युवाओं को उन्मादी भीड़ बनने से रोकिए..

-रेशनलिस्ट अनिल॥

ये जो 15, 20, 25 साल के लड़के जो उन्मादी भीड़ का हिस्सा बनकर मस्जिद के सामने हनुमान चालीसा पढ़ने जाते है ये उनकी कहानी है। 2035 तक आते आते वो क्या बन जायेंगे ये देखिये।

मोन्टी मध्यप्रदेश का है। उसे इस भीड़ का हिस्सा बनने में बहोत मजा आया। वो मस्जिद के सामने खड़ा रहकर अपने साथीओ साथ मुस्लिमों गाली दे सकता था। उसके लिए ये बहुत ही सूकून की बात थी। उसका बाप एक कारखाने में मजदूरी करता था। उसकी मां सात घर में बर्तन मांजने जाती थी। ऐसे घर खर्च चलता था। मोन्टी बीस साल का हो गया था। वो कोई काम नहीं करता था। बाप उसे बार बार बोलता था। कि कुछ काम कर लो।

लेकिन अब उसे काम मिल गया था। उसके हाथ में तलवार आ गयी थी। वो अपने अंदर एक उर्जा महसूस करने लगा था। उसे पसंद नहीं था कि उसका बाप उसे डांटे। उसको अपना बाप गंवार और बुद्धु लगता था। हिन्दु धर्म कितना खतरे में है और मुसलमान कितने खतरनाक है ये उसके बाप को मालूम ही नहीं है ऐसे उसे लगता था।

उसके बाप के साथ उसका झगड़ा बढता गया। एक दिन वो बाहर से आया। बहुत गुस्से में था। क्योंकि आज जहां वो गया था वहां उसके दो ही साथी आये थे। मोन्टी ने मुसलमानों के विरुद्ध कुछ नारे लगाये। अपने-अपने घरों में से कुछ मुसलमान आये। उनकी संख्या देखकर मोन्टी को भागना पड़ा। उसे बहुत गुस्सा आया।

उसने अपने साथी जालिम सिंह को फोन किया कि आज क्यों नहीं आये? हमें भागना पड़ा। जालिम सिंह ने उसे कायर कहा। उसने जालिम सिंह को गदार कहा। जालिम सिंह ने मोन्टी को औकात में रहने को कहा। उसने मोन्टी को ये भी कहा कि तेरे जैसे मेरे बंगले पर दस जन काम करते हैं। तुं तो ये है । वो है। तेरा बाप तो मजदूर है। बहुत बोलेगा तो उसे नौकरी से निकलवा दूंगा।

मोन्टी को बहोत गुस्सा आया। घर पर आकर उसने पूरा गुस्सा अपने बाप पर निकाल दिया। तलवार तो उसके हाथ में थी ही। बाप ने कहां गया था ऐसा पूछा। मोन्टी बाप को गाली देने लगा। झगड़ा इतना बढ़ गया कि मां रोकने आयी तो मोन्टी ने उसे धक्का दे दिया। उसका सिर फूट गया। बाप ने मोन्टी को झापड मारा तो मोन्टी उसे तलवार मारकर चला गया।

बाप की हत्या के केस में मोन्टी दस साल से जेल में है। मां कभी उसे जेल में मिलने नहीं गयी।

बबलु उत्तर प्रदेश में मस्जिदों के सामने तलवार लेकर जाता था। मुसलमानों को गालियां देता था। एक ऐसे ही दिन उसने भी गुस्से में अपनी बहन के दोनों हाथ काट दिये क्योंकि वो स्लीवलेस ड्रेस पहनकर बाहर जाना चाहती थी। वो भी जेल में बंद हैं।

मोनु, चिन्टु, पिन्टु, लक्ष्य, दक्ष, नक्ष, आरव, निरव, देवांश, रिवांश ऐसे हजारों लड़के है जो 2022 में तलवार लेकर मस्जिदों के सामने जाकर मुस्लिमों को गाली देते थे। आज 2035 में उनमें कंई जेल में हैं। किसी ने अपने भाई को मारा है। किसी ने पडोसी को। किसीने पत्नी को मार दिया है। सौ से ज्यादा तो पुलिस की गोली से मर गये। जब भीड़ का उन्माद बहुत बढ गया तो पुलिस को गोली भी चलानी पड़ी थी।

ऐसा ही होगा। 2035 आते आते कंई परिवार बर्बाद हो जायेंगे। परिवार क्या पूरा देश बर्बाद हो जायेगा। युपी बिहार मध्यप्रदेश राजस्थान ओडिशा बंगाल का अधिकार अंबानी के पास होगा। बाकी देश का अधिकार अदानी के पास होगा। पहले जैसे अंग्रेज़ / राजाओं के पास विस्तार पर अधिकार होते थे न उसी तरह।

ऐसा होने से बचना है तो अपने घर में पडोस में जहां भी मोन्टी चिंटु पिन्टु रानी मंजु लक्ष्मी हो उसे रोकिए उन्मादी भीड़ बनने से।

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