बेइज़्ज़त कर सीएस के पद से हटाया, आखिर डीबी गुप्ता का होगा क्या ?

admin
Read Time:3 Minute, 44 Second

-महेश झालानी।।

मुख्य सचिव रहे डीबी गुप्ता के पास घर बैठने के अलावा अब कोई विकल्प नही बचा है । संभावना यही व्यक्त की जा रही है कि या तो वे रिटायर्डमेन्ट अथवा अवकाश पर जा सकते है । गुप्ता 30 सितम्बर को रिटार्यड होंगे ।

यह भी चर्चा है कि इनको सीएमओ में सलाहकार के पद पर नियुक्ति दे दी जाए । यह ऑफर इन्हें पहले भी दिया गया था, लेकिन गुप्ता ने इसे ठुकरा दिया । इनका कहना था कि सीएमओ में पहले से दो सलाहकार तैनात है । बतादे कि गोविंद शर्मा और अरविंद मायाराम मुख्यमंत्री कार्यालय में सलाहकार के पद पर कार्य कर रहे है । लेकिन दोनों के पास कोई विशेष काम नही है । ये दोनों सलाहकार प्रोटोकॉल के हिसाब से मुख्य सचिव के अधीन है ।

यदि डीबी गुप्ता सलाहकार बन भी जाते है तो उन्हें मुख्य सचिव के सामने हाथ बांधकर खड़ा रहना होगा । मुख्य सचिव रहा हुआ व्यक्ति अपने से जूनियर के आगे हाथ बांधकर कभी खड़ा नही रहना चाहेगा । वैसे भी जिस तरह गुप्ता को सार्वजनिक रूप से बेज्जत कर बेदखल किया गया है, उसको देखते हुए सलाहकार बनाना सम्भव नही लगता है ।

एक संभावना मुख्य सूचना आयुक्त के पद पर नियुक्ति की थी । लेकिन यह संभावना भी नजर नही आती । क्योकि यह संवैधानिक पद है तथा इस पद पर मनोनयन ना होकर चयन होगा । सर्वोच्च न्यायालय ने निर्देश दिए है कि आयुक्तों का चयन करने से पूर्व सभी आवेदकों से आवेदन मांगे जाए ताकि चयन में पारदर्शिता बनी रहे ।

इस चयन समिति का मुख्यमंत्री अध्यक्ष होता है । तथा विपक्ष के नेता और अन्य मंत्री सदस्य होते है । आये हुए आवेदनों के आधार पर व्यक्ति का मुख्य सूचना आयुक्त के पद पर चयन होगा । इसकी संभावना बहुत कम लगती है कि गुप्ता आवेदन पत्र के माध्यम से आना चाहेंगे । वैसे भी जिस व्यक्ति से सीएम खफा हो, उसका चयन सम्भव नही है ।

आरपीएससी में जाने का फिलहाल कोई चांस इसलिए नही क्योकि यहाँ अध्यक्ष का पद रिक्त नही है । दीपक उप्रेती इस पद पर तैनात है । उनके रिटायरमेंट में अभी तीन चार माह बाकी है । यहाँ भी पद खाली होने के बाद ही नियुक्ति हो सकती है । किसी को जबरन थोपा नही जा सकता है ।

गुप्ता कहाँ नियुक्त होंगे या उनके भविष्य की योजना क्या होगी, इसको जानने के लिए सभी उत्सुक है । ब्यूरोक्रेशी में सबसे ज्यादा चर्चा इसी बात की है कि डीबी गुप्ता को मुख्य सचिव पद से अचानक हटाया तो हटाया क्यो ? पूरी ब्यूरोक्रेशी यह जानती है कि गुप्ता संवेदनशील और हार्मलेश व्यक्ति है । उनसे ऐसी क्या गुस्ताखी हुई कि सीएम को अचानक ऐसा अप्रिय और कठोर कदम उठाना पड़ा ।

0 0

About Post Author

admin

मीडिया दरबार के मॉडरेटर 1979 से पत्रकारिता से जुड़े हैं. एक साप्ताहिक से शुरूआत के बाद अस्सी के दशक में स्वतंत्र पत्रकार बतौर खोजी पत्रकारिता में कदम रखा, हिंदी के अधिकांश राष्ट्रीय अख़बारों में हस्ताक्षर. उसी दौरान राजस्थान के अजमेर जिले के एक सशक्त राजनैतिक परिवार द्वारा एक युवती के साथ किये गए खिलवाड़ पर नवभारत टाइम्स के लिए लिखी रिपोर्ट वरिष्ठ पत्रकार श्री मिलाप चंद डंडिया की पुस्तक "मुखौटों के पीछे - असली चेहरों को उजागर करते पचास वर्ष" में भी संकलित की गयी है. कुछ समय के लिए चौथी दुनियां के मुख्य उपसंपादक रहे किन्तु नौकरी कर पाने के लक्खन न होने से तेईस दिन में ही चौथी दुनिया को अलविदा कह आये. नब्बे के दशक से पिछले दशक तक दूरदर्शन पर समसामयिक विषयों पर प्रायोजित श्रेणी में कार्यक्रम बनाते रहे. अब वैकल्पिक मीडिया पर सक्रिय.
Happy
Happy
0 %
Sad
Sad
0 %
Excited
Excited
0 %
Sleppy
Sleppy
0 %
Angry
Angry
0 %
Surprise
Surprise
0 %
Facebook Comments
No tags for this post.

Average Rating

5 Star
0%
4 Star
0%
3 Star
0%
2 Star
0%
1 Star
0%

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.

Next Post

आखिर क्या है भारत चीन सीमा विवाद.?

1962 का राग गाकर जो भक्त नेहरू की छवि मलिन करने की कोशिश कर रहे है उन बेचारे भक्तों के पुरखों को ही पता होगा कि असल में भारत – चीन का सीमा विवाद दोनों की आज़ादी से पहले का है और लगभग सौ साल से भी ज्यादा पुराना है […]
Facebook
%d bloggers like this: