Home देश कोरोनावायरस से और सतर्क होने की ज़रूरत है..

कोरोनावायरस से और सतर्क होने की ज़रूरत है..

-पंकज चतुर्वेदी।।

डरा नहीं रहा हूँ लेकिन सतर्क कर रहा हूँ . ऐसा लगता है कि हम कोविड उन्नीस अर्थात कोरोना वायरस संक्रमण को ले कर वही गलती कर रहे हैं जो इटली ओर उसके बाद अमेरिका ने की थी , दिल्ली से सटे या दिल्ली का ही हिस्सा नोयडा में दो ओर लोगों को संक्रमण पाया गया है, गाज़ियाबाद में भी एक केस मिला है , लखनऊ में इलाज कर रहे एक डॉक्टर को अभी अभी संक्रमण का असर हो गया . अभी तक हमारे यहाँ केवल विदेश से से आये लोगों में ही कोविद १९ पाया गया था लेकिन अब स्थानीय लोगों में यह विषाणु घुस रहा हैं
दुनिया में कोरोनावायरस से संक्रमित लोगों का आंकड़ा बुधवार सुबह 1 लाख 98 हजार 513 हो गया। 165 देश प्रभावित हैं। मरने वालों की संख्या 7 हजार 988 पहुंच गई है। 81,743 संक्रमित स्वस्थ भी हुए हैं। अमेरिका के वित्त मंत्री स्टीवन नूचिन के मुताबिक, अमेरिका में बेरोजगारी दर 20{09002dbf131a3dd638c766bc67f289d0640033338bee1ac2eb3568ad7ccae38d} तक पहुंच सकती है। इटली ओर अमेरिका ने भी पहले इस संक्रमण के फैलने को मजाक में या औपचारिकता में लिया .

जान कर आश्चर्य होगा कि बम्बई में जिस ६३ साल के इंसान की इस संक्रमण से मौत हुई, वह अपनी कोलोनी में मजाक का पात्र था, लड़के मोटर सायकिल से आते ओर उसके घर के नीचे “करोना” चिल्ला कर ठठा मारते . उसके परिवार का लोगों ने बहिष्कार सा कर दिया- जिसमें अपमान भी शामिल है , अभी बीमारी का पहला ही पायदान था कि हमारे धर्म प्रधान व्यापारियों ने सेनिटाईज़र ओर मास्क की कालाबाजारी शुरू कर दी .
हम कितने लापरवाह हैं , इसकी बानगी है कि जिस नोयडा में लगातार खतरा है वहाँ अभी भी सडक पर खाने पीने के स्टॉल चल रहे हैं , बच्चों की छुट्टी कर दी लेकिन सार्वजनिक परिवहन से काम पर जाने वाली पेरेंट यथावत घर से निकल रहे हैं .
इटली में हर दिन लोग मर रहे हैं, चीन की तरह वहाँ भी बुजुर्ग लोगों को इलाज ना दे कर केवल युवाओं को बचाने का प्रयास हो रहा है , दिल्ली एनसीआर तीसरे स्टेज की तरफ बढ़ रहा है ,यदि यहाँ एक बार बीमारी ने रंग दिखा दिया तो हम जानते हैं कि हमारी आपदा प्रबंधन एजेंसियां , अस्पताल, दवाइयों के उपलब्धता आदि बुरी तरह दगा देगी .
इस समय बेवजह घर से निकलना बंद कर दें, हर संभव गर्म पानी पियें . हाथ, नाक, मुंह ओर आँखों को बचाएं और सरकार को सद्बुद्धि की प्रार्था करने कि वे दुसरे देशों के अनुभवों से सीख ले कर कुछ दिन लोक डाउन जैसे हालत बनाएँ, वर्ना हमारी स्वास्थ्य ही नहीं , अर्थ, सामाजिक व्यवस्थाएं भी दूरगामी चरमरा जाएँगी

Facebook Comments
(Visited 4 times, 1 visits today)

Leave a Reply

Your email address will not be published.

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.