Home गौरतलब नशे का कारोबार और राजनैतिक दांव-पेंच

नशे का कारोबार और राजनैतिक दांव-पेंच

देश में रोजाना चल रही राजनैतिक उठापटक के बीच एक बड़ी खबर नशे के अवैध कारोबार से सामने आई है। राजस्व खुफिया निदेशालय यानी डीआरआई ने पिछले 15 सितंबर को गुजरात के मुंद्रा पोर्ट से दो कंटेनरों में भरी करीब 3000 किलो हेरोइन जब्त की, जिसकी कीमत

करीब 9000 करोड़ रुपये बताई जा रही है। डीआरआई और कस्टम के संयुक्त अभियान में हेरोइन की इतनी बड़ी खेप की बरामदगी हुई है। माना जा रहा है कि यह अब तक की सबसे बड़ी बरामदगियों में से एक है। पिछले चार-पांच वर्षों में भारत में हेरोइन की खेप एक बार में 100 किलोग्राम से लेकर 1500 किलोग्राम तक ही पकड़ी गई है। इस बार हेरोइन ले जाने वाले कंटेनरों को आंध्र प्रदेश के विजयवाड़ा स्थित एक फर्म द्वारा आयात किया गया था। फर्म हेरोइन को टेल्कम पाउडर बताकर मंगवा रही थी। इस खेप को अफगानिस्तान के कंधार स्थित हसन हुसैन लिमिटेड से निर्यात किया गया था। डीआरआई और कस्टम का पिछले पांच दिनों से ऑपरेशन चल रहा था। एजेंसियों ने कंटेनर रोक कर जांच की तो टेलकम पाउडर की आड़ में 9000 करोड़ रुपये का ड्रग्स बरामद हुआ। अब इस मामले में अहमदाबाद, मुंद्रा, चेन्नई, विजयवाड़ा और दिल्ली में भी छापेमारी की जा रही है। एजेंसियों का मानना है कि ऐसे और कंटेनर अभी रास्ते में हो सकते हैं। गौरतलब है कि मुंद्रा पोर्ट का मालिकाना हक अडानी पोर्ट के पास है।

बेशक यह डीआरआई और कस्टम की बड़ी सफलता है कि इतनी बड़ी मात्रा में हेरोइन को पकड़ा गया और इससे पहले कि इसकी आपूर्ति देश के बाकी शहरों में होती, इसे रोक लिया गया। लेकिन अब इस पर राजनीति भी शुरु हो गई है।  सरकार के साथ-साथ उन खबरिया चैनलों पर भी सवाल उठने लगे हैं, जिन्होंने पिछले साल फिल्म इंडस्ट्री में नशे के कारोबार पर खबरिया धारावाहिक चला रखे थे। फिल्म इंडस्ट्री से जुड़े कुछ लोगों के पास 10-15 ग्राम नशीली दवा मिलने को भी सनसनीखेज खबर बनाकर परोसा जाने लगा था। ये सिलसिला शुरु हुआ था सुशांत सिंह की मौत के बाद।

पिछले साल फिल्म अभिनेता सुशांत सिंह की आत्महत्या के बाद उनकी महिला मित्र रिया चक्रवर्ती को एक लंबे वक्त तक कानूनी कार्रवाइयों से गुजरना पड़ा। उन्हें जेल में रखा गया और इससे पहले कि अदालत कोई फैसला सुनाए, देश के कई चैनलों ने रिया का जमकर चरित्र हनन करते हुए उन्हें दोषी सिद्ध करने में कोई कसर नहीं छोड़ी। रिया, उनके भाई और सुशांत की जान-पहचान के कई लोगों को नशीली दवाओं के सेवन, खरीद-फरोख्त आदि के आरोपों पर नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो के सवालों का कई दिनों तक सामना करना पड़ा। फिल्म इंडस्ट्री और नशीली दवाओं के कारोबार की मसालेदार कहानियां चैनलों में परोसी जाने लगीं। ऐसा माहौल बना दिया गया कि ग्लैमर की दुनिया का काला सच नशे का गोरखधंधा है। कुछ महीनों के इस खबरिया मनोरंजन के बाद ये चैनल फिर किसान आंदोलन जैसी घटनाओं की ओर मुड़ गए और चरित्र हनन के लिए नए चेहरे तलाशे जाने लगे। इससे पहले पंजाब में नशे की समस्या पर केंद्रित फिल्म उड़ता पंजाब पर काफी विवाद खड़ा हुआ था। इसे पंजाबियों की अस्मिता से जोड़ा गया। हालांकि फिल्म प्रदर्शित हुई और उससे उपजा विवाद कुछ दिनों में शांत हो गया।

लेकिन 2017 के पंजाब विधानसभा चुनाव में नशा एक बड़ा मुद्दा बनकर उभरा था। तब कैप्टन अमरिंदर सिंह ने गुटका साहिब हाथ में लेकर चार हफ्ते में ड्रग्स की कमर तोड़ने की कसम खाई थी। अब कैप्टन अमरिंदर सिंह मुख्यमंत्री नहीं हैं, लेकिन पंजाब में सत्तारुढ़ कांग्रेस को घेरने के लिए भाजपा और आप जैसे विरोधियों के हाथ में नशे का कारोबार एक अहम मुद्दा है। विधानसभा चुनाव 2022 के करीब आते ही पंजाब में यह मुद्दा तेजी से गरमा रहा है। पंजाब चुनाव पर इस मुद्दे को राजनैतिक दल किस तरह से अपने पक्ष में भुनाते हैं, यह समय बताएगा। लेकिन अगले साल के अंत तक गुजरात में भी चुनाव होने हैं, और वहां 3 हजार किलो हेरोइन की जब्ती कोई मुद्दा बनता है या नहीं, ये देखना दिलचस्प होगा।

वैसे भारत में नशे की समस्या तमाम कानूनों और सख्ती के बजाय खत्म होने की जगह इसलिए बढ़ती जा रही है, क्योंकि इस आपराधिक कृत्य में राजनैतिक फायदे तलाशे जाने लगे हैं। और राजनीति के दांवपेंचों के कारण ही असल दोषियों को पकड़ने की जगह छोटे-मोटे आरोपियों पर नकेल कसी जाती है। इस वक्त अफगानिस्तान से निकली खेप को गुजरात होते हुए आंध्रप्रदेश तक पहुंचाने की कोशिश यह साफ बताती है कि इस काम में महज खरीदार और विक्रेता की ही भूमिका नहीं है, बीच में कई और कड़ियां होंगी, जो इस अवैध धंधे में मदद कर रही होंगी। सरकार और प्रशासन को सख्ती से उन तमाम कड़ियों की शिनाख्त कर उन्हें तोड़ने का काम करना होगा। अन्यथा आने वाले समय में ऐसे कई हजार किलो नशीले पदार्थ भारत के स्कूल, कालेजों, होटलों, फार्महाउसों में पहुंचकर नशे की समस्या को और गहरा बनाते रहेंगे।

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