उत्‍तराखंड की राजधानी देहरादून में नंगा आतंकराज..

Desk

सीएए-एनआरसी के विरोध में मीटिंग कर रहे नौजवान भारत सभा के कार्यकर्ताओं को घर में घुसकर पुलिस ने उठाया !!

देहरादून के पटेलनगर थाना क्षेत्र के ब्राह्मणवाला इलाके में क़ल शाम को एक स्‍थानीय नागरिक के घर पर नौजवान भारत सभा के कार्यकर्ता सीएए-एनआरसी के बारे में लोगों को बताने और एनपीआर का बहिष्‍कार करने के बारे में मीटिंग कर रहे थे। ज्ञातव्‍य है कि नौभास की ओर से कई राज्‍यों में ऐसा अभियान चलाया जा रहा है और जगह-जगह इस मुद्दे पर मोहल्‍ला कमेटियाँ गठित की जा रही हैं। इसी क्रम में आज की मीटिंग में करीब 20 पुरुष व महिलाएँ उपस्थित थे। मीटिंग के दौरान ही अचानक पुलिस वाले कमरे में घुस आये और अपूर्व मालवीय का नाम लेकर पूछा और उन्‍हें अपने साथ बाहर चलने के लिए कहा। नौभास के साथी अंगद मीटिंग का फेसबुक लाइव कर रहे थे जिस पर यह सारी घटना कई मित्रों ने देखी। पुलिस अपूर्व के साथ ही अंगद को तथा दो अन्‍य नागरिकों को भी पकड़कर इंदिरानगर थाने ले गयी है। अंगद के फोन से फेसबुक लाइव को भी तत्काल डिलीट कर दिया गया है।

उत्तराखंड की त्रिवेंद्र रावत सरकार भी अब योगी सरकार की तर्ज पर जनांदोलनों के नंगे दमन पर उतर आयी है जहाँ अब बन्‍द कमरे के भीतर भी मीटिंग करना ग़ैरकानूनी हो गया है। पिछले कई दिनों से नौभास के कार्यकर्ता स्‍थानीय नागरिकों के साथ मिलकर शहर में सीएए-एनआरसी के विरोध में पर्चे बाँट रहे थे और मोहल्‍ला मीटिंगें कर रहे थे। भाजपा-संघ के लोगों की ओर से उन्‍हें पहले भी धमकियाँ दी जा रही थीं और पुलिस वाले जगह-जगह रोक-टोक कर रहे थे। आज की यह अवैध गिरफ़्तारी भी निश्‍चय ही किसी संघी की शिकायत पर हुई है। लेकिन बुज़दिल संघियों की ये छिछोरी चालें कामयाब नहीं होने वाली हैं। सीएए-एनआरसी-एनपीआर के विरुद्ध मुहिम पूरे ज़ोर-शोर से जारी रहेगी।

हम देहरादून और देश के सभी बुद्धिजीवियों और सामाजिक कार्यकर्ताओं से अपील करते हैं कि उत्तराखंड सरकार के इस दमनकारी रवैये का पुरज़ोर विरोध दर्ज करायें। कुछ सामाजिक कार्यकर्ता साथी अभी इंदिरानगर थाने पहुंच रहे हैं। जो अन्य साथी भी पहुंच सकते हैं, वे पहुंचें या फोन पर विरोध दर्ज करायें। साथ ही, कल से इस दमन और सीएए-एनआरसी के विरोध में अभियान को और तेज करने के लिए एकजुट हों।

(नौजवान भारत सभा द्वारा प्रसारित)

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