Home देश महिला किसान दिवस के अवसर पर महिलाओं ने मोर्चा संभाला

महिला किसान दिवस के अवसर पर महिलाओं ने मोर्चा संभाला

महाराष्ट्र और गुजरात से हजारों महिलाओं शाहजहाँपुर पहुँची.. महिला किसान दिवस के अवसर पर सांस्कृतिक कार्यक्रम, नुक्कड़ नाटक और केवल महिलाओं के भाषण हुए.. आस-पास की महिलाओं ने ट्रैक्टर मार्च निकालकर आंदोलन में भाग लिया..

दिल्ली जयपुर राजमार्ग- 48 पर किसान आंदोलन 37वें दिन भी जारी रहा। संयुक्त किसान मोर्चा ने कृषि में और आन्दोलन में महिलाओं के विशेष स्थान को देखते हुए 18 जनवरी को महिला किसान दिवस के रूप में मनाने की घोषणा की थी।

सोमवार को महिलाओं ने मोर्चा संभाला। क्रमिक अनशन में भी महिलाओं ने ही भाग लिया। 24 घंटे के अनशन पर बैठे हमारे साथी इस प्रकार हैं: राजबाला यादव, परमेश्वरी, गीता छींपा, अश्वनी संतोष चौहान, लता बाई नामदेव, सकूबाई धनराज, शोभाबाई शुक्र लाल, मंगल शिवाजी वाग, वानू बाई जीरा, कम्मू बाई मनोहर, दुर्गा देवी और मंनू देवी।

इससे पहले दूध पिलाकर रविवार के क्रमिक अनशकारियों का अनशन खुलवाया।

महाराष्ट्र व गुजरात से हजारों महिलाएँ शाहजहाँपुर मोर्चे पर पहुँची। सर्वोच्च न्यायालय में महिलाओं की भागीदारी के प्रति नकारात्मक टिप्पणी से आहत होकर महिला किसानों का दल गुजरात व महाराष्ट्र से शाहजहाँपुर के लिए रवाना हुआ था।

आज सभा का संचालन की महिलाओं ने किया और भाषण भी केवल महिलाओं के हुए। अध्यक्ष मंडली में प्रतिभा शिंदे, चन्द्रकला, निशा, राजबाला ब वर्षा देशपांडे शामिल हैं।

वक्ताओं में रुक्मणी, वर्षा चोपड़ा, सुमित्रा चोपड़ा, कविता श्रीवास्तव, सुनीता चतुर्वेदी, प्रतिभा शिंदे, राइजा बाई व मंजू यादव शामिल थे। वक्ताओं ने आंदोलन में महिलाओं की भागीदारी और बढ़ाने का संकल्प लिया।

महिला किसान दिवस के अवसर पर सांस्कृतिक कार्यक्रम और नुक्कड़ नाटक का भी आयोजन किया गया।

आस-पास की महिलाओं ने ट्रैक्टर मार्च निकाल कर आंदोलन में भाग लिया। इस आंदोलन को आने वाले दौर में महिलाओं के अग्रणी योगदान के लिए भी याद किया जाएगा।

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