सहारा के मीडियाकर्मी से नोएडा में लूट, नशे का इंजेक्शन लगा कर सड़क पर फेंका

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दिल्ली से सटे नोएडा में ‘सहारा’ के आगरा विज्ञापन प्रतिनिधि पंकज राठौर को कुछ बदमाशों ने नोएडा स्टेडियम के पास से अगवा कर लिया.
बदमाशों ने उनके साथ जमकर मारपीट की और उन्हें नशे का इंजेक्शन लगा दिया.

करीब ढाई घंटे तक बदमाश पंकज को दिल्ली और नोएडा के बीच घुमाते रहे बाद में बदमाश उन्हें दिल्ली के खिचड़ीपुर के पास गाड़ी से फेंककर फरार हो गए.

पंकज को घायल अवस्था में नोएडा के कैलाश अस्पताल में भर्ती कराया गया.

पंकज नोएडा सेक्टर -11 में अपने दफ्तर से आगरा के लिए निकले थे और स्टेडियम के पास बस के इंतजार में खड़े थे. तभी एसेंट कार में आए बदमाशों ने उन्हें नोएडा स्टेडियम के पास पकड़ लिया और उनके साथ लूटपाट की.

खबर है कि बदमाशों ने उनके एटीएम से पैसे भी निकलवाए हैं.

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मीडिया दरबार के मॉडरेटर 1979 से पत्रकारिता से जुड़े हैं. एक साप्ताहिक से शुरूआत के बाद अस्सी के दशक में स्वतंत्र पत्रकार बतौर खोजी पत्रकारिता में कदम रखा, हिंदी के अधिकांश राष्ट्रीय अख़बारों में हस्ताक्षर. उसी दौरान राजस्थान के अजमेर जिले के एक सशक्त राजनैतिक परिवार द्वारा एक युवती के साथ किये गए खिलवाड़ पर नवभारत टाइम्स के लिए लिखी रिपोर्ट वरिष्ठ पत्रकार श्री मिलाप चंद डंडिया की पुस्तक "मुखौटों के पीछे - असली चेहरों को उजागर करते पचास वर्ष" में भी संकलित की गयी है. कुछ समय के लिए चौथी दुनियां के मुख्य उपसंपादक रहे किन्तु नौकरी कर पाने के लक्खन न होने से तेईस दिन में ही चौथी दुनिया को अलविदा कह आये. नब्बे के दशक से पिछले दशक तक दूरदर्शन पर समसामयिक विषयों पर प्रायोजित श्रेणी में कार्यक्रम बनाते रहे. अब वैकल्पिक मीडिया पर सक्रिय.
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