क्‍या स्‍पीकर के कंट्रोल में है जम्‍मू कश्‍मीर की मीडिया?

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जम्मू : क्‍या सचमुच जम्‍मू कश्‍मीर की मीडिया विधानसभा स्‍पीकर मोहम्‍मद अकबर लोन के कंट्रोल में है या फिर ये स्पिकर का बड़बोलापन है। इस बात को लेकर जम्‍मू कश्‍मीर की मीडिया बवाल काट रही है। विधानसभा स्पीकर मोहम्मद अकबर लोन ने कल कहा कि ‘मीडिया मेरे कंट्रोल में है। समाचार पत्रों में छपी स्टोरी के सूत्रों की जानकारी सदन को देनी होगी। इसके बाद से ही बवाल जारी है। स्पीकर द्वारा यह बात कहने पर प्रेस गैलरी में मौजूद पत्रकारों ने सोमवार को सदन की कार्यवाही की रिपोर्टिग का बहिष्कार किया।

उनकी इस टिप्पणी पर विपक्ष ने भी आपत्ति जताई। इससे पहले सदन में तीन केबिनेट मंत्रियों ने राज्य के स्वास्थ्य विभाग के भ्रष्टाचार में घिरे होने के संबंध में एक स्थानीय अंग्रेजी दैनिक में प्रकाशित खबर की ओर अध्यक्ष का ध्यान दिलाया था। सेंट्रल हाल के बाहर धरने पर बैठे मीडिया कर्मियों ने मांग की कि जब तक स्पीकर अपने ये शब्द वापस नहीं लेते तब तक बहिष्कार जारी रहेगा। विपक्ष की नेता महबूबा मुफ्ती भी मीडिया के समर्थन में खड़ी हो गई हैं। उन्‍होंने शब्‍द वापस लेने तक पीडीपी के बहिष्‍कार का ऐलान किया है। उन्‍होंने इस विषय पर स्‍थगन प्रस्‍ताव लाने की बात भी कहीं है।

स्पीकर लोन के विवादित बयानों तथा रूख के चलते मीडिया कर्मी इससे पहले भी सदन की कार्यवाही का बहिष्कार कर चुके हैं। तब स्पीकर ने मीडिया से माफी मांग कर अपनी इज्‍जत बचाई थी। इस बार फिर स्‍पीकर विवादास्‍पद बयान देकर मीडिया को नाराज कर दिया है। स्पीकर ने सोमवार को कार्यवाही के दौरान इन शब्दों को इस्तेमाल तब किया जब स्वास्थ्य मंत्री शाम लाल शर्मा ने उनके तथा विभाग के खिलाफ एक समाचार पत्र में छपी स्टोरी का मामला सदन में उठाया। शर्मा ने समाचार पत्र के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की। उन्‍होंने इस स्टोरी पर समाचार पत्र से जबाव लेने की अपील स्पीकर से की।

शर्मा का साथ देने के लिए पीएचई मंत्री ताज मोहयुद्दीन भी खड़े हो गए। इस पर स्पीकर ने कहा कि इस मामले पर बाद में अपना निर्णय देंगे और मीडिया को भी निर्देश जारी करेंगे। इस पर पीडीपी के निजामुद्दीन बट ने कहा कि इस मामले को विधानसभा में नहीं उठाया जा सकता। इसकी शिकायत प्रेस काउंसिल ऑफ इंडिया को की जानी चाहिए। इस पर स्पीकर ने कहा कि मीडिया मेरे अधीन है और उन्हें अपने सूत्रों की जानकारी देनी ही होगी। बाद में स्‍पीकर ने सफाई देते हुए कहा कि मीडिया सदन के अधीन है। इस पर नाराज पत्रकार विरोध स्‍वरूप प्रेस गैलरी से बाहर निकल आए। आज भी मीडिया ने बहिष्‍कार जारी रखने की बात कही है।

स्पीकर मोहम्मद अकबर लोन के बयान के चलते उनका इसके पहले भी मीडिया के साथ विवाद हो चुका है। गठबंधन सरकार के सत्ता में आने के बाद पहले बजट सत्र के दौरान वर्ष 2009 में भी उनके व्यवहार के चलते मीडिया ने कार्यवाही की रिपोर्टिग का बहिष्कार किया। उस समय विपक्ष के नेता महबूबा मुफ्ती ने विधानसभा से वाक आउट किया था। इस पर मीडियाकर्मी महबूबा से प्रतिक्रिया लेने के लिए मीडिया गैलरी से बाहर चले गए थे, तब लोन ने बाहर गए रिपोर्टरों को प्रेस गैलरी में न आने देने का निर्देश जारी कर दिया था। बाद में उमर के राजनीतिक सलाहकार के मध्‍यस्‍थता के बाद स्थिति ठीक हुई थी तथा लोन ने अपनी गलती मानते हुए मीडियाकर्मियों से माफी भी मांगी थी।

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