लोकतान्त्रिक है ‘प्रेम’

-अनिल शुक्ल॥

‘संविधान दिवस’ के दिन ‘प्रेम’ स्मरण इसलिए आवश्यक है क्योंकि प्रेम में भी लोकतंत्र का भाव है। इलाहबाद हाईकोर्ट ने ‘प्रेम’ को आधुनिक सन्दर्भों में परिभाषित किया है। न्यायमूर्ति विवेक अग्रवाल और न्यायमूर्ति पंकज नक़वी की खंड पीठ ने एक वयस्क हिन्दू लड़की और मुस्लिम लड़के के प्रेम और स्वेच्छा से विवाह किये जाने को देखा और इसको पवित्र गठबंधन के रूप में परिभाषित किया। कोर्ट ने न सिर्फ इसका विरोध करने वाले अभिवावकों की एफआईआर को ख़ारिज किया, पुलिस और राज्य (स्टेट) को फटकारा बल्कि इलाहबाद हाई कोर्ट के पूर्ववर्ती 2 एकल पीठों के फ़ैसलों को भी रद्द कर दिया। एक लोकतान्त्रिक देश में वयस्क युवाओं के प्रेम और विवाह के स्वतंत्र निर्णय के विरुद्ध हाल के सालों में उपजे अलोकतांत्रिक परिवेश में घुले विष को ‘डायल्यूट’ करने में इलाहबाद हाईकोर्ट का यह फ़ैसला ऐतिहासिक भूमिका अदा करेगा, ऐसी उम्मीद की जाती है।


इस फैसले के ठीक अगले दिन यूपी सरकार ने ‘जबरिया और धोखे से धर्मांतरण’ रोकने का अध्यादेश लागू किया है। अध्यादेश इस अंदाज़ में लाया गया है गोया यह ‘अंतर्धार्मिक प्रेम विवाह’ रोकने का यंत्र है। ‘प्रेम’ न जबरिया होता है न इसमें धोखा होता है। ‘ज़बरदस्ती’ और ‘धोखा’ अपराध है, ‘प्रेम’ नहीं।
वैदिक परंपरा में ‘प्रेम’ सदा से एक पुण्य और पवित्र अन्तर्सम्बन्ध के रूप में रेखांकित हुआ है और ‘प्रेम विवाह’ एक स्वायत्तशासी क्रिया, जिसे किसी ने कभी नहीं रोका। ‘शिव-पार्वती संवाद’ में पार्वती द्वारा ‘प्रेम’ के विषय में पूछने पर शिव उत्तर देते हैं-” तुम्हारे और मेरे पुनर्मिलन हेतु समस्त ब्रह्माण्ड का हर संभव प्रयास करना, हर संभव षड्यंत्र रचना, इसका कारण, हमारा असीम प्रेम ही तो है। तुम्हारा पार्वती के रूप में फिर से जन्म लेकर मुझे मेरे एकांकीपन और वैराग्य से बाहर निकलने पर विवश करना, और मेरा विवश हो जाना, यह प्रेम ही तो है।”


पौराणिक आख्यानों से लेकर प्राचीन काव्य और कालांतर में आधुनिक कविता संसार- ‘प्रेम’ की अभिव्यक्ति में आकंठ डूबा है। पुरुरवा और उर्वशी की पौराणिक कथा में उर्वसी को नारायण ऋषि के ऊरु से निकलने वाली बताया गया है। महाभारत में भी उल्लेख है कि कैसे इंद्र के यहां अस्त्र विद्या सीखने आए अर्जुन पर उर्वशी मोहित हो गई थी किन्तु अर्जुन ने उसे मातृवत स्वरुप में देखा। इस पर कुपित होकर उर्वशी ने अर्जुन को साल भर नपुंसक रहने का शाप दे दिया। बाद में दोनों एकाकार हुए। उपकथनों और उपाख्यानों में पुरुरवा और उर्वशी का प्रेम विश्वविश्रुत है।


महाकवि कालिदास के ‘अभिज्ञान शाकुंतलम’ में प्रेम एक सुखांत काव्‍य के रूप में विकसित हुआ है।

अप्सरा के मधुर स्वर से ऋषि विश्वामित्र की तपस्या टूट गई। आंखें खोलीं तो उनके सामने सौंदर्य से भरपूर नृत्य करती मेनका थी। दोनों के प्रेम संबंध से मेनका ने एक सुंदर कन्या को जन्म दिया। कन्या को जन्म देते ही मेनका का धरती छोड़ना अवश्यम्भावी हो गया। दोनों ने रात के अंधेरे में अपनी नवजात पुत्री को कण्व ॠषि के आश्रम में छोड़ दिया। बड़ी होकर यह शकुंतला के नाम से जानी गई। शकुंतला का राजा दुष्यंत से प्रेम, अंगूठी प्रकरण, दुष्यंत का उसे भूल जाना, राजा से उसके पुत्र प्राप्ति, पुत्र भरत का बाद में पिता से मिलन आदि-आदि प्रेम सन्दर्भों में डूबी इस महान रचना के अंश हैं।


महादेवी वर्मा ने भी अपनी प्रसिद्द कविता में ‘प्रेम’ और उसकी प्रतीक्षा की व्यथा लिखी है-
हंस उठते मन में आर्द्र नयन
घुल जाता ओठों से विषाद
छा जाता जीवन में वसंत
लुट जाता चिर संचित विराग
आँखें देतीं सर्वस्व वार
जो तुम आ जाते एक बार।


सूर्यकान्त त्रिपाठी ‘निराला’ की ‘जूही की कली’ भी प्रेम अभिव्यक्ति का कैसा लाजवाब दर्पण है –
नायक ने चूमे कपोल,
डोल उठी वल्लरी की लड़ी जैसे हिंडोल।
इस पर भी जागी नहीं,
चूक-क्षमा माँगी नहीं,
निद्रालस बंकिम विशाल नेत्र मूँदे रही–
किंवा मतवाली थी यौवन की मदिरा पिये,
कौन कहे?
जिस देश के धर्म और संस्कृति में ‘प्रेम’ एक जीवंत आत्मा के रूप में सहस्त्रों वर्षों से विद्यमान है वहां ‘प्रेम’ पर रोक लगाने के क्या मानी?

(लेखक पिछले 40 वर्षों से पत्रकारिता.
लेखन और संस्कृतिकर्म में सक्रिय हैं।)


Facebook Comments

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.

Next Post

लीडरशिप के अकेलेपन पर चर्चा अहमद पटेल के गुजरने के बहाने…

-सुनील कुमार॥ लंबे समय से कांग्रेस अध्यक्ष के राजनीतिक सलाहकार रहे, और अभी हाल ही में पार्टी के कोषाध्यक्ष बनाए गए अहमद पटेल के गुजरने पर कुछ लोगों ने यह भी लिखा कि अब पार्टी लीडरशिप और नेताओं-कार्यकर्ताओं के बीच की आखिरी कड़ी खत्म हो गई। अहमद पटेल प्रधानमंत्री राजीव […]

आप यह खबरें भी पसंद करेंगे..

Facebook
escort eskişehir - lidyabet - macbook servis - kabak koyu
%d bloggers like this: