिए जनता से पैसे वसूलने के ‘गलत खेल’ में लगे हुए हैं जो विज्ञान और धर्म किसी भी कसौटी पर जायज़ नही ठहराया जा सकता।

About Post Author

admin

मीडिया दरबार के मॉडरेटर 1979 से पत्रकारिता से जुड़े हैं. एक साप्ताहिक से शुरूआत के बाद अस्सी के दशक में स्वतंत्र पत्रकार बतौर खोजी पत्रकारिता में कदम रखा, हिंदी के अधिकांश राष्ट्रीय अख़बारों में हस्ताक्षर. उसी दौरान राजस्थान के अजमेर जिले के एक सशक्त राजनैतिक परिवार द्वारा एक युवती के साथ किये गए खिलवाड़ पर नवभारत टाइम्स के लिए लिखी रिपोर्ट वरिष्ठ पत्रकार श्री मिलाप चंद डंडिया की पुस्तक "मुखौटों के पीछे - असली चेहरों को उजागर करते पचास वर्ष" में भी संकलित की गयी है. कुछ समय के लिए चौथी दुनियां के मुख्य उपसंपादक रहे किन्तु नौकरी कर पाने के लक्खन न होने से तेईस दिन में ही चौथी दुनिया को अलविदा कह आये. नब्बे के दशक से पिछले दशक तक दूरदर्शन पर समसामयिक विषयों पर प्रायोजित श्रेणी में कार्यक्रम बनाते रहे. अब वैकल्पिक मीडिया पर सक्रिय.
Happy
Happy
0 %
Sad
Sad
0 %
Excited
Excited
0 %
Sleepy
Sleepy
0 %
Angry
Angry
0 %
Surprise
Surprise
0 %
Facebook Comments

Average Rating

5 Star
0%
4 Star
0%
3 Star
0%
2 Star
0%
1 Star
0%

162 thoughts on “मैंने कई बार समझाया अपने साले को, धर्म और विज्ञान दोनों के खिलाफ है निर्मल : नामधारी

  1. निर्मल बाबा ने न तो किसी को पेसा मागा और ना किसी को जबरदस्ती की वो किसी एक भगवान को मानने के लिए भी नहीं कहते तो किसी को कहा छल रहे है . अगर किसी का भला होता है तो होने दो ना . लोगो ने तो साईं बाबा तक को नहीं छोड़ा तो यह तो एक आम आदमी है.

  2. जब तक बाबा की सच्चाई सामने नहीं आती कोई बकवास मत करो तुम भी बेवकूफ हो पैसा खुद भी देते हो ..और अब गाली …..वो उनका टैलेंट था पैसा कमाने का ….सबके पास कुछ न कुछ होता है टैलेंट…..अब देखो क्या होता है…..

  3. जो भी लोग कह रहे है सब गलत है क्युकी जब बाबा नै शुरुआत की तब तो किसी नै कुछ नै कहा आज जब वो सब का भला कर रहे है तो लोग चोहलेबजे कर रहे है ये सब उनके रिश्तेदारों की चाल है आज जब बाबा जी सब का भला कर रहे है तो उनके रिश्ते दरो को प्रॉब्लम हो गई है वो जलते है. १५ साल से दरबार चल रहा है तब क्यों नै आवाज उठे बाबा सचे है वो नै कहते मेरे पास आओ मुझे पैसे दो वो कहते है तांत्रिक से बचो भगवन को मनो.

    और जो उन्हें गलत कह रहे है उनका कभी भला नै होगा साले ये जनता चोर होते है जिसका पल्रा भरे होते है उसके तरफ चल देते है.

    निर्मल बाबा जिन्दा बाद हम आपके साथ .

  4. nirmal baba na sikh hai na hindu na indian. he is only cheater and actual extremist, who kills aastha & faith of innocent Indians. An extremist openly act when he fires to kill others & declare that he is extremist. but this dhongi person, in the name and shelter of religion, fooling innocent, sick, grieved people and getting out money from their hard earnings. I remember girgit (ek kirli) seen on Discovery channel having very long tongue, with help of which it kills insects. This cheater baba is having such long tongue, with help of which kills his shikaar.

  5. nirmal baba na sikh hai na hindu na indian. he is only cheater and actual extremist, who kills aastha & faith of innocent Indians. An extremist openly act when he fires to kill others & declare that he is extremist. but this dhongi person, in the name and shelter of religion, fooling innocent, sick, grieved people and getting out money from their hard earnings. I remember girgit (ek kirli) seen on Discovery channel having very long tongue, with help of which it kills insects. This cheater baba is having such long tongue, with help of which kills his shikaar.

  6. nirmal baba na sikh hai na hindu na indian. he is only cheater and actual extremist, who kills aastha & faith of innocent Indians. An extremist openly act when he fires to kill others & declare that he is extremist. but this dhongi person, in the name and shelter of religion, fooling innocent, sick, grieved people and getting out money from their hard earnings. I remember girgit (ek kirli) seen on Discovery channel having very long tongue, with help of which it kills insects. This cheater baba is having such long tongue, with help of which kills his shikaar.

  7. nirmal baba na sikh hai na hindu na indian. he is only cheater and actual extremist, who kills aastha & faith of innocent Indians. An extremist openly act when he fires to kill others & declare that he is extremist. but this dhongi person, in the name and shelter of religion, fooling innocent, sick, grieved people and getting out money from their hard earnings. I remember girgit (ek kirli) seen on Discovery channel having very long tongue, with help of which it kills insects. This cheater baba is having such long tongue, with help of which kills his shikaar.

  8. Achary Narayanachari pakkay indian hain abhishek bhaayee, lekin acharya ji, religion ko personal hee rehnay do, baaki dharm ke log jo india mein rehtay hain, vo bhi is dhongi nirmal baba ko bahut dukh bharay mn se lay rahay hain. be indian truly and follow ancient indian rich traditions. follow your original religion & love humanity, love nature, Love one God. beware of nirmal, kumar swamy like fake baba.

  9. Achary Narayanachari pakkay indian hain abhishek bhaayee, lekin acharya ji, religion ko personal hee rehnay do, baaki dharm ke log jo india mein rehtay hain, vo bhi is dhongi nirmal baba ko bahut dukh bharay mn se lay rahay hain. be indian truly and follow ancient indian rich traditions. follow your original religion & love humanity, love nature, Love one God. beware of nirmal, kumar swamy like fake baba.

  10. Achary Narayanachari pakkay indian hain abhishek bhaayee, lekin acharya ji, religion ko personal hee rehnay do, baaki dharm ke log jo india mein rehtay hain, vo bhi is dhongi nirmal baba ko bahut dukh bharay mn se lay rahay hain. be indian truly and follow ancient indian rich traditions. follow your original religion & love humanity, love nature, Love one God. beware of nirmal, kumar swamy like fake baba.

  11. Achary Narayanachari pakkay indian hain abhishek bhaayee, lekin acharya ji, religion ko personal hee rehnay do, baaki dharm ke log jo india mein rehtay hain, vo bhi is dhongi nirmal baba ko bahut dukh bharay mn se lay rahay hain. be indian truly and follow ancient indian rich traditions. follow your original religion & love humanity, love nature, Love one God. beware of nirmal, kumar swamy like fake baba.

  12. निर्मल बाबा एक बहुत बड़ा ढोंगी किस्म का इन्सान है. लोगो का पैसा लूटना इसका काम है. दुनिया को गुम्ह्रह करके ये लोगो को पागल बनता है .
    एक बार इसने बोला था की हर आदमी को अपनी कमाई का दसवा हिस्सा निर्मल बाबा के दरबार में देना चाहिए.
    मैं चाहता हु की जो भी पैसा बाबा के पास है उसे गरीबो को देना चाहिए.

    ——-hemendra

  13. kripa कर आप ऐसा कुछ मत बोलो निर्मल बाबा को निर्मल बाबा सच्चे है यह तो देश कई लोगों का पागल पण है जहा १०० लोग गलत kai साथ हो जायीं तो सच भी सब को गलत लगता है और बाकि लोगों का नजरिया वो ही हो जाता है अगेर बाबा गलत थे तो १५ साल से और ३५ चैनल्स मैं मैं बाबा को क्यों दिखया गया इसका मत लैब वो चेनल भी गलत है वो भी चोर है अगेर बाबा पैसा बना रहे थे तो वो चेनल्स क्या कर रहे थे किसी पर बिना सोचे इस तरह का अरूप लगाना गलत है आज उन लोगों को भी बाबा का साथ देना चाहिये जो आज तक बाबा कई समागम मैं जा रही थे अज्ज वो लूओग कहाँ हैं यहाँ पर जब लोगो नैन भगवान को भी नहीं छोड़ा तो भगवान राम, क्रिशन भगवान को भी लोगों नैन इसी तह आरूप किये थे इससे ज्यादा क्या लिख सकती हूँ

    1. nahi bina sochay smjhay nahi, soch smjh kar lg rahe hain aarop. abhi aap ki baba ki “kirpa” ke baray mein jldi pta chl javega. baba kehte thay k vo sb kuchh jaan lete hain to apnay baaray mein ye sb chhpna unko kyon nahi pta chala aur apnay aap pr kirpa laanay kee bjaayay courts ke notice bhijva rahay hain. mein unko ik unhi ki bhaasha mein slaah deni chahta hoon, ” ye moonchhon ka kya chakkar hai,neechi hain, inko shave krva ke size change krva lo, tum pr (nirmal pr) kirpa zrur hogi, mein koyee fees bhi nahi lay raha na koyee dsvandh maang raha hoon. I love my India, my Indians.

  14. में निर्मल बाबा पर शुरू से ही विश्वाश नहीं करती थी लेकिन मुझे ये समझ नहीं आता था की बाबा लोगो के जीवन से जुडी पुराणी बाते केसे बता देते थे मेने कभी अनुमान भी नहीं लगाया था के बाबा लोगो की भीड़ में अपने ही लोगो को पैसा देकर माइक पर बोलने का मौका देते हे लेकिन आज मीडिया की बाते सुनकर ये बात भी साफ हो गई हे बाबा के पास कोई इश्वर की कृपा नहीं हे साथ hi मुझे ख़ुशी हे की हमारी मीडिया सत्य की तलाश में इस तरह निकली की उसने लोगो की आंखे खोल दी साथ ही हमे दुःख इस बात का दुःख भी हे की हमारे देश में अन्ध्विश्वशियो की भी कमी नहीं और जहा थोडा सा चमत्कार दिखा वाही पूजा की थाली लेकर खड़े हो गए तर्क करने का न तो किसी को समय हे और न ही समझ कब सुधरेगे ये श्रद्धालु भक्त …………. जय श्री krishna

  15. अब आंखे खुली है सब की अभी तक तो सभी पड़े लिखे लोग बवकूफ बने उनके समागम में बैठे रहते थे होसला बदने के लिए ये पब्लिक खुद बेवकूफ है पैसे फालतू है लुटाने के लिए आराम का चाहिए सब

  16. यार अभी कुछ भी कहना गलत होगा पर इसकी पूरी जांच जरुर होनी
    छाहिये

    और यदि ऐसा पाया जाता है तो इस पर कड़ी कार्यवाही होनी चहाहिये
    क्योकि ये जनता का पैसा है ऐसे ही बेकार नहीं जाना चाहिए

  17. nirmal baba cheater hi . put him behind bar.he is not a baba he is cheater and he know the best way of marketing of religion. if he is a baba in real why he need to publicity in tv and news paper. he has his own man in the samagam and they highlight about baba and also they say on speaker that all their problen solved due to baba. they all are paying and on salary present their. govt. should register criminal case against baba abnd should put him in jail.

  18. किसी भी iswariya शक्ति की कृपा अनायास ही प्राप्त हो सकती है उसके लिए आप को पैसा देने की जरुरत नहीं होती कृपा सामूहिक रूप से नहीं बरस सकती / जो पैसा लेकर कृपा करने का जांसा देता है वो बस और बस फ्रोड कर रहा है / मीडिया को ऐसे पाखंडी लोगो का पर्दाफास करना चयेये न की पैसा कमाने का जरिया बनाना चायेये //

  19. acha itne sare gunu mahraj jo parvachan jhad rahe hain kya wo bata sakte hain …
    baba nai ye kab kaha ki app sab devta ko choado or mere photo laga do apne ….
    devta ko hatake … bolne walo ko mai ek hi baat blounga ki media galat or sahi …
    har chiz par nazar rakhta hain mai ye nhi kahta ki app ise mano par mai ye nhi..
    sun sakta ek jan kalyan karne walo ko is kadar gandi comment marna uchit hoga …
    sach kya hain wo to pata chal hi jayega ….
    suraj ki tapis ko sab sah nhi pate jinhe pate bagair suraj koi rah nhi pate??????????

  20. जो भी लोग कह रहे है सब गलत है क्युकी जब बाबा नै शुरुआत की तब तो किसी नै कुछ नै कहा आज जब वो सब का भला कर रहे है तो लोग चोहलेबजे कर रहे है ये सब उनके रिश्तेदारों की चाल है आज जब बाबा जी सब का भला कर रहे है तो उनके रिश्ते दरो को प्रॉब्लम हो गई है वो जलते है. १५ साल से दरबार चल रहा है तब क्यों नै आवाज उठे बाबा सचे है वो नै कहते मेरे पास आओ मुझे पैसे दो वो कहते है तांत्रिक से बचो भगवन को मनो.

    और जो उन्हें गलत कह रहे है उनका कभी भला नै होगा साले ये जनता चोर होते है जिसका पल्रा भरे होते है उसके तरफ चल देते है.

    निर्मल बाबा जिन्दा बाद हम आपके साथ है.

    1. सही कह रही हो सब दल बदलू हैं ? जब तक किसी भले मानुष किसी का दुःख दूर कर रहे हैं तो लगे हैं सब कई तंग किचने मैं मैं तो कहूँगा की बाबा कई sabhi भक्तो को इन पापी लोगो को सबक सिखाना चाहिए?

      1. मैं निर्मल बाबा से बहुत प्रभवित हूँ …. मगर बाबा कुछ करते क्यों नहीं ..उनके सोचने / विचार बहुत प्रभावशाली है … उन्हें लोगो के सामने आना होगा और पाखंडी और मक्कार साधुओ को चमत्कार दीखाना होगा . मैं निर्मल बाबा के साथ हूँ …और मुझे उनका आशर्वाद चाहिए … जय निर्मल बाबा की … उन्हें सिर्फ दिल से याद करो और उनके प्रवचनों पर गौर करोगे तो जरुर सफलता मिलेगी …….

  21. #@#**&^%$%#$#@$% निर्मल बाबा तुम इतने बड़े चोर क्यों हो जो अपने देश की जनता को हे लूट रहे हो, श्री अन्ना हजारे जी अब आप इन महाशय के लिए कुछ करिए कम से कम कुछ भ्रष्टाचार से तो हमारे भारत को मुक्ति मिलेगी…

  22. ईश्वर तो इंसान के अंदर ही है उसकी सच्चे मन से प्रार्थना करो ईश्वर साथ देगा . मैने एक रहस्य के बारे में यूट्यूब में देखा था उसका नाम है The Secreate इसमें आकर्षण के सिद्दांत के बारे में कहा गया है अगर हमें किसी चीज में विश्वास हो जाय तो फिर इश्वर उसकी इच्छा पूर्ती में मदद करता है। हमारी इच्छा शक्ति , आपने आप पर विश्वास तथा सार्थक प्रयास ही हमें किसी समस्या से मुक्त करता है जो लोग निर्मल बाबा को द्वारा समस्याओं से मुक्ति पाते है उनकी इच्छा शक्ति ही है जो उन्हे समस्यामुक्त कर देती है

  23. निर्मल बाबा बहुत ही ढोंगी है. इनका ढोंग पाखंडी को देश में रहने का कोई अधिकार नहीं है
    अँधा कानून इस का साथ दे रहा है और मीडिया भी साथ दे रहा है
    ऐसे मीडिया और कानून पर सिकंजा कसने की जरुरत है.

  24. निर्मल बाबा~ आतँकवादियो से कब मिलने गये थे।.
    राहुल~ बाबा एक महीने पहले ही मिला था।.
    निर्मल बाबा~ एक महीने मे एक बार मिलोगे तो कैसे कृपा आयेगी। कसाब से एक हफ्ते मे दो बार और अफजगुरु से तीन बार मिला करो और उनका पूरा ध्यान रखो किसी चीज की कोई परेशानी ना हो जाओ रुकी कृपा चालू हो जायेगी।.
    और हाँ जब भी जाओ मुर्गे और बकरे का प्रसाद जरूर चढ़ा देना अपने कसाब और गुरू को 😀

  25. निर्मल बाबा~ आतँकवादियो से कब मिलने गये थे।.
    राहुल~ बाबा एक महीने पहले ही मिला था।.
    निर्मल बाबा~ एक महीने मे एक बार मिलोगे तो कैसे कृपा आयेगी। कसाब से एक हफ्ते मे दो बार और अफजगुरु से तीन बार मिला करो और उनका पूरा ध्यान रखो किसी चीज की कोई परेशानी ना हो जाओ रुकी कृपा चालू हो जायेगी।.
    और हाँ जब भी जाओ मुर्गे और बकरे का प्रसाद जरूर चढ़ा देना अपने कसाब और गुरू को 😀

  26. निर्मल बाबा~ आतँकवादियो से कब मिलने गये थे।.
    राहुल~ बाबा एक महीने पहले ही मिला था।.
    निर्मल बाबा~ एक महीने मे एक बार मिलोगे तो कैसे कृपा आयेगी। कसाब से एक हफ्ते मे दो बार और अफजगुरु से तीन बार मिला करो और उनका पूरा ध्यान रखो किसी चीज की कोई परेशानी ना हो जाओ रुकी कृपा चालू हो जायेगी।.
    और हाँ जब भी जाओ मुर्गे और बकरे का प्रसाद जरूर चढ़ा देना अपने कसाब और गुरू को 😀

  27. निर्मल बाबा~ आतँकवादियो से कब मिलने गये थे।.
    राहुल~ बाबा एक महीने पहले ही मिला था।.
    निर्मल बाबा~ एक महीने मे एक बार मिलोगे तो कैसे कृपा आयेगी। कसाब से एक हफ्ते मे दो बार और अफजगुरु से तीन बार मिला करो और उनका पूरा ध्यान रखो किसी चीज की कोई परेशानी ना हो जाओ रुकी कृपा चालू हो जायेगी।.
    और हाँ जब भी जाओ मुर्गे और बकरे का प्रसाद जरूर चढ़ा देना अपने कसाब और गुरू को 😀

  28. क्या पत्रकारिता अपनी राह से भटक गई है?
    करीब पांच से छः अखबार रोज पलटता-पढता हूं. लेकिन आज तक कहीं भी निर्मल बाबा के गोरखधंधे के बारे में कुछ भी नही पढ़ा जबकि वेब मीडिया कुछ हद तक इनकी पोल पट्टी खोली है क्या मीडिया का काम महज पैसे कमाना है शायद हां जिस तरह से रोज सुबह निर्मल बाबा हर चैनल पर दिखते है ज़ाहिर सी बात है इसके लिए चैनल को खूब पैसा मिल रहा होगा! पत्रकारिता से जुड़ा तो मे भी हु पर मेरे शब्दों मे इतनी आवाज़ नही की वो देश के कोने कोने तक अपनी बात पहुचा सके! मिडिया का काम लोगो को जागरूक करना है नाकि उन्हें अंधविश्वास की तरफ झोंकना.

  29. क्या पत्रकारिता अपनी राह से भटक गई है?
    करीब पांच से छः अखबार रोज पलटता-पढता हूं. लेकिन आज तक कहीं भी निर्मल बाबा के गोरखधंधे के बारे में कुछ भी नही पढ़ा जबकि वेब मीडिया कुछ हद तक इनकी पोल पट्टी खोली है क्या मीडिया का काम महज पैसे कमाना है शायद हां जिस तरह से रोज सुबह निर्मल बाबा हर चैनल पर दिखते है ज़ाहिर सी बात है इसके लिए चैनल को खूब पैसा मिल रहा होगा! पत्रकारिता से जुड़ा तो मे भी हु पर मेरे शब्दों मे इतनी आवाज़ नही की वो देश के कोने कोने तक अपनी बात पहुचा सके! मिडिया का काम लोगो को जागरूक करना है नाकि उन्हें अंधविश्वास की तरफ झोंकना.

  30. क्या पत्रकारिता अपनी राह से भटक गई है?
    करीब पांच से छः अखबार रोज पलटता-पढता हूं. लेकिन आज तक कहीं भी निर्मल बाबा के गोरखधंधे के बारे में कुछ भी नही पढ़ा जबकि वेब मीडिया कुछ हद तक इनकी पोल पट्टी खोली है क्या मीडिया का काम महज पैसे कमाना है शायद हां जिस तरह से रोज सुबह निर्मल बाबा हर चैनल पर दिखते है ज़ाहिर सी बात है इसके लिए चैनल को खूब पैसा मिल रहा होगा! पत्रकारिता से जुड़ा तो मे भी हु पर मेरे शब्दों मे इतनी आवाज़ नही की वो देश के कोने कोने तक अपनी बात पहुचा सके! मिडिया का काम लोगो को जागरूक करना है नाकि उन्हें अंधविश्वास की तरफ झोंकना.

  31. क्या पत्रकारिता अपनी राह से भटक गई है?
    करीब पांच से छः अखबार रोज पलटता-पढता हूं. लेकिन आज तक कहीं भी निर्मल बाबा के गोरखधंधे के बारे में कुछ भी नही पढ़ा जबकि वेब मीडिया कुछ हद तक इनकी पोल पट्टी खोली है क्या मीडिया का काम महज पैसे कमाना है शायद हां जिस तरह से रोज सुबह निर्मल बाबा हर चैनल पर दिखते है ज़ाहिर सी बात है इसके लिए चैनल को खूब पैसा मिल रहा होगा! पत्रकारिता से जुड़ा तो मे भी हु पर मेरे शब्दों मे इतनी आवाज़ नही की वो देश के कोने कोने तक अपनी बात पहुचा सके! मिडिया का काम लोगो को जागरूक करना है नाकि उन्हें अंधविश्वास की तरफ झोंकना.

  32. निर्मल बाबा के खिलाफ मीडिया ओर जनता को मिलकर काम करना होगा पर मीडिया पेसे के लालच में इस आडंबर को बढ़ावा दे रहा है, जो बहुत ही दुर्भाग्य पूर्ण है , कभी मीडिया पाखंड ओर अंधविश्वाश के खिलाफ बोलता है ओर कभी उसे बढ़ावा दे रहा है, ओर भारत एक निहायत ही अन्ध्भ्कत लोग समोसा, रुमाल, ट्रेन यात्रा ओर नोटो की नयी गद्दी में अपना भाग्य देख रहे है, इस तरह निर्मल बाबा बनकर अपना घर भर रहा है, 2000 रुपया सिर्फ़ एंट्री फिश ओर उसके सिवा आना जाना ओर ठहरना सब मिलकार आदमी हज़ारों रुपये बर्बाद कर रहे हेन , यही पाखंड देश के विकाश मे अवरोधक है

  33. लोगो की शोच को बदलना हे उनकी अन्दर की आंखे मिची हुई हे जब लोगो को अपने ऊपर विस्वाश ख़त्म हो जाता तभी उसका बहकना चालू हो जाता झूठ झूठ होता हे उसका पर्दा उठाना ही हे लोगो के पाश टाइम नहीं हे ये जानने के लिए की देश कहा जा रहा बस इतना जरुर जानते की अपना कम बनता भाड़ में जाये जनता हमारे देश का सिस्टम सही हे उसको चलाने बाले गलत हे अगर आदमी खुद ही सुधर जाये और अपना घर शुधार ले जहा रहता हे उस छेत्र में सरकारी योजनाओ में कितना पैसा आया किश खाते में आया बो सही जगह लगाया गिया हे या नहीं यही जानकारी जन सुचना के तहत लेते रहे और अपनी जिम्मेदारी निभाते रहे तो हमारे देश को जीने का सहारा मिल जायेगा गलत अधिकारियो की पोल खुल जाएगी उनको जेल की हवा खानी पड़ेगी और हमारी खून पसीने की कमाई का पैसा गद्दारों के हाथो नहीं जाएगी डरपोक आदमी हर रोज मरता हे शेर आदमी एक बार मरता हे हर रोज मरने से अच्छा हे एक बार मरो मरना सबको हे हमें देश बहुत कुछ देता हे कभी हमने अपने आप से ये पूछा की हमने अपने देश को किया दिया कम से कम देश के शाथ डगी करने बाले जेल तो जाये हर काम हो सकता हे अगर इरादे मजबूत हो दिल में हौशला हो अपनी मेहनत पर भरोषा रखो हर काम हो जायेगा अगर कोई समस्या हो जायज और आदमी निर्दोष हो तो हमारे पाश ए हम उसकी सहता करेगे बिना रूपये लिए हमारा नंबर हे ९२११११८८११,९९१११२८८११
    दुर्गेश सिंह सेंगर (राष्ट्रीय अध्यक्ष राष्ट्रीय भ्रष्टाचार उन्मूलन समिति )

  34. Iska jabab jarur puchhiye apne aas pass ke logon se jo N.Baba ke bhakt hai.
    ——————————————————————————————

    *Samagam bade bade hotalon me kyun hote hai jahan ki seat simit hoti hai?
    *Samagam kisi play ground me kyun nahi hoti? jahnan 50,000 se adhik *logon ko ek baar me hi kripa mil jati?
    *Kya ulte- pulte nukse pura karne se hi kripa aayegi?
    *jinke pass black purse nahi hai o log nahi kamate hai, aur unpe laxmi ki kripa nahi aati?
    * kripa lene ka adhikar sirf unhe hi hai jo 2000 rupee de sakte hai, baki logon pe baba ki kripa kab aayegi?

  35. Iska jabab jarur puchhiye apne aas pass ke logon se jo N.Baba ke bhakt hai.
    ——————————————————————————————

    *Samagam bade bade hotalon me kyun hote hai jahan ki seat simit hoti hai?
    *Samagam kisi play ground me kyun nahi hoti? jahnan 50,000 se adhik *logon ko ek baar me hi kripa mil jati?
    *Kya ulte- pulte nukse pura karne se hi kripa aayegi?
    *jinke pass black purse nahi hai o log nahi kamate hai, aur unpe laxmi ki kripa nahi aati?
    * kripa lene ka adhikar sirf unhe hi hai jo 2000 rupee de sakte hai, baki logon pe baba ki kripa kab aayegi?

  36. Iska jabab jarur puchhiye apne aas pass ke logon se jo N.Baba ke bhakt hai.
    ——————————————————————————————

    *Samagam bade bade hotalon me kyun hote hai jahan ki seat simit hoti hai?
    *Samagam kisi play ground me kyun nahi hoti? jahnan 50,000 se adhik *logon ko ek baar me hi kripa mil jati?
    *Kya ulte- pulte nukse pura karne se hi kripa aayegi?
    *jinke pass black purse nahi hai o log nahi kamate hai, aur unpe laxmi ki kripa nahi aati?
    * kripa lene ka adhikar sirf unhe hi hai jo 2000 rupee de sakte hai, baki logon pe baba ki kripa kab aayegi?

  37. अगर भांडा नहीं फूटता तो ये सारे लोग निर्मल धन में स्वयं भी डुबकियाँ लगा रहे होते…
    सारे बाबा एक ही प्रकार के है… सब पूंजीपति व्यापारी हैं… केवल चोले और चेले का भेद है
    अगर इतने ही नामधारी जी हैं तो पहले क्यूँ नहीं पकड़वाया साले को?

  38. अगर भांडा नहीं फूटता तो ये सारे लोग निर्मल धन में स्वयं भी डुबकियाँ लगा रहे होते…
    सारे बाबा एक ही प्रकार के है… सब पूंजीपति व्यापारी हैं… केवल चोले और चेले का भेद है
    अगर इतने ही नामधारी जी हैं तो पहले क्यूँ नहीं पकड़वाया साले को?

  39. अगर भांडा नहीं फूटता तो ये सारे लोग निर्मल धन में स्वयं भी डुबकियाँ लगा रहे होते…
    सारे बाबा एक ही प्रकार के है… सब पूंजीपति व्यापारी हैं… केवल चोले और चेले का भेद है…
    अगर इतने ही नामधारी जी हैं तो पहले क्यूँ नहीं पकड़वाया साले को?

  40. अगर भांडा नहीं फूटता तो ये सारे लोग निर्मल धन में स्वयं भी डुबकियाँ लगा रहे होते…
    सारे बाबा एक ही प्रकार के है… सब पूंजीपति व्यापारी हैं… केवल चोले और चेले का भेद है…
    अगर इतने ही नामधारी जी हैं तो पहले क्यूँ नहीं पकड़वाया साले को?

  41. बहुत अफ़सोस की बात है कि हमारा मीडिया ऐसे पाखंडी के गुण गा रहा है ऐसे में मीडिया दरबार का कदम वास्तव में सराहनीय है.
    ऐसे ढोंगी और पाखंडी का भांडा तो फूटना ही चाहिए और सच्चाई सबके सामने आनी चाहिए.बस यही समझ में नहीं आता कि इस मक्कार की सच्चाई सामने आने पर हमारा मीडिया कहीं अपनी विश्वसनीयता न खो दे.
    चाहे ये इन्सान जो भी हो कम से कम इसने दुनिया को ये तो बता ही दिया है कि हम भारतीय बहुत ही लालची क़िस्म के होते हैं और हराम के पैसों का लालच दिखा कर बड़े आसानी से बेवक़ूफ़ बनाया जा सकता है.इसके समागम में बैठे ज्यादातर लोग सिर्फ अपने लालच में ही वहां पहुचे हैं और हराम में सब कुछ मिल जाये इसके लिए इस पाखंडी की जय जयकार करते हैं.इतने सालों से कितने ही बाबाओं ने हमें बेवक़ूफ़ बनाया पर हम हैं की मानते ही नहीं.काफी हद तक तो दोषी हम भी हैं जो इन पाखंडियों को फलने फूलने देते हैं.

  42. बहुत अफ़सोस की बात है कि हमारा मीडिया ऐसे पाखंडी के गुण गा रहा है ऐसे में मीडिया दरबार का कदम वास्तव में सराहनीय है.
    ऐसे ढोंगी और पाखंडी का भांडा तो फूटना ही चाहिए और सच्चाई सबके सामने आनी चाहिए.बस यही समझ में नहीं आता कि इस मक्कार की सच्चाई सामने आने पर हमारा मीडिया कहीं अपनी विश्वसनीयता न खो दे.
    चाहे ये इन्सान जो भी हो कम से कम इसने दुनिया को ये तो बता ही दिया है कि हम भारतीय बहुत ही लालची क़िस्म के होते हैं और हराम के पैसों का लालच दिखा कर बड़े आसानी से बेवक़ूफ़ बनाया जा सकता है.इसके समागम में बैठे ज्यादातर लोग सिर्फ अपने लालच में ही वहां पहुचे हैं और हराम में सब कुछ मिल जाये इसके लिए इस पाखंडी की जय जयकार करते हैं.इतने सालों से कितने ही बाबाओं ने हमें बेवक़ूफ़ बनाया पर हम हैं की मानते ही नहीं.काफी हद तक तो दोषी हम भी हैं जो इन पाखंडियों को फलने फूलने देते हैं.

  43. स्टुडेंट : बाबा जी मेरा मन पढाई में लग नहीं रहा क्या करू?
    निर्मल बाबा : टीवी देखते हो?
    स्टुडेंट : नहीं बाबा , मम्मी पापा मना करते है.
    बाबा : टीवी नहीं देखते हो तभी तो कृपा रुक गयी है.
    स्टुडेंट : टीवी में कोन सा प्रोग्राम देखूं बाबा जी?
    बाबा : फेशन टीवी देखा करो , जल्दी कृपा आएगी.
    स्टुडेंट : नरबल बाबे की जय!

  44. स्टुडेंट : बाबा जी मेरा मन पढाई में लग नहीं रहा क्या करू?
    निर्मल बाबा : टीवी देखते हो?
    स्टुडेंट : नहीं बाबा , मम्मी पापा मना करते है.
    बाबा : टीवी नहीं देखते हो तभी तो कृपा रुक गयी है.
    स्टुडेंट : टीवी में कोन सा प्रोग्राम देखूं बाबा जी?
    बाबा : फेशन टीवी देखा करो , जल्दी कृपा आएगी.
    स्टुडेंट : नरबल बाबे की जय!

  45. बेहतरीन अभियान ।
    पोल खोलने के लिए आप बधाई के पात्र हैं । डटे रहिए । मीडिया दरबार के लिए भी यह एक अच्छा अवसर है ।
    अगली कड़ियों की प्रतीक्षा है ।
    नामधारी क्या साधु-सन्यासी हैं ?

    1. अजीत जी, इंदर सिंह नामधारी की गिनती झारखण्ड के ईमानदार और रसूखवाले नेताओं में होती है. निर्मलजीत सिंह नरुला उर्फ निर्मल बाबा इन्हीं इंदर सिंह नामधारी का सगा साला है. यानी नामधारी की पत्नी मलविन्दर कौर का सगा भाई. निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में भाजपा के समर्थन से लोकसभा पहुंचे नामधारी झारखण्ड के दो बार विधानसभा अध्यक्ष भी रह चुके हैं.

  46. मैं योगेश जी से सहमत हू | आज निर्मल बाबा है , कल कोई और होगा | अगर जनता ही भाव न दे तो कहाँ करेंगे समागम और किसके लिए | जागो भारत जागो | किसी व्यक्ति विशेष को इश्वर का ठेकेदार मत बनाओ | सच्चे मन से प्रार्थना करो तो इश्वर आप पे कृपा अवश्य करेंगे , जोकि लगातार बरस रही है |

  47. क्यों पीछे पड़े हो भाई निर्मल बाबा के ..अगर पब्लिक को ही होश नहीं तो बाबा की क्या गलती है… बहुत स्सरे बाबा है जो इस तरह से माल बनाने में लगे हैं…. बनाने दो… जागरूक करना है तो जनता को करो… अगर किसी को इस बाबा गिरी के काम में जनता, सरकार और सबसे बड़ी बात मीडिया से सम्मान प्राप्त हो रहा तो … इसमें जलने की क्या बात है… अब जनता तो बेवकूफ है तो इसमें बाबा क्या करे?? हर किसी की तमन्ना है अधिक से अधिक पैसा कमाने की और इज्ज़त कमाने की… अगर किसी को मिल रही है तो इसमें जलने की क्या बात है… वैसे भी हिन्दुस्तान की बेवकूफ जनता से ऐसे ही पैसे बनाए जा सकते हैं…
    बाबा जी लगे रहो…. गधे हैं सब स्साले …. पहले मुस्लिम शासकों ने लूटा.. फिर अंग्रेजो ने लूटा …फिर नेताओं ने लूटा …अब तुम क्यों पीछे रहो इन बेवकूफ हिन्दुस्तानियों को लुटने में… लगे रहो…

  48. ”सिख धर्म के धर्मग्रथों में तो साफ कहा गया है कि करामात कहर का नाम है। इसका मतलब हुआ कि जो भी करामात कर अपनी शक्तियां दिखाने की कोशिश करता है वो धर्म के खिलाफ़ काम कर रहा है। निर्मल को मैंने कई दफ़ा ये बात समझाने की कोशिश भी की, लेकिन उसका लक्ष्य कुछ और ही है। मैं क्या कर सकता हूं?” नामधारी ने सवाल किया।.

  49. ”सिख धर्म के धर्मग्रथों में तो साफ कहा गया है कि करामात कहर का नाम है। इसका मतलब हुआ कि जो भी करामात कर अपनी शक्तियां दिखाने की कोशिश करता है वो धर्म के खिलाफ़ काम कर रहा है। निर्मल को मैंने कई दफ़ा ये बात समझाने की कोशिश भी की, लेकिन उसका लक्ष्य कुछ और ही है। मैं क्या कर सकता हूं?” नामधारी ने सवाल किया।.

  50. निर्मल बाबा के जीजा इंद्र सिंह नामधारी का खास साक्षात्कार… बोले मैंने निर्मल को कई बार मना किया था… पर वोह नहीं माना… इसीलिए हमने उससे बात करना भी बंद कर दिया है…

  51. निर्मल बाबा के जीजा इंद्र सिंह नामधारी का खास साक्षात्कार… बोले मैंने निर्मल को कई बार मना किया था… पर वोह नहीं माना… इसीलिए हमने उससे बात करना भी बंद कर दिया है…

प्रातिक्रिया दे

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.

Next Post

निर्मल बाबा के हाथों बिक गया जागरण या उनकी 'किरपा' रुकने से डर गए जस्टिस काटजू?

-अनिल सिंह ।। टीवी-अखबारों में हर रोज चमकने-छपने वाले, नेताओं-मंत्रियों की नैतिकता पर उंगली उठाने वाले, भ्रष्‍टाचार को लेकर चीखते-चिल्‍लाते-अपनी […]
Visit Us On TwitterVisit Us On FacebookVisit Us On YoutubeVisit Us On LinkedinCheck Our FeedVisit Us On Instagram