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किस बिल में छुपे हैं गडकरी-तोगड़िया? वैसे तो हिन्दु वोटों की राजनीति करते हैं ये भाजपाई-संघी और वीएचपी वाले, लेकिन जब हिन्दू मसले पर बोलने की बारी आती है तो दुम दबा कर भाग खड़े होते हैं।” – एक दुखी समर्थक

 

– ठाकुर शिखा सिंह।।

ह्यूमन राइट्स डिफेंस इंडिया यानी एचआरडीआई ने भारत में शरण मांग रहे पाकिस्तानी हिन्दुओं-सिखों के मुद्दे पर सरकार के रुख के प्रति निराशा जाहिर की है। भारत आए पाकिस्तान के सवा सौ से भी अधिक हिन्दु और सिख नागरिक तीर्थयात्रा वीजा वैधता की अवधि समाप्त होने के बावजूद स्वदेश नहीं लौटे हैं और वीजा की अवधि बढ़ाने की मांग भारत सरकार से कर रहे हैं। एचआरडीआई के राजेश गोगना के मुताबिक उनकी संस्था ने दिल्ली में मजनूं का टीला पर 39 परिवारों के 135 लोगों के लिए कैंप लगाकर उन्हें सहायता दे रही है।

गौरतलब है कि भारत सरकार ने मंगलवार को कहा था कि उन्हें पाकिस्तान लौटना होगा। संसद में गृह राज्य मंत्री मुल्लापल्ली रामचंद्रन ने लोकसभा में प्रहलाद जोशी, हरि मांझी और हंसराज अहीर के प्रश्न के लिखित उत्तर में कहा कि समूहिक रूप से तीर्थयात्रा वीजा पर आए पाकिस्तानी नागरिकों को वीजा वैधता अवधि के भीतर अथवा विशिष्ठ मामलों में अल्पकालिक विस्तारित अवधि के भीतर पाकिस्तान लौटना होगा। उन्होंने कहा कि हिन्दू और सिख समुदाय के पाकिस्तानी नागरिकों से वीजा अवधि बढ़ाने या लम्बी अवधि के वीजा (एलटीवी) के लिए आवेदन प्राप्त हुए हैं।

दिलचस्प बात यह है कि इन हिन्दुओं के मुद्दे पर कांग्रेस तो शान्त है ही, भाजपा भी खामोश बैठी हुई है। बार-बार संपर्क करने के बावजूद भाजपा का कोई वरिष्ठ नेता इस मुद्दे पर कुछ कहने को राज़ी नहीं हुआ। विश्व हिंदू परिषद यानी वीएचपी के एक नेता ने शनिवार को सुबह कुछ लोगों को एसएमएस भेजा कि इस मुद्दे पर अपना समर्थन करने के लिए लोग कैंप पहुंचें, लेकिन हैरानी की बात ये रही कि वो नेता वहां खुद भी नहीं पहुंचे। वहां मौजूद लोग इसे  का कहना था कि प्रवीण तोगड़िया समेत तमाम वीएचपी नेता भूमिगत हो गए प्रतीत होते हैं। कुछ लोगों ने तो नारे भी लगाए, ”किस बिल में छुपे हैं गडकरी-तोगड़िया?”

 उधर इन हिंदुओं और सिखों का कहना है कि वे चाहे जान दे दें, लेकिन वापस नहीं जाएंगे। उनका कहना है कि पाकिस्तान में उनके साथ धार्मिक आधार पर भेद-भाव किया जाता है और उनपर इस्लाम कुबूल करने के लिए दबाव डाला जाता है। इनमें से अधिकतर पाकिस्तान के सिंध प्रांत के निवासी हैं और वहां से किसी तरह जान बचा कर भारत आए हैं।

धार्मिक स्थल देखने के लिए सामूहिक रूप से भारत आने वाले पाकिस्तानी नागरिकों को वीज़ा मंजूर करने के लिए निर्धारित शर्तो के अनुसार भारत में समूह में यात्रा करनी होती है और निर्धारित अवधि के भीतर पाकिस्तान लौटना होता है। एचआरडीआई ने कहा है कि अगर जल्दी ही भारत सरकार इन लोगों को भारत में रहने देने के लिए कोई स्थायी हल नहीं निकालते तो वे अपना आंदोलन तेज करेंगे।

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By admin

मीडिया दरबार के मॉडरेटर 1979 से पत्रकारिता से जुड़े हैं. एक साप्ताहिक से शुरूआत के बाद अस्सी के दशक में स्वतंत्र पत्रकार बतौर खोजी पत्रकारिता में कदम रखा, हिंदी के अधिकांश राष्ट्रीय अख़बारों में हस्ताक्षर. उसी दौरान राजस्थान के अजमेर जिले के एक सशक्त राजनैतिक परिवार द्वारा एक युवती के साथ किये गए खिलवाड़ पर नवभारत टाइम्स के लिए लिखी रिपोर्ट वरिष्ठ पत्रकार श्री मिलाप चंद डंडिया की पुस्तक "मुखौटों के पीछे - असली चेहरों को उजागर करते पचास वर्ष" में भी संकलित की गयी है. कुछ समय के लिए चौथी दुनियां के मुख्य उपसंपादक रहे किन्तु नौकरी कर पाने के लक्खन न होने से तेईस दिन में ही चौथी दुनिया को अलविदा कह आये. नब्बे के दशक से पिछले दशक तक दूरदर्शन पर समसामयिक विषयों पर प्रायोजित श्रेणी में कार्यक्रम बनाते रहे. अब वैकल्पिक मीडिया पर सक्रिय.

16 thoughts on “क्यों खामोश हैं BJP-RSS-VHP शरणार्थी बने पाकिस्तानी हिन्दुओं के मसले पर?”
  1. महानरेगा में कार्यालय काम हेतु सविदा पर आज से 5 वर्ष पुर बैरोजगारो को नरेगा में सविदा पर लगाया था मगर आज जो 5 हजार रू मे कम्‍प्‍युटर सहायक लगे थे वह इस आशा में लगे थे की हमे राज्‍य सरकार स्‍थाई करेगी
    महानरेगा का हर कार्य कम्‍प्‍युटर व ऑलाईन से होता है काम अधिक व वेतन कम व कम्‍प्‍युटर सहायक के तो वेतन में भी बढोतरी नही होती फिर भी हम स्‍थाई नौकरी होने की आशा में बैठे है आज हम अवरऐज हो गऐ है
    आपसे निवेदन है कि हमे हमारी योग्‍यता व अनुभव के आधार पर स्‍थाई किया जावे और अगर सरकार पर भार बढता है तो हमे 3 वर्षो का प्रबीसनल पिरिड मे रख दे ताकि राज्‍य सरकार पर वेतन का भार नही पडेगा और फिर हमे पुरा वेतन दिया जावे
    आपसे निवेदन है कि हमारी ऐज ज्‍यादा हो रही है हमे स्‍थाई करवाने का श्रम करे क्‍यो की घोषणाऐ तो चार – पांच बार हो चुकी है लेकिन हुआ कुछ नही न तो हम स्‍थाई हुऐ और न ही वेतन बढा
    स्‍थाई करो या निकालदो ताकि दुसरा काम तो ढुढे हमारी उम्र खराब मत करो

  2. ओनके थे बांग्लादेसी पोपले डोंट रेकुरेड एनी दोचुमेंट तो कामे एंड सेतले इन इंडिया थें वही पाकिस्तानी हिन्दू रेकुरेड एनी बीस तो सेत्तले इन इंडिया .फॉर पाकिस्तानी हिन्दू डोंट रेकुरेड एनी दोचुमेंट तो दिरेक्ट्ली थे कैन कामे तो इंडिया एंड कैन सेत्तले व्ह्वेर एव्वर थे वन्य.थैंक्स.

  3. बीजेपी ने ही तो इस मसला को लोकसभा में उठाया जिसका कारन शरणार्थी हिन्दुओ को कांग्रेसी सरकार चाह कर भी पाकिस्तान नहीं भेज सकी

  4. HAR HINDU KA FARJ HE KI WO HAR HINDU BHAI KI RAKSHA KARE KYO KI HINDU JAGEGA TO HINDU SAMAJ PRAGATI KI OR HOGA……… OR IS DESH KI SARKAR KO YE SOCHNA CHAHIYE KI KYO NAHI PAKISTANI HINDU PAKISTAN ME JANA CHAHTE HE….. KYO KI UNAKE SATH GALAT HUA HOGA ISALIYE PAKISTAN NAHI JANA CHAHTE…….. OR IS DESH KI SARKAR KO OR IS DESH KE HINDU KO UNKI RAKSHA KARNI HOGI……… ME HINDUO KI RAKSHA KE LIYE SADEV TEYYAR HU……… JAI JAI SIYARAM………. पंकज मेनारिया (जिला महासचिव – जागो हिंद संगठन नीमच)

  5. हमारी सरकार को चाहिए की बाग्लादेश और पाकिस्तान के हिन्दुओं को पूछे की क्या वो भारत से जुड़ना कहते है. या वो भारत में रहना चाहते है अगर पाकिस्तान और बाग्लादेश में उनकी जान को खतरा है.
    और पाकी और बगलादेशी हिदू के जान को खतरा तो है ही ये सब जानते है क्युकी दोनों देशो में पहले २५% से ३५% हिन्दू वह रहा करते थे.अब लगभग २% बचे है.कहा चले गए..हमेशा यही समाचार आता है हिन्दू लड़की को उठा लिया बलात्कार कर दिया गया और बाद में ज़बरन धर्म परिवर्तन काराया गया.उनका धर्म परिवर्तन कराया जाता है या मार दिया जाता है. हमें उने अपने पास अपनों में मिलाना चाहिए.
    पाकिस्तान में बढ़ आई थो वो मदद के बदले हिन्दू को धर्म परिवर्तन करने की शर्त राखी गई थी.
    उन्हें हमारी मदद चाहिए.

  6. सभी हिन्दुओ की सहयोग करना चाहिए.. किसी संगठन के भरोसा कोई जिन्दा है क्या? जिसको लगे उसको समर्थन करना चाहिए

  7. यदि आप हिन्दुओं की मदद करना चाहते हैं तो हिन्दू महासभा के लोगों का संपर्क यहाँ से हो सकता है,आप डॉ संतोष राय और डॉ राकेश रंजन सिंह को पूछे! Ph. No. 011-32928342

  8. हिन्दू महासभा के नेता डॉ संतोष राय व डॉ राकेश रंजन सिंह व अन्य लोग पिछले चार महीने से परिश्रम कर रहे हैं और यहाँ तक की इन दोनों लोगों ने अपने तरफ से काफी कुछ भी किया है और यहाँ तक भी सुना है की इन दोनों लोगों ने इस विषय पर राष्ट्रपति को भी पत्र लिखा है,डॉ संतोष राय ने बताया था की कुछ हिन्दू कई अन्य रोगों से पीड़ित हैं और पाकिस्तानी डॉक्टरों ने जानबुझ कर संक्रमण का टिका दिया था,डॉ संतोष राय अपने खर्चे से उनका इलाज भी कर रहे हैं,मैंने हिन्दू कैंप का दौरा भी किया था और पाया की संघ, विश्व हिन्दू परिषद्,भाजपा इत्यादी हिन्दू महासभा से दुरी बना कर रखते हैं और ये लोग हिन्दू महासभा को अछूत मानते हैं,एक पत्रकार से मैंने पुछा की ऐसा क्यों है तो पता चला की हिन्दू महासभा वाले अपना राजनीतिक फायदा नहीं देखते और किसी को उठाने भी नहीं देते,संघ की मान्यता है की गाँधी हत्या में हिन्दू महासभा का हाथ था और संघ को बेकार का बदनाम किया जा रहा है,जब मैंने डॉ राय को फ़ोन करके पुछा तो डॉ राय ने कहा की गाँधी हत्या उस समय की मांग थी और में उस हत्या का सुप्पोर्ट करता हूँ.खैर अब ये पुरानी बात हो चुकी है,लेकिन में हिन्दू महासभा वालों की कार्य शैली पर बहुत प्रशन्न हुआ.उनका ईमेल है.

  9. शिखा जी जब वोट देने का वक्त होता है तब आप किस बिल में होती है जो कांग्रेस सरकार आ जाती है, आज किसी के भी बोलने का मतलब है जो ये अभी बेठे है उन्हें हटा देगी आपकी कटवी सरकार, जिन लोगो के बोलने की आप बात कर रही है उन लोगो के बोलते ही इन पर मुसीबतों के पहाड़ टूट पड़ेंगे तब कोई कुछ नहीं कर पायेगा क्योंकी सरकार मुसलमानों की है जिन संघटनो की बात आप कर रही है उनके कर्येकर्ता किसी न किसी रूम में मदद कर ही रहे है

    ये लोग पासपोर्ट वीसा लेकर आये है इनकी पहचान नहीं छुपाई जा सकती कानून कुछ नहीं कर सकते आज की सरकार के रवये को देखते हुहे पासपोर्ट वीसा के आयेंगे तो कुछ नहीं हो सकता वापस पाकिस्तान वहा से नेपाल और नेपाल से भारत ये रूट बनता है और भारत में कही भी सेट हहा जा सकता है

  10. सभी हिन्दू पाकिस्तानी नागरिको को पूर्ण रूप से मदद मिलना ही चाहिए. जब सर्कार तिब्बतियों को शरण दे सकती है तो पाकिस्तान से शरण की आस लिए हिन्दुओ की मदद और शरण किस लिए नहीं दी जा जाही है. इस सम्बन्ध में हिन्दू वादी संगठनो और बीजेपी को आगे आकर मदद देना चाहिए और शरण के इच्छुक हिन्दुओ को शरण दिलाना ही चाहिए. जय हिंद जय भारत.

  11. ..यदि हमारा कानून इनको रखने की कहता है तो हम सबको इनकी मदद हर तरह से करनी होगी वरना ये वापस जाकर तो और ज्यादा सताए जायेंगे..

  12. वाह री सरकार… करोड़ों बांगलादेशी घुसपैठिए दिखाई नहीं देते और जो अपनी जान बचाने के लिए शरण मांग रहा है उसे अपनाने से इंकार कर रही है।

  13. ये बहोत आसन सी बात है हमें इन्हें आपनी देश में रहने की जगह दे कर इनकी मदद की जा सकती है.
    पाकिस्तान और बंगलादेश में हिन्दुस की हालत बहोत ख़राब है दोनों देशो में पहले लगभग 3५% हिन्दू थे अब मुश्किल से १-२% बचे है..ज़ाहिर है उन सबका धर्मपरिवर्तन कराया गया या मार दिया गया या उनकी बेटियों को उठा के जबरन शादी करके उनके धर्म परिवर्तन कराया गया.
    हमें चाहिए की हम पाकिस्तान और बांगलादेश के हिंदुस को भारत बुलाये और रहने के लिए जगह दे ताकि वो बगेर किसी डर के अपनी ज़िन्दगी जी सके.

  14. सारे हिन्दू और सीखो को हिन्दुअस्थान में ला कर पूर्ण नागरिकता प्रदान करनी चाहिए न की बंगलादेशी मुसलमानों को ऐसा क्यों है की जब हिन्दू किसी हिन्दू रास्त्र की बात करते है तो आतंकवादी कहलाने लगते है जब की पुरे विश्व में मुस्लिम और क्रिस्चन काउंट्री है हिन्दू अहिंसा प्रिये मानव प्रेम सिखाने वाला धर्म है इसलिए पाकिस्तान के हिंदुओ को बसने पर यहाँ तरक्की होगी जब की मुस्लिमो को बसा के देखे आतंकवा तथा धर्मान्धता को ही बध्बा मिलेगा.जय हिंद जय परसुराम.

  15. कहाँ गए धर्म के रक्षक
    इनकी सहायता करो ……………

    अरे ये तो अन्धो बहरो का देश है ……….
    काश मै कुछ कर सकता ………..

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