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बिग बॉस चीन, बेखबर सरकार

कोरोना की आड़ में मोदी सरकार ने कई बड़े और मनमाने फैसले लिए, जिनमें सबसे घातक फैसला लॉकडाउन का साबित हुआ। एक झटके में पूरे देश को जड़वत करने वाले इस फैसले के कारण करोड़ों लोगों की रोजी-रोटी और जिंदगी खतरे में पड़ गई। बिग बॉस बन बैठी सरकार केवल आकाशवाणी की तरह हुक्म सुनाती रही। कभी सब कुछ बंद करने का, कभी बाहर निकलने पर जुर्माने का, कभी आरोग्य सेतु ऐप डाउनलोड करने का। इस बीच देश का आर्थिक ग्राफ औंधे मुंह गिर गया, सरकार को पता ही नहीं चला। तेल की कीमतें आसमान पर पहुंच गई, महंगाई, बेरोजगारी रिकार्ड तोड़ ऊंचाइयों पर पहुंच गए, इसमें कहां चूक हो गई, सरकार को पता ही नहीं चला।

लॉकडाउन के दौरान कितने प्रवासी मजदूरों की जान गई, ये सवाल संसद के मानसून सत्र में पूछा गया, इस बारे में भी सरकार को कोई जानकारी नहीं है। सारे तामझाम के बावजूद कोरोना के मामले 50 लाख के करीब होने को हैं, इसमें कहां गलती हुई, सरकार को नहीं मालूम। पड़ोसी देश चीन हमारी सीमा पार कर आ गया, हमारे जवानों की शहादत हो गई और ऐसा क्यों हुआ, कब हुआ, सरकार को पता ही नहीं चला, अब आगे क्या होगा, ये भी सरकार को पता नहीं, क्योंकि वो मास्को में चीन के विदेश मंत्री और रक्षा मंत्री से मिलकर कुछ समझौते कर यह मान रही है कि अब सब कुछ ठीक है। देश ने इतनी बेखबर सरकार पहले कभी नहीं देखी है। और शायद इतनी बेखबर जनता भी इससे पहले कभी नहीं रही। मीडिया उसे जो दिखाता-समझाता है, जनता केवल उतना ही जानती है।

मसलन कंगना ने कितनी बार मुंबई को पीओके कहा, रिया ने जेल में खाना कब खाया और चाय कब पी। अगर मीडिया ने मोर को दाना चुगाते प्रधानमंत्री मोदी की तस्वीरों के साथ यह जानकारी भी साझा की होती कि उन्होंने कितने दाने मोर को चुगाए, तो यह भी राष्ट्रीय विमर्श का हिस्सा बन जाता। हमारी इस बेखबरी और नीमबेहोशी का ही नतीजा है कि पड़ोसी देश चीन हमारे देश की 10 हजार से ज्यादा हस्तियों पर निगाह रख रहा है। इसमें प्रधानमंत्री मोदी से लेकर राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद समेत कई दिग्गज शामिल हैं। सोनिया गांधी और उनका परिवार, मोदीजी का परिवार, पूर्व प्रधानमंत्री डॉ.मनमोहन सिंह और उनका परिवार, कई केन्द्रीय मंत्री, कई राज्यों के मौजूदा और पूर्व मुख्यमंत्री, सेना के रिटायर्ड और मौजूदा अधिकारी, सीडीएस, चीफ जस्टिस, कई बड़े उद्योगपति, शीर्ष पदों पर बैठे कई अधिकारियों का नाम इस सूची में शामिल है। इंडियन एक्सप्रेस की एक खास खबर में बिग बॉस बनते चीन की इस हरकत का खुलासा हुआ है। 

चीन की सरकार और वहां की कम्युनिस्ट पार्टी से जुड़े शेनजेन की एक कंपनी हाइब्रिड युद्ध चीनी राष्ट्र के महान कायाकल्प के लिए बिग डाटा का इस्तेमाल कर कई नामी-गिरामी हस्तियों की बड़ी-छोटी तमाम जानकारियों को एकत्र कर रही है और इसके लिए उन पर रियल टाइम निगरानी रख रही है। गौरतलब है कि डिजीटली की जाने वाली कोई भी गतिविधि डाटा बन जाती है।

जैसे ईमेल भेजना, फोटो खींचना या सोशल मीडिया पर पोस्ट करना डाटा में तब्दील होता है। बिग डाटा इसी का बड़ा रूप है। यह कई छोटे डाटा के आकार में बढ़ते चले जाने से तैयार होता है। इसे सामान्य टूल्स और एप्लीकेशन्स से नहीं संभाला जा सकता। बिग डाटा में प्रति सेकंड हजारों जीबी का डाटा इकठ्ठा होता है और यह टेक्स्ट, आडियो, वीडियो, इमेजेस, सोशल साइट्स सबका डाटा एकत्र करता है। बहुत सी बड़ी कंपनियां अपने ग्राहकों की जानकारी इसके जरिए एकत्र करती हैं, ताकि उनकी जरूरत के हिसाब से उन्हें सामान या सेवा मुहैया कराके अपने व्यापार को आगे बढ़ाएं।

राजनैतिक दल भी अपने मतदाताओं को लुभाने के लिए इसका इस्तेमाल करते हैं, ताकि चुनाव में उसका फायदा मिले। चीन की झेन्हुआ डेटा इनफर्मेशन टेक्नालॉजी कंपनी लिमिटेड भी इस वक्त भारतीय हस्तियों के साथ यही कर रही है, यानी उनकी हर बात, हर कदम की जानकारी अपने पास रख रही है। इंडियन एक्सप्रेस की पड़ताल में पता चला है कि झेन्हुआ ने इसे ओवरसीज की इनफर्मेशन डेटाबेस (ओकेआईडीबी) का नाम दिया है। भारत के अलावा अमेरिका, ब्रिटेन, जापान, आस्ट्रेलिया, यूएई आदि की भी जानकारी कंपनी के पास है।

शेनजेन में कंपनी के एक सूत्र ने वियतनाम के एक प्रोफेसर के साथ मिलकर इस बारे में कुछ संस्थाओं के साथ जानकारी साझा की, जिसमें भारत में इंडियन एक्सप्रेस भी है। इस सूत्र के मुताबिक झेन्हुआ चीन की सरकार और वहां की सेना को भी अपना ग्राहक मानता है। और लोगों की जानकारी, डाटा निकालने का उद्देश्य हाइब्रिड युद्ध है। यानी बिना सैन्य लड़ाई के प्रभुत्व हासिल करना, नुकसान पहुंचाना या प्रभावित करना है। हम गलवान का बदला कुछ वक्त के आर्थिक बहिष्कार और चंद चीनी ऐप्स पर पाबंदी से ले रहे हैं, जबकि चीन इससे कहीं ज्यादा बड़ा खेल खेलता दिखाई दे रहा है, जिसमें इस वक्त मैदान पर उसी के नियम और उसी की बादशाहत नजर आ रही है।

फेसबुक के जरिए भारतीय मतदाताओं को प्रभावित करने वाली, ट्रोल आर्मी के सहारे विपक्षियों की छवि बिगाड़ने वाली सरकार को क्या इस बात की वाकई खबर नहीं है कि उसकी आंख से चीन काजल चुरा रहा है। सत्ता का रंगीन चश्मा पहने सरकार को जनता के दुख-तकलीफ तो नजर नहीं आते, लेकिन इस बार बात उसकी अपनी सुरक्षा की है, क्या मोदीजी अब चीन का नाम लेंगे या अब भी इससे बचेंगे।

(देशबंधु)

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