पोर्न देखने वाले विधायकों पर कार्रवाई की बजाय मीडिया पर ही रोक लगाने की तैयारी

Desk
Page Visited: 116
0 0
Read Time:3 Minute, 24 Second

विधानसभा में तीन मंत्रियों द्वारा अपने मोबाइल फोन पर अश्लील वीडियो क्लिपिंग देखने का मुद्दा सामने आने से परेशान कर्नाटक सरकार परेशान है। चौतरफा मुश्किलों से घिरी सरकार सदन के भीतर निजी टीवी चैनलों के कैमरों पर प्रतिबंध लगा सकती है। सरकार ने कहा है कि वह संसद की मीडिया नीति जैसी व्यवस्था पर विचार कर रही है। पर इस संबंध में पीठासीन अधिकारियों को फैसला करना है। इधर, पोर्न वीडियो प्रकरण में विधायकों से पहले पत्रकारों से पूछताछ किए जाने पर विवाद खड़ा हो गया है।

हालांकि दूसरी तरफ मुख्यमंत्री सदानंद गौड़ा ने सफाई दी है कि सरकार मीडिया को विधानसभा और विधानपरिषद में प्रवेश अथवा उसकी कवरेज से रोकेगी नहीं। उसकी स्‍वतंत्रता से कोई छेड़छाड़ नहीं किया जाएगा। जबकि जांच समिति ने इस प्रकरण को प्रसारित करने वाले टीवी चैनलों से शुरू में सवाल पूछने के समिति के फैसले से विवाद खड़ा हो गया है। समिति ने विधायकों से पूछताछ करने की बजाय क्लिपिंग दिखाने वाले चैनल तथा उसके पत्रकारों से पूछताछ की है।

दरअसल, अलग-अलग समाचार चैनलों का प्रतिनिधित्व करने वाले दो वरिष्ठ पत्रकार बुधवार और गुरुवार को समिति के समक्ष उपस्थित हुए। उनसे समिति ने कई सवाल-जवाब किए। समिति के इस कदम पर मीडिया ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की। वह इसे आरोपी पर ध्यान केंद्रित करने की बजाय अपने ऊपर निशाना साधे जाने की चाल के रूप में देख रही है। अभी तक पोर्न वीडियो देखते पाए गए तीनों विधायक लक्ष्मण एस सावदी, सीसी पाटिल और जे कृष्ण पालेमर को तलब करने के बारे में कोई फैसला नहीं किया गया है। हालांकि समिति ने मीडिया के सवाल के जवाब में बताया है कि उन्‍हें बुलाने का फैसला कर लिया गया है।

इस संदर्भ में समिति के प्रमुख श्रीशैलप्पा बीदादुर ने गोलमोल जवाब देते हुए कहा कि इस बारे में फैसला कर लिया गया है। आपको बाद में जानकारी मिल जाएगी। उन्होंने बताया कि समिति की अगली बैठक आठ मार्च को होगी। उन्होंने यह बताने से इंकार कर दिया कि तीनों विधायक समिति के समक्ष कब अपना बयान देंगे। गौड़ा ने नई दिल्ली में कहा कि मैं कोई टिप्पणी नहीं करना चाहता। हमने मीडिया की निजता में दखल नहीं दिया। हम संसदीय प्रणाली की तर्ज पर सोच रहे हैं। इस प्रणाली के अंतर्गत निजी टीवी चैनलों के सदन में प्रवेश की इजाजत नहीं है।

Happy
Happy
0 %
Sad
Sad
0 %
Excited
Excited
0 %
Sleepy
Sleepy
0 %
Angry
Angry
0 %
Surprise
Surprise
0 %
Facebook Comments

Average Rating

5 Star
0%
4 Star
0%
3 Star
0%
2 Star
0%
1 Star
0%

प्रातिक्रिया दे

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.

Next Post

पेटा के ऐड में भी मौका चूकीं दीया मिर्ज़ा, ढंके बदन में किया फैन्स को निराश

वैसे तो जानवरों के अधिकारों के लिए काम करने वाली संस्था ‘पीपल फॉर इथिकल ट्रीटमेंट ऑफ एनिमल्स’ पेटा का हर विज्ञापन […]
Visit Us On TwitterVisit Us On FacebookVisit Us On YoutubeVisit Us On LinkedinCheck Our FeedVisit Us On Instagram