/* */

चरित्रहंता मीडिया की भीड़ में अकेली !

Desk
Page Visited: 25
1 0
Read Time:2 Minute, 43 Second

-ध्रूव गुप्त।।

रिया चक्रवर्ती के ख़िलाफ़ सुशांत मामले में अबतक कुछ भी प्रमाणित नहीं हुआ है सिवा सुशांत या अपने लिए कुछ ग्राम या कुछ पुड़िया ड्रग मंगवाने के। उसके विरुद्ध ड्रग का यह मामला भी न्यायालय में नहीं ठहरेगा क्योंकि उसके पास से कोई ड्रग बरामद नहीं हुआ है।

नारकोटिक्स एक्ट के मामले व्हाट्सएप चैट के आधार पर खड़े नहीं रह सकते। एन.सी.बी की यह कार्रवाई सिर्फ मीडिया के दबाव में अपनी साख बचाने के लिए हो रही है, वरना ईमानदारी से अगर खोजा जाय तो बॉलीवुड ही नहीं, तमाम शो बिज़नेस के नब्बे प्रतिशत लोग ड्रग एडिक्ट और राजनीति तथा समाज के बहुत बड़े-बड़े लोग इस धंधे में लिप्त पाए जाएंगे।

चित्र: मीर सुहैल

रिया के खिलाफ सुशांत को आत्महत्या के लिए प्रेरित करने या उसकी हत्या करने के कोई सबूत नहीं मिले हैं। मनी लॉन्ड्रिंग के भी नहीं। न्यायोचित तो यह था कि यह मामला जांच एजेंसियों के विवेक पर छोड़कर हमें प्रतीक्षा करनी चाहिए थी। एक अप्रमाणित मामले में सिर्फ अनुमान के आधार पर देश की लगभग तमाम मीडिया जिस तरह से एक अकेली लड़की के पीछे पड़ी है और लगातार चरित्र-हनन किये जा रही है, वह भारतीय मीडिया के इतिहास का शायद सबसे काला अध्याय है। न्यूज़ चैनल खोलिए तो लगता है कि देश की सबसे बड़ी समस्या रिया है और उसके गिरफ्तार होते ही देश की बाकी समस्याएं स्वतः सुलझ जाएगी। उससे भी विचित्र बात यह है कि देश का एक बड़ा तबका रस लेकर रिया के इस मीडिया ट्रायल को देख रहा है और न्यूज चैनलों के टी.आर.पी को उछाल भी दे रहा है।

मैं नहीं जानता कि सुशांत मामले में रिया दोषी है या नहीं। दोषी साबित होगी तो मैं भी उसकी भर्त्सना करूंगा। फिलहाल जिस तरह से यह अकेली लड़की मीडिया के चौतरफ़ा हमलों के बीच बहादुरी से खड़ी और जिंदा भी है,उसके लिए उसे मेरा सलाम !

Happy
Happy
0 %
Sad
Sad
0 %
Excited
Excited
0 %
Sleepy
Sleepy
0 %
Angry
Angry
0 %
Surprise
Surprise
0 %
Facebook Comments

Average Rating

5 Star
0%
4 Star
0%
3 Star
0%
2 Star
0%
1 Star
0%

प्रातिक्रिया दे

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.

Next Post

चीन पर सरकारी रवैया

मोदी सरकार की विफल विदेश नीति और अस्पष्ट बयानबाजी का बड़ा नुकसान अब एलएसी पर देखने मिल रहा है। मई […]
Visit Us On TwitterVisit Us On FacebookVisit Us On YoutubeVisit Us On LinkedinCheck Our FeedVisit Us On Instagram