पाश: जो कभी विदा नहीं लेगा..

पाश: जो कभी विदा नहीं लेगा..

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-कपिल॥

जिन्होनें उम्र भर तलवार का गीत गाया है
उनके शब्द लहू के होते हैं
लहू लोहे का होता है
जो मौत के किनारे जीते हैं
उनकी मौत से जिंदगी का सफर शुरु होता है
जिनका लहू और पसीना मिट्टी में गिर जाता है
वे मिट्टी में दब कर उग आते हैं..

लहू और लोहे की ये अनवरत गाथा उठती है, चलती है, गिरती है, संभलती है और फिर उठ कर चलने के लिए तैयार होती है, लेकिन लोहे का स्वाद कौन जानता है, वो जिसने लोहा बरता है, लोहा खाया है, लोहा जिया है। लेकिन लोहे का स्वाद जानने वालों को पता होता है कि सवाल पूछना कितना बड़ा अपराध है, या हो सकता है। इंसानियत के दोस्त सवाल पूछते हुए ये नहीं सोचते कि सवालों की कीमत क्या हो सकती है, जवाबों के लिए क्या कुर्बान करना होगा.


क्या ये सच नहीं है कि सपने देखने के लिए जिगर में जज्बा होना जरूरी है, क्योंकि सपने हर किसी को नहीं आते…लोग अक्सरहां पूछते हैं कि आखिर राष्ट्रद्रोह में कौन किससे द्रोह करता है, कि सत्ता को अपनी रक्षा के लिए बार-बार टॉचर्र का, जेल का, नरसंहार का सहारा क्यों लेना पड़ता है, कि आखिर लोगों को सपने देखने के लिए उकसाने की सजा मौत क्यों होती है? वो कब पैदा हुआ, कहां पैदा हुआ, कब मरा, किसने उसे मार दिया, ये सारे सवाल बेमानी हैं। जो मानीखेज़ बात है वो ये कि उसने किसकी बात की, किससे बात की, और किससे सवाल पूछे। मानीखेज़ बात ये है कि उसने नज़रे नहीं झुकाई, उसने समझौता नहीं किया, उसने हमेशा आंखों में आंखें डालकर बात की। मानीखेज बात ये है कि उसने सवाल किए, उसने सबको सवाल पूछने के लिए उकसाया, उसने खुद खुदा से, सूरज से, सारे जहान् से सवाल किए। अपनी कविता की खूबसूरती उसे खेत की धूल में दिखती थी, हाथों में पड़े घट्टों ने उसके लफ्जों को आकार दिया था, उसने खेतों की फसलों को अपना माना था लेकिन खेतों की धूल से अपने कहे को सजाया था, हां उसने प्यार किया था.
….
प्यार करना बहुत ही सहज है
जैसे कि जुल्म को झेलते हुए
खुद को लड़ाई के लिए तैयार करना
या गुप्तवास में लगी गोली से
किसी गुफा में पड़े रहकर
जख्म भरने के दिन की कोई कल्पना करे
प्यार करना
और लड़ सकना….

वो प्यार नहीं कर सकते, जो जीने के लिए लड़ाई नहीं करते, प्यार करने के लिए जुल्म झेलते हुए लड़ने की तैयारी लाजिमी है, प्यार करने के लिए वफा की नजरों का होना लाजिमी है, और सबसे ज़रूरी ये कि प्यार करने के लिए तमाम अहसासों से परे प्यार करने की हिम्मत का होना लाजिमी है। प्यार करना और जीना उन्हें कभी नहीं आएगा, जिन्हें जिन्दगी ने बनिया बना दिया है।

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