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अपहरण की साजिश में शामिल थे चंद्रिका राय, एक आरोपी का खुलासा

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भोपाल। मध्‍य प्रदेश की राजनीति और पत्रकारिता में भूचाल लाने वाले उमरिया के पत्रकार चंद्रिका राय व उनके परिवार की हत्या के मामले में एसटीएफ को अहम सुराग मिल गए हैं। इस मामले में एसटीएफ ने चार लोगों को हिरासत में लिया गया है। प्रारम्भिक जांच में पता चला है कि चंद्रिका की हत्या के तार 15 फरवरी को उमरिया में एक सब इंजीनियर के बेटे के अपहरण से जुड़े हैं। इस अपहरण में असफलता ही पत्रकार परिवार के हत्‍या की कारण बनी। हालांकि पुलिस अधिकारी अभी इस विषय या हिरासत में लिए गए व्‍यक्तियों के बारे में कुछ भी बोलने से बच रहे हैं। पर माना जा रहा है कि शुक्रवार यानी आज पूरे हत्‍याकांड का खुलासा किया जा सकता है।

पुलिस सूत्रों का कहना है कि चंद्रिका राय तथा उनके परिवार की हत्‍या उन्‍हीं लोगों ने की है, जिन्‍होंने 15 फरवरी को सब इं‍जीनियर हेमंत झारिया के साढ़े सात साल के बेटे अनंत का अपहरण किया था। पर पुलिस के दबाव में अपहरणकर्ताओं को बिना पैसे लिए अनंत को छोड़ना पड़ा। अंतत: 16 फरवरी को अनंत घर वापस लौट आया। इसके अगले ही दिन 17 फरवरी को चंद्रिका राय और उनके परिजनों की हत्‍या हो गई तथा चंद्रिका राय समेत उनकी पत्‍नी, पुत्र व पुत्री के शव उनके ही घर से बरामद हुआ।

हालांकि शुरुआत में पुलिस कई बिंदुओं को ध्‍यान में रखकर मामले की जांच कर रही थी। जिसमें अपहरणकर्ता गिरोह एवं कोल माफिया समेत कई बिंदु शामिल थे। बाद में इस मामले में जांच की दिशा अपहर्ताओं द्वारा इस्‍तेमाल किए गए मोबाइल के इर्द-गिर्द सिमट गई। जांच में पता चला कि वो मोबाइल फोन सब इंजीनियर झारिया के नौकर अमित सिंह ने वहीं की एक दुकान से खरीदे थे। इसी मोबाइल फोन की पड़ताल से पुलिस को चंद्रिका राय एवं उनके परिवार के हत्‍यारों का सुराग मिला है। बताया जा रहा है कि आज इस मामले में डीजीपी प्रेस कांफ्रेंस करके पूरे हत्‍याकांड का खुलासा कर सकते हैं।

हिरासत में आए चौथे आरोपी ने चौंकाने वाली जानकारी दी है। उसने एसटीएफ को बताया है कि चंद्रिका भी लोक निर्माण विभाग के एसडीओ के बेटे के अपहरण की साजिश में शामिल था। हिरासत में आए आरोपियों के नए खुलासे में यह बात आई कि एसडीओ हेमंत झारिया के छह साल के बेटे के अपहरण की साजिश में चंद्रिका राय भी शामिल था। बाद में जब पुलिस दबाव के कारण बच्चे को छोड़ना पड़ा तो बाकी आरोपी यह समझ रहे थे कि फिरौती की रकम चंद्रिका ने ले ली होगी, जबकि चंद्रिका को यह भ्रम था कि उसका पड़ोसी होमगार्ड उससे झूठ बोल रहा है। हत्याकांड वाली रात पड़ोसी ने ही चंद्रिका से दरवाजा खुलवाया। इसके बाद आरोपियों ने उससे करीब 25 हजार रुपये लूटे एवं उसकी हत्या कर दी।

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