अब कोरोना नहीं, मोदी के लिए बजेगी ताली थाली..

1 0
Read Time:2 Minute, 24 Second

-सुरेंद्र ग्रोवर।।

मोदी ने बजवाई थी ताली और थाली कोरोना भगाने के लिए लेकिन कोरोना के कोई कान थोड़े ही थे जो कानफाड़ू शोर सुन भाग जाता, हाँ वानरों की तरह उछलते, कोरोना भाग भाग चिल्लाते मानवों पर कोरोनारूपी दानव पूरे जोशोखरोश के साथ कहर बरपाने में मस्त हो गया।
भारतीय युवा जो पहले से ही नोटबन्दी, जीएसटी और सरकार की अनर्थकारी आर्थिक नीतियों के चलते बदहाल हुई आर्थिक व्यवस्था का शिकार हो बेरोजगारी के समुद्र में गोते मार रहा था, अब अपना सब्र खो चुका है।


अब इस युवा ने मोदी जी को उनकी ही भाषा में अपना दर्द उन तक पहुंचाने का निर्णय लिया है ताकि युवाओं का ही वोट ले उनको ही ठग लेने वाली बहरी सरकार के कानों में ताली थाली बजा उसके कान के पर्दे हिला सके। ताली और थाली की यह डॉल्बी साउंड 5 सितम्बर शाम 5 बजे 5 मिनट के लिये मोदी सरकार के कान बजाएगी।

अच्छे दिनों के वायदे, नारों को जुमला घोषित कर जनता को धोखा देने वाली इस सरकार के प्रधानमंत्री ने बीते 6 सालों में सिर्फ एकतरफा मन की बात की है. प्रधानमंत्री को जनता की मन की बात सुननी चाहिए, जो उन्होंने आज तक नहीं किया. यह देश के पहले प्रधानमंत्री हैं जिन्होंने आज तक कोई प्रेस कांफ्रेंस नहीं की, जहां उनसे सवाल किया जा सके और अब तो इस सरकार ने संसद में प्रश्नकाल को ही खत्म कर दिया. ऐसे इस सरकार को कैसे जगाया जाए, कैसे उसके कानों में जनता अपनी आवाज़ पहुंचाए ! इसी क्रम में देश के कोने कोने से युवाओं का यह आह्वान है कि आप भी 5 सितम्बर की शाम 5 बजे ताली थाली बजा कर देश के युवाओं की आवाज़ मोदी सरकार तक पहुंचाए।

Happy
Happy
0 %
Sad
Sad
0 %
Excited
Excited
0 %
Sleppy
Sleppy
0 %
Angry
Angry
0 %
Surprise
Surprise
0 %
Facebook Comments

Average Rating

5 Star
0%
4 Star
0%
3 Star
0%
2 Star
0%
1 Star
0%

One thought on “अब कोरोना नहीं, मोदी के लिए बजेगी ताली थाली..

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.

Next Post

कोरोना पॉजिटिव लोगों के नाम उजागर किए जाएं..

-सुनील कुमार।।हिन्दुस्तान के कुछ दूसरे हिस्सों की तरह छत्तीसगढ़ में कोरोना पॉजिटिव रफ्तार से बढ़ रहे हैं। शुरुआती महीनों में छत्तीसगढ़ में रफ्तार कुछ कम रही लेकिन अब इस तेजी से बढ़ रही है कि लोगों को अपने घर पहुंचते हुए कई रास्ते बदलकर जाना पड़ता है क्योंकि जहां ज्यादा […]
Facebook
%d bloggers like this: