एक दिन में 4 करोड़ से भी ज्यादा कमा लेते हैं निर्मल बाबा, मीडिया भी लेता है ‘चढ़ावा’

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निर्मल दरबार लगा कर लोगों की हर समस्‍या का आसान समाधान बताने वाले निर्मल बाबा को हर रोज चढ़ावे के तौर पर कितने पैसे मिलते हैं? हर दिन टीवी पर दिख कर दर्शकों और लोगों पर शक्तियों की कृपा बरपाने वाले बाबा जी को किसी ने अन्य बाबाओं की तरह चढ़ावा या पैसा लेकर पैर छूने के लिए मिलते नहीं देखा, लेकिन फिर भी उन्हें हर रोज़ करोड़ों रुपए मिल रहे हैं। दिलचस्प बात यह है कि बाबा जी की इस मोटी कमाई का एक बड़ा हिस्सा मीडिया को भी मिल रहा है।

हाल ही में अचानक निर्मल बाबा के भक्तों की संख्या में बेतहाशा वृद्धि हुई है। अगर इंटरनेट पर ही बाबा जी की वेबसाइट की लोकप्रियता का आकलन किया जाए तो पता चलता है कि एक साल में इसे देखने वालों की संख्या में 400 प्रतिशत से भी अधिक की बढ़ोत्तरी हुई है। टीवी चैनलों पर उनके कार्यक्रम के दर्शकों की संख्या में भी भारी इज़ाफा हुआ है। हालांकि उनके समागम का प्रसारण देश विदेश के 35 से भी अधिक चैनलों पर होता है जिन्हें खासी लोकप्रियता भी मिल रही है, लेकिन उनके बीच कोई ब्रेक या विज्ञापन नहीं होता। न्यूज़ 24 पर पिछले हफ्ते उनके कार्यक्रम की लोकप्रियता 52 प्रतिशत रही जो शायद चैनल के किसी भी बुलेटिन या शो को नहीं मिल पाई है।

चैनलों को इन प्रसारणों के लिए मोटी कीमत भी मिल रही है जिसका नतीजा है कि उन्होंने अपने सिद्धांतों और क़ायद-क़ानूनों को भी ताक पर रख दिया है। नेटवर्क 18 ने तो बाबा के समागम का प्रसारण अपने खबरिया चैनलों के साथ-साथ हिस्ट्री चैनल पर भी चलवा रखा है। खबर है कि इन सब के लिए नेटवर्क 18 की झोली में हर साल करोड़ रुपए से भी ज्यादा बाबा के ‘आशीर्वाद’ के तौर पर पहुंच रहे हैं। कमोवेश हरेक छोटे-बड़े चैनल को उसकी हैसियत और पहुंच के हिसाब से तकरीबन 25,000 से 2,50,000 रुपए के बीच प्रति एपिसोड तक।

फेसबुक पर निर्मल बाबा का ये कार्टून खासा लोकप्रिय हो रहा है

अब जरा देखा जाए कि चढ़ावा नहीं लेने वाले निर्मल बाबा के पास इतनी बड़ी रकम आती कहां से है? महज़ डेढ़ दो सालों मे लोकप्रियता की बुलंदियों को छू रहे निर्मल बाबा हर समस्या का आसान सा उपाय बताते हैं और टीवी पर भी ‘कृपा’ बरसाते हैं। काले पर्स में पैसा रखना और अलमारी में दस के नोट की एक गड्डी रखना उनके प्रारंभिक सुझावों में से है। इसके अलावा जिस ‘निर्मल दरबार’ का प्रसारण दिखाया जाता है उसमें आ जाने भर से सभी कष्ट दूर कर देने की ‘गारंटी’ भी दी जाती है। लेकिन वहां आने की कीमत 2000 रुपये प्रति व्यक्ति है जो महीनों पहले बैंक के जरिए जमा करना पड़ता है। दो साल से अधिक उम्र के बच्चे से भी प्रवेश शुल्क लिया जाता है। अगर एक समागम मे 10 से 20 हजार लोग (कई समागमों में तो इससे ज्यादा लोग मौज़ूद होते हैं) भी आते हैं तो उनके द्वार जमा की गई राशि 2 से 4 करोड़ रुपये बैठती है।

ये समागम हर दूसरे दिन किसी इनडोर स्टेडियम में होता है और अगर महीने में 15 ऐसे समागम भी होते हों, तो बाबा जी को कम से कम 30 से 60 करोड़ रुपये के बीच का प्रवेश शुल्क मिल चुका होता है। बाबा जी को सिर्फ स्टेडियम का किराया, सुरक्षा इंतजाम और ऑडियो विजुअल सिस्टम पर खर्च करना पड़ता है जो कि महज़ कुछ हज़ार रुपय़े होते हैं। समागम कुछ ही घंटो का होता है जिसमें बाबा जी अपनी बात कहते कम और सुनते ज्यादा हैं। महज़ कुछ घंटे आने और कृपा बरसाने के लिए करोड़ों रुपये कमा लेने वाले बाबा जी अपना कार्यक्रम अधिकतर दिल्ली में ही रखते हैं जहां सारी सुविधाएं कम खर्चे में आसानी से उपलब्ध हो जाती हैं।

यह अलग बात है कि दिल्ली में समागम अधिकतर तालकटोरा इंडोर स्टेडिम में होता है् जहां साढ़े तीन-चार हजार लोग बैठते हैं। यानि यहां की कमाई 70 से 80 लाख प्रति समागम होती है। इन दिनों हर महीने कम से कम छः-सात समागम हो ही जाते हैं। इसके अलावा दसवंद और दूसरे चंदों के नाम पर भी कई लाख रुपए हर रोज़ बाबा जी के अकाउंट में आ जाते हैं। कुछ बैंक अधिकारियों का कहना है कि बाबा जी के अकाउंट में एक दिन में चार-पांच करोड़ रुपए जमा होना मामूली बात है।

इस मोटी कमाई में एक छोटा, लेकिन अहम हिस्सा उस मीडिया को भी जाता है जिसने बाबा जी को इतनी शोहरत दी है। हालांकि अब कुछ अनचाहे हिस्सेदार भी मिलने लगे हैं। पिछले महीने निर्मल बाबा को एक ‘भक्त’ के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए पुलिस तक की मदद लेनी पड़ी। आरोप है कि लुधियाना के रहने वाले इंद्रजीत आनंद ने अपने परिवार के साथ मिल कर जालसाज़ी से बाबा जी को भेजे जाने वाले पैसे में से 1.7 करोड़ रुपये अपने और अपने परिवार के खाते में डलवा लिए। पुलिस ने बताया कि निर्मल बाबा ने बैंक को शिकायत दी थी। बैंक ने जांच की, जिसके बाद आरोपियों के खिलाफ़ मामला दर्ज किया गया।

उनके भक्त अपनी समस्या सुलझाने के लिए सवाल तो करते ही हैं, उन पर पिछले दिनों बरसी कृपा का गुनगान भी करते है। टीवी चैनलों पर उनके भाव विह्वल होकर सुनाए गए अनुभवों का प्रसारण भी किया जाता है जिसमें उसके सभी कष्टों के निवारण का विवरण होता है। लोगों को कार्यक्रम का यही हिस्सा सबसे ज्यादा प्रभावित करता है दरबार में आने के लिए। निर्मल बाबा की बढ़ती लोकप्रियता ने उन्हें चर्चा में ला दिया है। ट्विटर पर उन्हें फॉलो करने वालों की संख्या करी 40 हजार हो चुकी है। रहे हैं। फेसबुक पर निर्मल बाबा के प्रशंसकों का पेज है, जिसे 3 लाख लोग पसंद करते हैं। इस पेज पर निर्मल बाबा के टीवी कार्यक्रमों का समय और उनकी तारीफ से जुड़ी टिप्पणियां हैं।

लेकिन सभी लोग निर्मल बाबा के प्रशंसक नहीं हैं। फेसबुक पर कई लोग उन पर और उनके दावों पर संदेह भी जता रहे हैं। किसी ने उन्हें ‘फ्रॉड’ बताया है तो कोई ‘पैसे हजम करने वाला’। एक शख्स ने तो लिखा है, ‘बाबा बहुत चालाक आदमी है… आपको हाथ दिखाएगा तो आप पर ऊपर वाले की कृपा हो जाएगी…सिर्फ टीवी देखने से भी भला होता है?’ एक दूसरे व्यक्ति ने लिखा है: ‘महाठग जो बुद्धू लोगों को चूना लगा रहा है और लोग हंस रहे है..पता नहीं लोग कब समझेंगे भगवान और आदमी का
फर्क..?’

निर्मल बाबा के जीवन या उनकी पृष्ठभूमि के बारे में बहुत कम लोगों को पता है। उनकी आधिकारिक वेबसाइट निर्मलबाबा. कॉम पर कोई जानकारी नहीं दी गई है। इस वेबसाइट पर उनके कार्यक्रमों, उनके समागम में हिस्सा लेने के तरीकों के बारे में बताया गया है और उनसे जुड़ी प्रचार प्रसार की सामग्री उपलब्ध है। झारखंड के एक अखबार के संपादक ने फेसबुक पर निर्मल बाबा की तस्वीर के साथ यह टिप्पणी की है, ‘ये निर्मल बाबा हैं। पहली बार टीवी पर उन्हें देखा। भक्तों की बात भी सुनी। पता चला..यह विज्ञापन है. आखिर बाबाओं को विज्ञापन देने की जरूरत क्यों पड़ती है? सुनने में आया है…ये बाबा पहले डाल्टनगंज (झारखंड) में ठेकेदारी करते थे?’

लेकिन एक दूसरी वेबसाइट निर्मलबाबा.नेट.इन उनके बारे में कई दावे किए गए हैं। वेबसाइट के मुताबिक निर्मल बाबा आध्यात्मिक गुरु हैं और भारत में वे किसी परिचय के मोहताज नहीं हैं। इस वेबसाइट पर उन्हें दैवीय इंसान बताया गया है। उनकी शान में कसीदे गढ़ते हुए बताया गया है कि किसी भी इंसान का सबसे बड़ा गुण ‘देना’ होता है और निर्मल बाबा लंबे समय से लोगों को खुशियां दे रहे हैं। वेबसाइट का दावा है कि बाबा के पास छठी इंद्रिय (सिक्स्थ सेंस) भी है जिससे मनुष्य को भविष्य में होने वाली घटना के बारे में पहले से ही पता चल जाता है। ग़ौरतलब है कि उनके समागम का शीर्षक ही ‘थर्ड आई ऑफ निर्मल बाबा’ होता है।

हालांकि, निर्मलबाबा.कॉम में बताया गया है कि निर्मलबाबा.नेट.इन एक फर्जी वेबसाइट है, लेकिन इसमें बाबा की तारीफ़ ही छपी है। वेबसाइट के अनुसार, ‘बाबा नई दिल्ली में रहने वाले आध्यात्मिक गुरु हैं। वेबसाइट के मुताबिक वे 10 साल पहले साधारण व्यक्ति थे, लेकिन बाद में उन्होंने ईश्वर के प्रति समर्पण से अपने भीतर अद्वितीय शक्तियों का विकास किया। ध्यान के बल पर वह ट्रांस (भौतिक संसार से परे किसी और दुनिया में) में चले जाते हैं। ऐसा करने पर वह ईश्वर से मार्गदर्शन ग्रहण करते हैं, जिससे उन्हें लोगों के दुख दूर करने में मदद मिलती है।

उनकी इस साईट के मुताबिक निर्मल बाबा के पास मुश्किलों का इलाज करने की शक्ति है। वे किसी भी मनुष्य के बारे मेंटेलीफोन पर बात करके पूरी जानकारी दे सकते हैं। यहां तक कि सिर्फ फोन पर बात करके वह किसी भी व्यक्ति की आलमारी में क्या रखा है, बता सकते हैं। उनकी रहस्मय शक्ति ने कई लोगों को कष्ट से मुक्ति दिलाई है।’ निर्मल बाबा के बारे में जानने के लिए उनकी आधिकारिक वेबसाइट पर दिए गए नंबरों पर संपर्क करने की कोशिश की गई तो नंबर लगातार व्यस्त रहे।

निर्मल बाबा के दावों पर कुछ लोग सवाल भी उठा रहे हैं। इंडीजॉब्स. हबपेजेस.कॉम वेबसाइट पर निर्मल बाबा की कार्यशैली और दावों पर कुछ सवाल उठाए गए थे, लेकिन बाद में डिलीट कर दिए गए। हबपेजेस.कॉम पर कोई भी व्यक्ति अपनी पसंद के आर्टिकल प्रकाशित कर सकता है। इस वेबसाइट पर दावा किया गया है कि ऐसे आर्टिकल प्रकाशित करने पर क्लिक के आधार पर वह पैसे भी कमा सकता है।

इस वेबसाइट पर प्रकाशित लेख ‘इज निर्मल बाबा अ फ्रॉड’ में कहा गया था कि उनके इतिहास के बारे में बेहद कम जानकारी उपलब्ध है। वेबसाइट के मुताबिक, ‘वे वर्तमान में समागम के अलावा क्या करते हैं और अपने भक्तों से मिलने वाली करोड़ों रुपये की राशि से वे क्या कर रहे हैं, इसके बारे में कोई जानकारी उपलब्ध नहीं है। अगर प्रकृति ने उन्हें दैवीय शक्ति दी है, तो वे लोगों से पैसे लेकर क्यों उनका भला कर रहे हैं?

हालांकि अब ये पेज उपलब्ध नहीं है। लेख में लिखा था ‘अगर आपके पास पैसे नहीं हैं, तो निर्मल बाबा आपका चेहरा तक नहीं देखेंगे।’

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142 thoughts on “एक दिन में 4 करोड़ से भी ज्यादा कमा लेते हैं निर्मल बाबा, मीडिया भी लेता है ‘चढ़ावा’

  1. ha Shashi ji dekhah tv par.
    भक्त – बाबा मैं बहुत दिनों से परेशान हूँ मेरी परेशानी खतम ही नहीं हो रही हैं मैं क्या करू बाबा?
    निर्मल बाबा – अपने समोसा कब खाया था?
    भक्त – जी दो दिन पहले ही खाया था,
    निर्मल बाबा – समोसों के साथ कौन सी सौस खायी थी?
    भक्त – जी चिली सौस,
    निर्मल बाबा – अब समोसों के साथ टोमाटो सौस खाना, कृपा बन जाएगी.

  2. baba G tumari too waat lag gyi yaar …pura plan chowpat ho gya loog jaag gyee yaar ….tum too jaa se chale thee vahi par aa gye yaar…tum tumara jadu fail ho gya yaar…you bad luk…baba

  3. KISI BHEE BABA KO POPULAR KARANE ME MEDIA KA BAHUT BADA HATH HOTA HAI…PATRAKARITA KI NAITIKTA SE PARE, MEDIA KEWAL PAISE KE LIYE MARE JA RAHI HAI.T V CHANNEL KO NAITIKTA SE KOI SAROKAR NAHI , PAISA DO AUR KUCHH BHEE DIKHAO…..JAI HO BHARAT DESH.

  4. सीधी बात है की निर्मल बाबा लोगो को लूट कर उनके पैसो से अपना महल तयार कर रहे है……..और उनको पुब्लिसिटी दिलाने के लिए मीडिया भी आगे बढ़ कर आयी है……वर्ना एक बार मिलने के लिए २००० लगते है…..ये तो सीधा सीधा धोखाधारी है……अगर यही सब पैसा हमारे देश की तरक्की के लिए लगता तो आज हमारा भारत एक शक्तिशाली देश होता…..ऐसे कुछ लोगो की वजह से आज हमारे देश की ऐसी हालत है……corruption से pirit है हमारा भारत………

  5. क्या निर्मल बाबा ही दोसी है सोचना जरुरी है क्या वें लोग दोसी नहीं है जो इन् चीजो को बढ़ावा देती है मेरे ख्याल से मीडिया न्यूज़ चैनल और समागम मैं जाने वाला हर शक्श गुनेहगार है जिन्होने निर्मल हो इतना फेलाने फूलने का मोका दिया जनता के पास बोहत पैसा है तभी तो ऐसे लाखो बाबा ट्रस्ट और संसथान माला माल है आज भारत का कितना पैसा इन babon और माथो के पास है..इस का अगर देश की उन्नेत्ति मैं लगा दिया जाये तो भारत मैं बेरोजगारी…भुकमरी….ख़तम हो जायगी ……

  6. जिस आदमी का ईमान पैसा, जिसका धर्म पैसा, जिसकी हर बात में पैसा झलकता हो. जो इंसान सिर्फ पैसे की भाषा बोलता हो ,ऐसा आदमी किसी का क्या भला करेगा. ये ढोंगी तो लोगों को बेवक़ूफ़ बना कर सिर्फ अपना भला कर रहा है.
    एक छोटी सी बात -ये अपने आप को अंतर्यामी बोलता है फिर तो इस आदमी को. समागम में बैठे किसी भी इन्सान से ये पूछने की क्या जरूरत है कि वो कहाँ से आया है. और क्या करता है? हमें चाहिए कि हम अपने आप पर भरोसा करें और अपनी मेहनत से अपने सपनों को पूरा करने की कोशिश करें बजाय की ऐसे पाखंडियों का घर रूपयों से भरने के.
    ऐसे लोग अपना मतलब साधने के लिए धर्म की गरिमा के साथ खिलवाड़ करते रहते हैं. और हम सिर्फ अपने लालच के मारे इन जैसे ढोंगी लोगों को भगवान मान बैठते हैं.
    धर्म का इससे बड़ा मजाक उड़ाना और क्या होगा कि ये कहना कि आप अपनी गाड़ियों से. भगवान की फोटो हटा कर मेरी यानि निर्मल बाबा की फोटो लगाओ.
    यह सब कुछ प्रचार का नतीजा है. मै व्यक्तिगत रूप से कई बाबाओं से मिल चुका हूँ, और यह भली भाती जान चुका हूँ की ये सब भी हमारे-आपके तरह साधारण इन्सान हैं. निर्मल बाबा भी ऐसे ही हैं.

  7. सबसे बड़ा चोर निर्मल बाबा है और उससे भी बड़ा चोर मीडिया है……. सब लोग एक दुसरे की मारने पर लगे हुए है…….
    और इस देश की जनता पागल है साली ……
    सारे बाबा , सारे नेता , ठग है सिर्फ और सिर्फ ठग ,,,,,,,,,,
    और देश की जनता तो भेडचाल चलती है….. इनमे तो दिमाग ही नहीं है…..
    रोज साला नया बाबा पैदा हो जाता है इंडिया में.

  8. NIRMAL BABA G. KO KOTI-KOTI PRANAM. BABA G. MUGH PAR AUR MARE PARIVAR PAR AAP APNI KRIPA BANAY RAKHANA. BABA G. GHAR ME SUKH-SAMRADHI-SHANTI BANI RAHE. GHAR ME SAB LOG SAWASTHY RAHE. SAMAJ ME IZZAT BANI RAHE. BABA G. GHAR ME SAB KO SAAD BUDDHI DO.BABA G. KO KOTI-KOTI PRANAM.

  9. Baba ji maine tow aksar samose hari aur lal dono rang ki chatni se khai hai par fayda nahin hua.Mere liye kaun sa rang saahi rahega.Golgappe bhee khata rahta hoon.Kripa kab barsegi.

  10. सही है देश सही जा रहा है एक तरफ हमारे नेता नोच रहे है दूसरी और रोज कोई नया बाबा आ जाता है सही वो भी क्या करे बेवकूफ लोगो को थोडा और बेवकूफ बना कर मजे ले रहे है सबसे मजे की बात तो ये है हिंदुस्तान में किसी पूजा पाठ से इकट्ठा की गयी रकम के बारे इन्कोमे टैक्स वाले भी कुछ नहीं बोलते क्या इन पर टैक्स नहीं लगता?
    हिंदुस्तान में बाबाओ की बड़ी मौज है मई भी सोचता हु बाबा बनुगा बड़े फायदे है फ़ोकट की सेवा सत्कार पैसा तो पुच्चो मत …………..

    सरम करो हरम की खाने वालो …………………….

  11. ऐसे बाबा को तो सड़क पर दौड़ा-दौड़ा कर जूत्ते मारने चाहियें ताकि इसकी सारी पीढियां गंजी पैदा हों और याद रखें कि निर्मलजीत नरूला के फर्जी बाबा बनने के कारन सारा खानदान गंजा रहने को अभिशिप्त है…

  12. बाबा का बज गया बाजा.. और बिना शक़ इसका श्रेय आपके इस बेबाक लेख को जाता है। मैं कई वेबसाइटों पर इस खबर को हू-ब-हू पढ़ा है। कुछ में धीरज जी का नाम है, कुछ में नही, लेकिन इतना जरूर है कि आपके नाम से ज्यादा आपका काम बोल रहा है।
    आपके जज्बे को सलाम

  13. एकदम सटीक विश्लेषण.. धीरज जी, आपके इस एक लेख ने ही बाबा की बख्या उधेड़ दी.. बधाई हो

  14. वैसे तो व्यक्ति पूजा के खिलाफ आवाज़ बुलंद होनी ही चाहिए, मगर किसी की श्रद्धा पर भी अंकुश नही लगाना चाहिए , किसी को अगर किसी की कृपा से फायदा होता है तो ये उसकी अपनी सोच है और किसी की सोच को कोई नही बदल सकता…..

  15. Shashi Ranjan Kumar Verma जी यह बाबा फुद्दू है अप्प पागल हो जो इनके पीछे लगे हुए हो !! तेरी तो बुधि भ्रस्त हो गयी है ! सभी पागल है जो एस पाखंडी को बाबा कहते है !

  16. saale shashi ranjan…….tere jaise logo ki wajeh se hi ye sab ho rha hai………..jinhone…………bina sachchai jane us kutte ko bhagwan bna diya hai…………sale wahan bolne waaale bhi usi k aaadmi hote hai…………….jago yaaarooon aaaagggoooo

  17. निर्मल बाबा गलत नहीं है उनके बारे में गलत अफ्वाये फ़ले जा रही है पैसे निर्मल बाबा नहीं मांग रहे है भक्त अपनी मर्जी से दे रहा है

  18. इस में किसी का कोई दोष नहीं है , यह दोष उन लोगो का है जो नाकारा है और हमेशा किसी चमत्कार को देखना या सुनने से ही भक्तो की लिस्ट में शामिल हो जाते है. यह सभी लोग वो भेड़ है जो किसी के भी साथ चल पड़ते है. और इन् जैसे बाबाओ की दुकान चल पड़ती है.

  19. nirmal baba je ……….ke baare me kisi ko kuch galt bolne ka koi hack nahi he kyoki tum kisi ke baare me kuch nahi jante ho……. rahe baat media ke media to chikna ghada he kidher bhe ludak jata he …aur rahe baat nirmal baba ke unke bhakt jaante he ke baba je galt nahi he we support nirmal baba je………

  20. कुते की गति सब जानते हैं, यहाँ गया दो ठोकर, वहां गया दो ठोकर! सोचो अप लोग, इसने ये तक कहा की मई भगवन हूँ. हिन्दू धर्मं को ठेस पहुंचाई है इस कमीने ने इसे तो रोड से थोक थोक के क्या कहूँ अब जाओ समोसे खालो और चटनी उनकी गंद में लगा दो वो सही हो जायेंगे

  21. मने आज तक बाबा का समागम में नहीं गया हु, लेकिन निर्मल बाब गतल नहीं हो सके है, वो किसी बी इंसान को अपनी पूजा करने के लिय नहीं बोलते हे, वो सिर्फ इंसान के रोजमर के कम करने के tarike को बदलने की सलहा देते हे, बाबा कोई बागवान नही हो सकते, वो सिर्फ एक जरिया ह बागवान की बात हमे तक pahuchane का, और आज तक किसी बी इंसान को बाबा स कोई शिकायत भी नहीं हुई है, अगर कुछ लोगो को बाबा पर शक है तो बाबा को जाच करावी जा सकती ह,, अगर बाबा की किरपा झोटी है तो सब सच सामने आ ही जायेगा… धन्यवाद.

    1. अब क्या कहते हो पंकज बाबा? अब तो दूध को दूध- पानी का पानी हो गया। रोजमर्रा का तरीका समोसा और जलेबी खाकर नहीं बदला जा सकता।

  22. बाबा जी में सचमुच सच्ची शक्ति है और मैंने महसूस भी किया है जिन लोगों ने बाबा जी की किर्पा नहीं पाई है
    वह लोग तो अनाब-शनाब बोलते ही रहेंगे सो उन्हें बोलने दो, हम भक्तों को उन पर विशवास रखना है और उनकी
    बातों पर अमल करते रहना है जय निर्मल बाबा जी महाराज की

    1. अब क्या हुआ शैलजा डोगरा जी..? किरपा मिल गई..?

  23. Atul Agarwal जब तक मूर्ख जिंदा हैं अक्लमंद भूखा नही मर सकता। शायद यह बात बाबा ने सिद्ध कर दी । बाबा की लोकप्रियता का कारण एक और हो सकता है कि लोग पैसा कमाने शार्टकट का इस्तेमाल करना चाहते हैं मेहनत नही करना चाहते।

  24. abe tune jis bhagwan ka photo lagaya hai apani profile me o bhi 1 insan the jo mahabharat jaise ladai me samil the unako tu bhagwan kah sakta aur jo achchh kam kar raha sabki bhlai kar raha hai usake bare me aisa bol raha ha tujhe kuchchh bhi malum hai ki nahi ya aise hi net chalu kiya aur kisi ke bareme kuchh bhi likh diya

  25. ज़रा इस वीडियो को गौर से देखिये! यहाँ आप को पता चल जायेगा कि कैसे यह ढोंगी बाबा अपने ही चमचों को छांट छांट कर बुलाता है… इन चमचो से पहले ही डायलोग रटाया जाता है. यह बाबा के मंझे हुए कलाकार होते हैं. फिर कार्यक्रम के वक्त यही कलाकार अपने दुखों का मार्मिक किस्से सुनते हैं और फिर यह बताते हैं कि बाबा जी कि कृपा से हमारे दुःख दूर हो गए. बाकि मूर्खों कि भीड़ इस से प्रभावित हो कर जय जय कार क…रने लगते हैं. बड़ा ही गज़ब का अभिनय होता है इस पाखंडी बाबा के दरबार में!
    मगर इस विडियो में सभी कलाकार मंझे हुए नहीं हैं. कईयों के डायलोग बोलते वक्त हंसी छूट रही है. अनाड़ी लग रहे हैं बेचारे.. अभी इन कलाकारों को रिहर्सल की ज़रूरत है.
    एक शख्स कहता है कि वह नागपुर से आया है और मेरा चौथा समागम है , इस के हाव भाव से ही पता चल रहा है कि यह अभिनय में अभी पक्का नहीं है. कहता है मुझे सीमेंट का डीलर भी आप ने बना दिया , मुझे पैसे भी बहुत दिए. इन सब लोगों के बयान लिए जाने चाहिए क्यों कि यह लोग भी इस षड्यंत्र के हिस्सेदार हैं. इन सब कलाकारों के वीडयो भी डाउन लोड कर के रखा जाए और बाद में इन पर भी जाँच की जाए!

  26. बाबा अब बाबागिरी को छोड़ कर माफिया गिरी में उतर आये है. जय हो ऐसे बाबे की. एक तो चोरी और ऊपर से सीना जोरी! ऐसा बाबा आगे चल कर किसी को भी रास्ते से हटा सकता सकता है…..

  27. भाई लोगो आप सोचो ये बाबा लोग प्रवचन दे दे कर करोडो लोगो को कामधाम से दूर कर देते है !!! आदमी जितना समय इनके प्रवचन सुनता है उतना देर मेहनत और लगन से काम करे तो किसी बाबा के पास जाने की जरुरत नहीं है !!!मैं नहीं कहता की ऊपर लिखे पोस्ट गलत है पर भाई लोगो जो लोग भगवान् की खोज में हमेशा रहते है उन्हें पता होना चाहिए इस दुनिया में सब इन्सान है कोई भगवान् नहीं है !और जो भगवान को नहीं खोजता उसके तो दिल में भगवान् है !
    दिल से अपना कर्म करो बुरा करके भगवान् को खोजने की बजे अच्छा करो भगवान् सबको देख रहा है सबको अपने किये का फल मिलता है किसी को कम समय में तो किसी को ज्यादा समय में
    और निर्मल बाबा भी १ इंसान है और में किसी की निंदा नहीं करता क्यों की कोई सही है या गलत है ये फैसला करने का हक़ सर भगवान् को है मुझे नहीं पर …..मेहनत करना किसी पाखंडियो के चक्कर में पड़ना मेरे हाथ वो में नहीं करूँगा …पर जो लोग इन पर विस्वास करते है तो उसमे भी उनका स्वार्थ होता है ……

  28. निर्मल बाबा तुम दुसरे लोगो को ठग ते हो तुम्हे पता हे | की गरीब आदमी किस तरह पैसा कमाता हे |तुम भगवान बन ते हो एक दिन तुम्हे भगवान भी माफ़ नही करेगे …..

    1. अबे xxx तू कुछ भी लिखेगा तो लोग मन जायेंगे क्या अगर तुझमे इतना है तो तू भी जरा ऐसा कर के दिखा है क्या dam

      1. क्या हुआ राम चाचा? लोग मान भी गए और दम निकल भी गया तेरे बाबा का।

  29. Khaleel jibran ki ek chhoti si story hai…. ""maine kaha ki us gulam ko sone do, ho sakta hai wo aazadi ke sapne dekh raha ho…" "usne mujhse kaha- nahi us sote gulam ko jagao aur use batao ki aajadi kaise hasil ki ja sakri hai….!" Jo log dhongiyon ke chakkar me pade hain, unhe un dhongiyon ke chagul se bachane ki koshish jaroor karni chahiye. Log yah soch kar chup rah jate hain ki yah samne wale ka opinion hai…. Dongi Babaon le bachane ke sath-sath anya logon ko bhi sawdhan karne ki jarurat hai. Bhale wo mane ya na Khaleel jibran ki ek chhoti si story hai…. ""maine kaha ki us gulam ko sone do, ho sakta hai wo aazadi ke sapne dekh raha ho…" "usne mujhse kaha- nahi us sote gulam ko jagao aur use batao ki aajadi kaise hasil ki ja sakri hai….!" Jo log dhongiyon ke chakkar me pade hain, unhe un dhongiyon ke chagul se bachane ki koshish jaroor karni chahiye. Log yah soch kar chup rah jate hain ki yah samne wale ka opinion hai…. Dongi Babaon le bachane ke sath-sath anya logon ko bhi sawdhan karne ki jarurat hai. Bhale wo mane ya na mane….!

  30. अगर आपके पास पैसे नहीं हैं, तो निर्मल बाबा आपका चेहरा तक नहीं देखेंगे।’ Jai ho Fraud baba ki..

  31. निर्मल बाबा के खिलाफ मीडिया ओर जनता को मिलकर काम करना होगा पर मीडिया पेसे के लालच में इस आडंबर को बढ़ावा दे रहा है, जो बहुत ही दुर्भाग्य पूर्ण है , कभी मीडिया पाखंड ओर अंधविश्वाश के खिलाफ बोलता है ओर कभी उसे बढ़ावा दे रहा है, ओर भारत एक निहायत ही अन्ध्भ्कत लोग समोसा, रुमाल, ट्रेन यात्रा ओर नोटो की नयी गद्दी में अपना भाग्य देख रहे है, इस तरह निर्मल बाबा बनकर अपना घर भर रहा है, 2000 रुपया सिर्फ़ एंट्री फिश ओर उसके सिवा आना जाना ओर ठहरना सब मिलकार आदमी हज़ारों रुपये बर्बाद कर रहे हेन , यही पाखंड देश के विकाश मे अवरोधक है

  32. AAP KI BAAT SE MAI SAHMAT HU , PAR EK BAAT ME AAP SE BHI PUCHTA HU.
    KYA RAM,SHRI KRISHNA,SIRDI KE SAI KYEE YE AAM JANOO SE Rs.2000/- magte thee kyaa,,
    NAHI MANGTE THE TABHI TO YE AAJ BHAGWAN KAHLATE HAI ……………..RUPYA MANGNE WALE DHONGI HOTE HAI YAAR OR KUSH NAHI …………..

  33. बेस्ट कॉमेडी शो का अवार्ड तो निर्मल दरबार को ही मिलना चाहिए और बेस्ट कॉमेडियन ke अवार्ड पर तो सिर्फ निर्मल बाबा ka ही हक है.
    निर्मल बाबा- sada हक – अत्थे रख !

  34. भक्त- बाबा पहले मेरी शादी पक्की हो चुकी थी लेकिन जब से आपका नाम लिया मेरी शादी टूट गयी यह सब आपकी कृपा से hee संभव हो सका है .जय हो nirmal बाबा की!
    इसी ही कृपा सभी पर बनाये रखना .

  35. As long as the highly qualified fools like blind followers of Nirmal Baba (?) will continue to exist on this earth, no one can stop such frauds from duping the people.