SSR Case: सोशल मीडिया पर 80 हज़ार से अधिक फर्जी खाते बनाए गए..

Desk

मीडिया में सुशांत सिंह राजपूत से जुड़ी खबरें जून से बनी हुई है और इसी क्रम में मुंबई पुलिस की साइबर इकाई को अपनी जांच में पता चला है कि सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर 80 हजार से अधिक फर्जी अकाउंट बनाए गए ताकि मुंबई पुलिस और महाराष्ट्र सरकार को बदनाम किया जा सके।


सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम के तहत मुंबई पुलिस आयुक्त ने साइबर सेल को इस विषय से जुड़े मामलों की जांच करने के लिए और मामले दर्ज करने के लिए कहा है।

हिंदुस्तान टाइम्स की एक खबर के अनुसार मुंबई पुलिस कि साइबर इकाई को अपने जांच से पता चला है कि विभिन्न देशों जैसे इटली, जापान, पोलैंड, स्लोवेनिया, इंडोनेशिया, तुर्की, थाईलैंड, रोमानिया और फ्रांस से सोशल मीडिया प्लेटफार्मों पर 80 हजार से अधिक फर्जी अकाउंट बनाकर पोस्ट अपलोड किए गए।

80 हजार से अधिक फर्जी खाते सिर्फ मुंबई पुलिस की छवि खराब करने के लिए ही नहीं बल्कि जनता को बरगलाने के लिए भी बनाए गए।

मुंबई पुलिस की साइबर इकाई द्वारा तैयार की गई एक रिपोर्ट के माध्यम से पता चला है कि इटली जापाIन पोलैंड स्लोवेनिया इंडोनेशिया तुर्की थाईलैंड रोमानिया और फ्रांस जैसे विभिन्न देशों के सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर पोस्ट अपलोड किए गए थे।
जिससे यह हुआ कि जांच को पटरी से उतार दिया गया और इसमें एक नया पॉलीटिकल एजेंडा खड़ा कर दिया गया जिससे ना सुशांत सिंह राजपूत को अभी तक न्याय मिल पाया है और ना ही मीडिया हाउसेस को कोई दूसरी खबर।
एक वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी ने बताया कि अधिक से अधिक खातों की पुष्टि करने के लिए विदेशी भाषाओं में पदों की पहचान की क्योंकि #justiceforsushant, #sushantsinghrajput और #SSR जैसे हैशटैग्स का इस्तेमाल किया गया।

यह अभियान सुशांत सिंह राजपूत को न्याय दिलाने के लिए कम बल्कि मुंबई पुलिस की छवि गिराने और एक नया एजेंडा बनाने के लिए चलाया गया। इस मामले में मुंबई पुलिस साइबर सेल ने पूरी जांच की है। इसके साथ ही परम बीर सिंह , मुंबई पुलिस आयुक्त का कहना है कि सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम के तहत सभी कानून का उल्लंघन करने वाले लोगों के खिलाफ कार्यवाही की जाएगी।

इसके साथ ही परमवीर सिंह , मुंबई पुलिस आयुक्त ने अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत हत्या की संभावना से इनकार किया और सुशांत सिंह राजपूत हत्या से जुड़ी खबरों पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि यह अभियान केवल मुंबई पुलिस के खिलाफ मुंबई पुलिस की छवि को गिराने के लिए जारी किया गया। उन्होंने बताया कि सुशांत सिंह राजपूत मामले की बहुत पेशेवर तरीके से जांच की गई थी।

CBI ने AIIMS डॉक्टरों का एक पैनल बनाया था, जिन्होंने मुंबई पुलिस द्वारा की गई जाँच और कूपर अस्पताल और फ़ोरेंसिक प्रयोगशाला के निष्कर्षों को सही साबित किया है।
यह अभियान केवल मुंबई पुलिस की छवि खराब करने के लिए चलाया गया जब वैश्विक स्तर पर फैली कोरोना महामारी के कारण 84 पुलिसकर्मियों की मौत हो गई थी और 6000 से अधिक पुरुष वायरस से संक्रमित थे।

इस मामले में सिर्फ मुंबई पुलिस की छवि ही खराब नहीं की गई बल्कि देश की जनता को भी बरगलाया गया है। परमवीर जी ने कहा कि कुछ लोगों को छोड़कर किसी और को हमारी जांच के बारे में पता नहीं था फिर भी कई लोगों ने मुंबई पुलिस द्वारा की गई जांच की आलोचना की। कुछ मीडिया हाउसेस ने सुशांत सिंह राजपूत मौत से जुड़ी कई अफवाहें फैलाने का काम बहुत ही ईमानदारी से किया।

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