महज़ 17 साल की उम्र में कल्पना ने अपना सबकुछ मान लिया था 45 साल के भूपेन को

admin

भूपेन हजारिका यूं तो अपने संगीत और गायन के लिए जाने जाते रहे हैं लेकिन उनकी और कल्पना लाजमी की प्रेम कहानी भी उतनी ही रोचक है। भूपेन दा के जाने का दु:ख कल्पना लाजमी से बेहतर कौन समझ सकता है।

यूं तो कल्पना और भूपेन की इस प्रेम कहानी में विवाह के सात फेरे तो नहीं हुए लेकिन दोनों एक बार जुड़े तो आज तक लीविंग टुगेदर रहते हुए साथ साथ जिंदगी के सुख दु:ख में एक दूसरे को समझा। कल्पना लाजमी जब 17 साल की थी तो भूपेन दा से उनको मोहब्बत हुई थी तब भूपेन हजारिका 45 साल के थे। अपने से 28 साल बड़े भूपेन हजारिका के प्यार में वे इस कदर डूबी की उम्र के मायने भी खत्म हो गए। इस प्रेम कहानी में विवाह के सात फेरे नहीं हुए क्योंकि दोनों परिवार के लोग इस रिश्ते के खिलाफ थे।

इस संबंध में पिछले साल खुद कल्पना लाजमी ने राज खोलते हुए कहा था, ”हां में उनकी पत्नी हूं और पिछले 40 सालों से हम साथ है।” हालांकि भूपेन हजारिका जब 80 साल के हुए थे तो उन्होंने अपने और कल्पना के प्यार को विवाह बंधन में बंधने का प्रस्ताव किया था लेकिन कई वर्षो से उनके साथ रह रही कल्पना लाजमी ने तब कहा था वाइफ का टैग उनके इस रिश्ते के लिए बहुत जरूरी नहीं है। जिस प्रकार का आपसी विश्वास और भावनात्मक प्यार उन दोनों में रहा है उसे देखते हुए कल्पना को बाकी बातें बहुत छोटी लगती थी।

बेशक सात फेरे नहीं हुए लेकिन हमारे प्यार के बीच ये बातें बहुत मामली है। वे कहती है कि भूपेन को उनकी पहली पत्नी प्रियंवदा से एक बेटा भी होने के बावजूद उन्होंने उनके साथ रहने का फैसला लेने में कोई संकोच नहीं किया था। इस राज को उन्होंने पिछले साल उस वक्त खोला था जब कुछ लोग भूपेन हजारिका से मिलने की जिद कर रहे थे तो उन्होंने पूछा, ”आप कौन होती हो जो हमको उनसे नहीं मिलने देना चाहती हैं?” तो कल्पना बोल पड़ी थी, ”मैं उनकी वाइफ हूं।”

दरअसल कल्पना और भूपेन एक दूसरे को बेइंतहा प्यार करते थे । कल्पना की मां ने पिछले दिनों जब कहा कि शादी क्यों नहीं कर लेती तो वे बोल पड़ी थी कि बस मैरिज सर्टिफिकेट के लिए शादी करने से उनको शांति मिल जाएगी क्या? दरअसल लीविंग टुगेदर रहने का इससे खूबसूरत उदाहारण और क्या हो सकता है। आज हमारे बीच भूपेन हजारिका नहीं है और उनके अंतिम दिनों में परछाई की तरह साथ रहने वाली कल्पना ने उनकी देखभाल करने में कोई कोर कसर नहीं रखी लेकिन आज निश्चित तौर पर उनके लिए बेहद दुख का छण है..भूपेन उनका प्यार थे और दोनों में बेहद लगाव था।

मीडिया से बात करते हुए कुछ समय पहले कल्पना ने भूपेन हजारिका के बारे में कहा था कि भूपेन अंतमुर्खी होने के साथ साथ गुस्सैल स्वभाव के होने के बावजूद संगीत में जिस माधरुय को हम देखते हैं वह बेमिशाल हैं। कल्पना के अनुसार वे भावनात्मक व्यक्ति थे हालांकि वे यह भी कहती है कि उनके लिए भूपेन बेहद खास स्थान रखते हैं और प्यार के साथ हम आपस में लड़ते झगड़ते भी थे।

Facebook Comments

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.

Next Post

टीम अन्ना की चौकड़ी ने अन्ना को फिर किया हाइजैक, राजू ने ब्लॉग पर डाले अन्ना के नोट

ये एक ऐसा ब्लॉग है जो सिर्फ मराठी जानने वाले छठी पास सोशल वर्कर किशन बाबूराव हज़ारे अर्फ अन्ना चलाते हैं। लेकिन ब्लॉग अंग्रेजी में है। दरअसल http://annahazaresays.wordpress.com/ नाम से चल रहा ब्लॉग, जो अन्ना की बोली के तौर पर जाना जाता है, राजू पारुलकर नाम के एक पत्रकार चलाते […]
Facebook
escort eskişehir - lidyabet - macbook servis - kabak koyu
%d bloggers like this: