अफसर लगा रहे है CM गहलोत के प्रयासों को पलीता..

अफसर लगा रहे है CM गहलोत के प्रयासों को पलीता..

Page Visited: 1888
0 0
Read Time:5 Minute, 34 Second


सरकार को बदनाम करने में सक्रिय है अफसरान..

-महेश झालानी।।

कुछ अफसरों ने सरकार की छवि को मटियामेट करने की सुपारी ले रखी है । चन्द अफसरों की लापरवाही और निकम्मेपन की वजह से सरकार का सारा मिशन ध्वस्त हो रहा है । यदि समय रहते मुख्यमंत्री और मुख्यसचिव ने लापरवाह अफसरों पर लगाम नही कसी तो कोरोना के लिए मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के अब तक किए गए तमाम प्रयास निष्फल हो जाएंगे । भीलवाड़ा मॉडल के नाम पर अर्जित सारी ख्याति धूल में मिलकर रह जायेगी ।

इसमें किसी को संदेह नही है कि कोरोना की जंग जीतने के लिए अशोक गहलोत ने जो प्रयास किये, वे ना केवल सराहनीय है बल्कि अनुकरणीय है । विपक्ष से लेकर विदेशों तक गहलोत द्वारा उठाये कदमों को ईमानदारी से सराहा जा रहा है । स्वयं प्रधानमंत्री भी गहलोत की कार्यशैली के कायल है । जब देश लॉक डाउन पर विचार कर रहा था, उस वक्त गहलोत ने दूरदर्शिता का परिचय देते हुए सर्वप्रथम लॉक डाउन कर समूचे विश्व मे एक अनूठी मिसाल पेश की । अंततः सभी देशों को लॉक डाउन लागू करने पर विवश होना पड़ा । जिन्होंने लागू नही किया अथवा लागू करने में विलंब किया आज वे देश पछता रहे है ।

कंट्रोल रूम तथा अफसरों की नियुक्ति सरकार ने इस आशय से की है ताकि जनता को किसी तरह की तकलीफ नही हो । इसके अलावा जनता से फीडबैक लेकर व्यवस्था को सुधारा जा सके । दुर्भाग्यवश चन्द अफसर मुख्यमंत्री के मिशन को फेल करने में सक्रिय है । जयपुर के कलेक्टर जोगाराम, एडीएम अशोक कुमार, जयपुर दक्षिण के पुलिस अधिकारी तथा नगर निगम के आयुक्त वीपी सिंह परीक्षा की इस घड़ी में ना केवल असफल साबित हो रहे है बल्कि इनकी लापरवाही चर्चा का विषय बनी हुई है ।

लॉक डाउन लागू हुए दो महीने होने को आये । रामनगर, स्वेज फार्म, ज्योतिराव फूले कॉलेज रोड, रामनगर विस्तार तथा शमशान रोड़ पर आज तक ना तो कोई अधिकारी भूख और समस्याओं से बिलखते हुए लोगो की तकलीफ को जानने आया और ना ही क्षेत्रीय विधायक प्रतापसिंह खाचरियावास ने खैर खबर ली । इस क्षेत्र में ना तो अभी तक कॉलोनीयो मे सेनेटाइज हुआ है और न ही कोई स्क्रीनिंग करने आया है । ऐसे में सरकार के तमाम दावे खोखले साबित होते नजर आ रहे है ।

कोरोना नियंत्रण के लिए जितने भी कंट्रोल रूम स्थापित किये गए है, वे सब नकारा साबित हो रहे है । कोई फोन उठाने तक को तैयार नही है । इसलिए इन कंट्रोल रूम की स्थापना का औचित्य ही समाप्त होगया है । आज मैंने सभी जरूरी कंट्रोल रूम पर फोन किया । सभी नकारा साबित हुए । सीएमएचओ के नियंत्रण कक्ष से फोन तो अवश्य उठाया गया । लेकिन मैं अपनी बात कहता, उससे पूर्व उपस्थित महिला ने झुंझलाकर फोन पटक दिया ।

तत्पश्चात मैंने प्रभारी अधिकारी (एडीएम) अशोक कुमार को मोबाइल पर फोन किया । उठाने की जहमत नही की । इसके बाद कलेक्टर जोगाराम और नगर निगम आयुक्त वीपी सिंह को मोबाइल किया । बताया जाता है कि ये अधिकारी फोन उठाना अपनी शान के खिलाफ समझते है । नतीजतन इन्होंने अपनी शान को बरकरार रखते हुए फोन नही उठाया । अंत में जयपुर के संभागीय आयुक्त को फोन किया । उन्होंने ना केवल तत्काल फोन उठाया बल्कि विस्तार से मेरी तकलीफ को सुनते हुए उचित कार्रवाई का आश्वसन दिया ।

मुख्यमंत्री जी । आपके मिशन को असफल करने वाले अधिकारियों पर तत्काल नकेल कसिए । वरना इनकी लापरवाही और अकर्मण्यता का खामियाजा आपको भुगतना होगा । कंट्रोल रूमों की निगरानी के लिए किसी वरिष्ठ अधिकारी के नेतृत्व में एक टीम गठित करें जो केवल इन पर कड़ी निगाह रखने का कार्य करें । इसके अलावा यह भी जांच करवाइये कि बागबान विहार के नीचे करतारपूरा नाले में किसकी मिलीभगत से शराब बेचने की मंडी लगती है । जाहिर है कि सम्बंधित पुलिस थाना इस जानकारी से अवश्य अनभिज्ञ नही होगा ।


Happy
Happy
0 %
Sad
Sad
0 %
Excited
Excited
0 %
Sleepy
Sleepy
0 %
Angry
Angry
0 %
Surprise
Surprise
0 %
Facebook Comments

Average Rating

5 Star
0%
4 Star
0%
3 Star
0%
2 Star
0%
1 Star
0%

प्रातिक्रिया दे

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.

Visit Us On TwitterVisit Us On FacebookVisit Us On YoutubeVisit Us On LinkedinCheck Our FeedVisit Us On Instagram