सुशांत मामले में NCB  ड्रग्स की जांच कर रही है या गुमराह कर रही है..

सुशांत मामले में NCB ड्रग्स की जांच कर रही है या गुमराह कर रही है..

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पूनमचंद भंडारी।।


एक डेढ़ महीने से एनसीबी ड्रग लेने के आरोप में लगातार फिल्मी हीरोइनों को जांच के लिए बुला रहा है और मीडिया इनकी सनसनीखेज खबर बनाकर दिनभर यह समाचार दिखा रहा है।
कोई एनसीबी से ये नहीं पूछ रहा है कि वे उल्टी जांच क्यों कर रहे हैं पहले मुख्य अपराधियों को तो पकड़ो ये फिल्मी हिरोइनें कहां जाएंगी इनकी चेट आपके पास है तो बादमें पकड़ लेना।
या एनसीबी इनसे जांच करने के बहाने मुख्य अभियुक्तों को अवसर दे रही है कि वे पूरे सबूत मिटा दें या जो उनके पास माल पडा है उसको बेच कर सारे सबूत नष्ट कर दें और विदेश चले जाएं ताकि उनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं हो। बच्चों का खेल हो रहा है आज इस हिरोईन को बुलाओ कल दूसरी को बुलाओ।
जबकि एनसीबी को चाहिए था कि ड्रग पेडलर से पूछते कि वो ड्रग कहां से लाया फिर उनसे जांच करते कि उसको किसने सप्लाई की है । जो ड्रग एडिक्ट अपना इलाज करवा रहे हैं उनसे जांच करते कि उनको कौन सप्लाई करता था उस चैन को पकड़ते किस देश से आरही है कहां सबसे पहले पहुंचती है और वहां से किन किन एजेंटो के पास जाती है कौन कौन स्टाकिस्ट हैं।
एक बात और एनसीबी, ईडी और सीबीआई के उन सूत्रों की कोई जांच नहीं कर रहा है जो रोजाना मीडिया को गुप्त रुप से बता रहे हैं कि किस गवाह ने क्या कबूला है और क्या कहा है एक दो चैनल वाले तो ये कह रहे हैं कि हमारी अधिकारियों से बात हुई है और वो बता रहे हैं कि क्या जांच चल रही है और अब किसको बुलाया जाएगा। जबकि कानूनन जांच बिलकुल गुप्त होती है किसीको कुछ नहीं बताया जाता है क्योंकि अपराधी को जरासी भनक लग जाए तो वह सबूत नष्ट कर देता है फरार हो जाता है। मैने तो बहुत सारे मर्डर केस लड़े हैं किसीको भी केस डायरी नहीं दिखाई जाती किसने क्या बयान दिया है या किस आरोपी ने क्या कहा है किसी को नहीं बताया जाता है और यदि कोई पुलिस वाला जांच के बारे में कोई खबर दे देता है तो उसके खिलाफ कार्रवाई होती है। पर यहां तो किसने क्या पूछा और किसने क्या जवाब दिया ये दिखाया जा रहा है। यह भी बताया जा रहा है कि रिया बार-बार बयान बदल रही है झूठ बोल रही है आदि आदि।
इसलिए उन सूत्रों को तुरंत गिरफ्तार करना चाहिए जो जांच की बातें बता रहे हैं।
ईडी के पास इतना समय है कि सुशांत मामले में जांच कर रही है जहां सिर्फ15 करोड रूपए का आरोप है और वो भी वह भी झूठ निकला लेकिन नेताओं के पास अरबों-खरबों रुपए है वहां जांच नहीं कर रहे हैं स्विस बैंकों में किनका पैसा पडा है वो जांच नहीं कर रहे हैं सीबीआई भी डेढ़ महीने से सुशांत केस में लगी है।
ईडी और सीबीआई दोनों संस्थाएं काले धन की जांच करती, उनकी चैट का पता लगाती तो आज देश की आर्थिक स्थिति कुछ ओर होती और इस कोरोना काल में मध्यम परिवारों को सहायता मिल जाती बेरोजगार युवाओं को भी राहत मिल जाती।

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