83 वर्षीय फादर स्टेन स्वामी को एनआईए ने किया गिरफ्तार..

Desk

-रूपेश कुमार सिंह।।

भीमा कोरेगांव मामले में झारखंड के प्रसिद्ध मानवाधिकार कार्यकर्ता फादर स्टेन स्वामी को रांची के बगाईचा (नामकुम) स्थित आवास से एनआईए उठाकर 8 अक्टूबर, 2020 को रात्रि लगभग 8 बजे ले गयी है। प्राप्त सूचना के अनुसार रात में उन्हें रांची के धुर्वा स्थित एनआईए के ऑफिस में रखा गया था और आज उन्हें मुंबई ले जाने की पूरी संभावना है।

मालूम हो कि फादर स्टेन स्वामी लगभग 50 वर्षों से झारखंड में रहकर आदिवासियों-मूलवासियों की आवाज बने हुए हैं। ये विस्थापन विरोधी जनविकास आंदोलन के संस्थापक सदस्यों में से एक हैं। झारखंड के जेलों में बंद विचाराधीन बंदियों पर भी इनका महत्वपूर्ण काम रहा है। झारखंड के मानवाधिकार कार्यकर्ताओं में से ये अग्रिम पंक्ति के कार्यकर्ता रहे हैं। झारखंड की पिछली भाजपा सरकार के कार्यकाल में पत्थलगड़ी आंदोलन के बहाने कई सामाजिक कार्यकर्ताओं पर देशद्रोह का मुकदमा दर्ज हुआ था, जिसमें इनका भी नाम शामिल था। दिसंबर 2019 में झारखंड में सत्ता परिवर्तन के बाद नयी सरकार ने सभी सामाजिक कार्यकर्ताओं पर दर्ज देशद्रोह का मुकदमा वापस ले लिया था। ये लगातार झारखंड में हो रहे जमीन की लूट पर मुखर रहते हैं।

भीमा कोरेगांव मामले में फादर स्टेन स्वामी के घर पर पूर्व में भी छापा पड़ चुका है। 28 अगस्त, 2018 को महाराष्ट्र पुलिस ने इनके रांची के बगाईचा (नामकुम) स्थित आवास पर छापा मारकर लैपटाॅप, सीडी, पेन ड्राइव, मोबाईल समेत कई चीजें जब्त कर ली थी। तभी से ही फादर स्टेन स्वामी भीमा कोरेगांव मामले में अन्य बुद्धिजीवियों की तरह ही निशाने पर हैं। अभी हाल-फिलहाल 06 अगस्त, 2020 को भी एनआईए ने रांची स्थित इनके आवास पर आकर लगभग ढाई घंटे पूछताछ की थी।

भाकपा-माले झारखंड राज्य सचिव जनार्दन प्रसाद और विधायक विनोद सिंह ने संयुक्त प्रेस विज्ञप्ति जारी कर एनआईए द्वारा फादर स्टेन को उठा ले जाने की कार्रवाई की तीव्र भ्रत्सना की है। विदित है कि फादर स्टेन को एनआईए की टीम २ बार पूछ ताछ कर चुकी है। इसके बावजूद इस कोरोना काल में पूछताछ के लिए ले जाना बिल्कुल निंदनीय है।एक ऐसे बुजुर्ग जिनकी उम्र 81 वर्ष से भी ज्यादा हो चुकी हो उनके साथ पूछताछ के नाम पर प्रताड़ित करना निहायत ही अमानवीय कृत्य है। लिहाजा हमारी मांग है कि फादर स्टेन की उम्र को देखते हुए तथा कोरोना काल की जटिलता को ध्यान में रखकर एनआईए अपनी दमनात्मक कार्रवाई पर रोक लगाए।फादर को बाइज्जत,सही सलामत वापस भेजे।

केन्द्र की फासीवादी भाजपा सरकार के इशारे पर एनआईए भीमा कोरेगांव मामले में पूछताछ के नाम पर हमारे देश के बुद्धिजीवियों का उत्पीड़न कर रही है। फादर स्टेन स्वामी की गिरफ्तारी के विरोध में आज शाम चार बजे रांची के फिरायालाल चौक पर कुछ संगठनों ने विरोध-प्रदर्शन की घोषणा की है, वहीं झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने अभी तक इस मामले में चुप्पी साध ली है, जबकि जून 2019 में जब फादर स्टेन स्वामी के घर पर इसी मामले में पुलिस ने रेड किया था, तो तत्कालीन विपक्ष के नेता हेमंत सोरेन ने भी इसका विरोध किया था।

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