चंद्रिका हत्‍याकांड : पत्रकार और उनके परिजनों को ड्राइवर ने ही मारा था

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भोपाल : मध्‍य प्रदेश में सनसनी फैला देने वाले पत्रकार चंद्रिका एवं परिजन हत्‍याकांड का सच सामने आ गया है। साथ ही पुलिस की कार्यप्रणाली भी सामने आ गई है। खुद पुलिस ने ही इस हत्‍याकांड का खुलासा करते हुए कहा है कि पत्रकार तथा उनके परिजन की हत्‍या उनके ड्राइवर ने की है। पुलिस की अब तक की बनाई गई कहानी झूठी साबित हुई है। पुलिस ने जल्‍द से जल्‍द मामला सुलझाने की हड़बड़ी में चंद्रिका राय का तार इंजीनियर के बेटे के अपहरणकांड से जोड़ दिया था।

अब स्‍पष्‍ट हो गया है कि चंद्रिका राय का अपहरण और अपहरणकर्ताओं से कोई लेना-देना नहीं था। किसी प्रकार की भी संलिप्‍तता इस कांड से नहीं थी। कहानी में सच्‍चाई नहीं थी इसलिए ही डीजीपी और उमरिया के एसपी के बयान ने ही संदेह पैदा कर दिए थे। खुलासे का मामला खटाई में पड़ता दिख रहा था, परन्‍तु एटीएम के सीसीटीवी फुटेज ने सारी कहानी बयां कर दी। इस खौफनाक हत्‍याकांड को चंद्रिका के ड्राइवर ने ही पैसे के लालच में अंजाम दिया है। पुलिस ने चालक रमेश यादव को गिरफ्तार कर लिया है।

नवनियुक्‍त डीजीपी नंदन दुबे ने इस बात का खुलासा किया है। डीजीपी के मुताबिक उनके ड्राइवर ने ही रुपयों के लालच में चंद्रिका और उनके परिजनों की निर्मम हत्‍या की है। हत्‍या के बाद उसने एटीएम से पैसे निकाले, बस यही गलती उस पर भारी तथा पुलिस के मामला सुलझाने में मददगार साबित हो गया। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज के आधार पर चंद्रिका के दोस्‍त, परिजन तथा ऑफिस के लोगों से सीसीटीवी फुटेज में रमेश के होने की पुष्टि कराई।

पुलिस ने जांच को आगे बढ़ाते हुए तमाम जानकारियां इकट्ठा की। पुलिस को यह जानकारी भी मिली की एटीएम से रुपये निकालने वाला रमेश अपने भाई की शादी बड़ी धूमधाम से की। गांव वालों ने इस बात की भी पुष्टि की है कि रमेश ने शादी में जितना पैसा खर्च किया उतना उसकी या उसके परिवार की हैसियत नहीं थी। सभी लोग रमेश की शाहखर्ची देखकर हतप्रभ थे। पुलिस अब इस बात की जानकारी जुटा रही है कि रमेश ने इस घटना को अकेले अंजाम दिया या उसके साथ और लोग भी थे।

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