इस खबर को अपने मित्रों से साझा करें..

देश में कोरोना वायरस के मामले लगातार बढ़ते जा रहे हैं और अब तक मरने वालों की संख्या भी 4 हो गई है। लेकिन इस बीच एक राहत भरी खबर आई है। इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च के द्वारा दावा किया गया है कि भारत में कोरोना वायरस समाज में फैल नहीं रहा है। यानी अगर किसी एक व्यक्ति में पॉजिटिव लक्षण पाए गए तो इसका मतलब ये नहीं है कि उसकी वजह से पूरे इलाके में इसका असर फैल जाएगा। इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च के सूत्रों के मुताबिक, देश के अलग-अलग हिस्सों से करीब 1000 सैंपल लिए गए हैं, उससे पता चला है कि देश में अभी कोरोना वायरस का दूसरा फेज़ चालू था। जिनके सैंपल लिए गए हैं, वो ना तो विदेश गए थे और ना ही किसी ऐसे व्यक्ति के संपर्क में आए थे जो विदेश गया हो। इन्हीं सैंपल के आधार पर ये सामने आया है कि भारत में अभी कोरोना वायरस ने विकराल रूप नहीं लिया है, जो कि आसानी से एक दूसरे में फैल जाए। इस बीच सरकार ने ऐहतियात के कई कदम उठाए हैं। सरकार की तरफ से यह घोषणा की गई है कि 22 मार्च से एक सप्ताह के लिए कोई भी अंतरराष्ट्रीय उड़ान भारत में लैंड नहीं करने दी जाएगी। इसके साथ-साथ सरकार ने एक एडवाइजरी जारी कर 65 साल के ऊपर के बुजुर्ग और बच्चों को घर में रहने की सलाह दी है। भारत ने देश में प्रवेश करने के इच्छुक विदेशियों के लिए वीजा पहले ही निलंबित कर दिया था। रेलवे और एयरलाइंस को छात्रों, रोगियों और विकलांग व्यक्तियों को छोड़कर सभी रियायती यात्रा को स्थगित करने के लिए कहा गया है। कोरोना मामलों की बढ़ती संख्या को देखते हुए सरकार ने हेल्प लाइन के साथ-साथ जरूरी टोल फ्री नंबर भी जारी किया है। सोशल डिस्टेंसिंग यानी सामाजिक दूरी के लिए क्या करें क्या ना करें इस पर गाइडलाइंस जारी किए है। कोरोना की स्थिति का जायज़ा लेने के लिए गु्रप ऑफ मिनिस्टर्स (जीओएम) भी गठित किया गया है, जो एक निश्चित अंतराल पर मिल कर लगातार स्थिति का जायज़ा लेती रहती है। कोरोना वायरस का संक्रमण लोगों में कितना फैल रहा है, इसके लिए रोज़ाना सैकड़ों की संख्या में संदिग्ध लोगों के टेस्ट कराए जा रहे हैं। कोरोना संक्रमण पता करने के लिए दो तरह के जांच की ज़रूरत पड़ती है। पहली बार में जिनका टेस्ट रिजल्ट पॉजिटिव आता है उन्हीं को दूसरे स्तर के लिए जांचा जाता है। दोनों स्तर की जांच के लिए सरकारी आंकड़ों के मुताबिक़ एक टेस्ट पर 3000 रुपये का ख़र्च आता है। पहले स्तर के लिए 1500 रुपये तक का ख़र्च आता है। फिलहाल इसका सारा ख़र्च केंद्र सरकार ही उठा रही है। आईसीएमआर के महानिदेशक डॉक्टर बलराम भार्गव के मुताबिक़ पिछले दिनों प्राइवेट लैब्स ने ऐसी इच्छा जताई है कि वो कोरोना संक्रमण के तीसरे चरण में सरकार के साथ मिल कर काम करना चाहते हैं। अगर ऐसा होता है तो आम जनता को इससे बड़ी राहत मिलेगी। राज्य सरकारें भी अपने-अपने स्तर पर कोरोना को फैलने से रोकने के लिए कदम उठा रही हैं।
केंद्र और राज्य सरकारों के ये प्रयास तभी सफल होंगे जब इसमें समाज भी पूरी तरह से सहयोग करे। जैसे अंधविश्वास और अफवाहों को फैलने से रोके। गौरतलब है कि यह खबर आते ही कि प्रधानमंत्री राष्ट्र को संबोधित करने वाले हैं सोशल मीडिया पर इस तरह की आशंकाएं जाहिर की जाने लगी हैं कि रात 8 बजे से देशभर में लॉकडाउन यानी बंदी लागू हो सकती है। वॉट्सऐप पर वायरल हो रहे एक ऐसे ही संदेश में लिखा था कि भारत आज रात 8 बजे के बाद से देशव्यापी बंदी की तरफ बढ़ रहा है। प्रधानमंत्री आज संबोधित करेंगे, लिहाजा तैयार रहिए। इस संदेश से लोगों में डर फैल गया और कई जगहों पर लोग जरूरत के सामानों को इक_ा करने लगे। जबकि आधिकारिक सूत्रों की तरफ से जारी स्पष्टीकरण में बताया गया है कि यह सूचना गलत है। इससे लोगों के मन में गैरजरूरी भय पैदा होगा, ऐसे वक्त में तो यह बिल्कुल भी नहीं होना चाहिए। कृपया ध्यान दें, यह सोशल मीडिया पर फैल रहे तमाम अफवाहों में से एक है। इस तरह की अफवाहों के अलावा अंधविश्वास को भी बढ़ावा दिया जा रहा है। प.बंगाल में गौमूत्र पीने के कारण एक व्यक्ति बीमार पड़ गया। जबकि केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण राज्य मंत्री अश्विनी कुमार चौबे ने गुरुवार को कहा कि कोरोना वायरस के मद्देनज़र हम सभी को 15 मिनट धूप सेकनी चाहिए। इससे हमारे शरीर को विटामिन डी मिलता है। कोई भी वायरस धूप के सेवन से समाप्त हो जाता है इसलिए हमें धूप का सेवन करना चाहिए। जब किसी बड़े पद पर बैठा व्यक्ति इस तरह की बात करता है, तो जनता उसे सही मानने लगती है। इसलिए कम से कम सरकार में शामिल लोगों को खुद डाक्टर बनने की जगह लोगों को यह सलाह देनी चाहिए कि कोरोना जैसी गंभीर बीमारी में विशेषज्ञों की राय ही सुनी जाए। औऱ बीमारी को दबाने या छिपाने की जगह उसे ठीक करने की कोशिश की जाए। यह समय कठिन है और एक सभ्य समाज के रूप में हमारी परीक्षा का भी है कि हम किस तरह खुद स्वस्थ रहने के साथ समाज को भी स्वस्थ रहने के लिए जागरूक और प्रेरित करते हैं। अच्छे भविष्य के लए हमें इस परीक्षा में सौ प्रतिशत अंकों के साथ उत्तीर्ण होना पड़ेगा।

(देशबन्धु में आज का संपादकीय)

Facebook Comments

इस खबर को अपने मित्रों से साझा करें..
No tags for this post.

By Desk

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.

Eyyübiye escort Fatsa escort Kargı escort Karayazı escort Ereğli escort Şarkışla escort Gölyaka escort Pazar escort Kadirli escort Gediz escort Mazıdağı escort Erçiş escort Çınarcık escort Bornova escort Belek escort Ceyhan escort Kutahya mutlu son