Loading...
You are here:  Home  >  दुनियां  >  देश  >  Current Article

आखिर क्यों है डॉ कफील कुसूरवार..

By   /  February 18, 2020  /  No Comments

    Print       Email
इस खबर को अपने मित्रों से साझा करें..

-मनीष सिंह।।

ये डाक्टर कफील है। हाथ मे “वास्ते रिहाई” की मुहर है। मगर रिहाई नही मिली। कफील से राष्ट्रीय सुरक्षा को खतरा है।

कर्नाटक के कस्तूरबा मेडिकल कॉलेज से एमबीबीएस, और बाल्य रोग विशेषज्ञ। गूगल कीजिये, तीन तरह की तस्वीरें मिलेंगी। झुग्गियों और कीचड़ के बीच स्टेथस्कोप लटकाया डाक्टर कफील, प्रेस और पब्लिक के बीच बातें करता एक्टिविस्ट कफील, जेल कोर्ट और पुलिस के बीच उलझा कफील।

पीडियाट्रिक्स की शाखा, कमाने के उद्देश्य से साधारण है। अगर आपके बाप के पास पैसा है, एमबीबीएस की डिग्री है तो आगे बाल्य रोग विशेषज्ञ बनना बेवकूफी होती है।जाहिर है कि कफील शुरू से बेवकूफ है। सीएम के गृहनगर के सरकारी हस्पताल में डॉक्टरी करता है। बच्चे मरने लगते हैं तो अपनी गाड़ी में शहर के नर्सिंग होम्स भर भर कर लाये सिलेंडर से जान बचाने की कोशिश करता है।

डॉ कफील

यही बेवकूफी गले पड़ जाती है। सरकार बहादुर सरकारी सिलेंडर चुराकर बेचने का इल्जाम लगाती है, तो कफील को मान लेना था। एक मुसलमान डाक्टर अगर बकरा न बने, तो फिर कौन बनता। कफील मस्ट हैव प्लीडेड गिल्टी..!!

लेकिन नही। बेवकूफ कफील अपनी बेगुनाही पर अड़ जाता है। सरकार का झूठ पकड़ा जाता है। सरकार दूसरा झूठ मढ़ती है, ये कि कफील ने ऑक्सीजन वालों का पेमेंट रोक दिया। कम से कम इस बार कफील को मान लेना था। मगर वो फिर साबित कर देता है कि दूर दूर तक फिनांस और पेमेंट में उसका कनेक्शन नही था।

पर बात इन बेवकूफियो से आगे जा चुकी है। बात बगावत तक जा पहुंची है। बगावत तो बर्दाश्त नही होती। कफील अब देश मे घूमने लगा है, कहीं बाढ़ आये-तो राहत देने, कहीं गन्दी बस्ती हो तो मुफ्त इलाज करने। इसकी जरूरत क्या है???

और जरूरत क्या है कि CAA के खिलाफ भी बोलने लगा है। भाईचारे की बात करता है। इस देश की मिट्टी में मरने की बात कहता है। देशद्रोह का इससे बड़ा सबूत क्या चाहिए। ऐसी भड़काऊ बातों के लिए इस कैद किया गया। इस बदमाश ने जमानत ले ली। तो छूटते ही दोबारा कैद कर लिया गया। अबकी बार रासुका लगाकर। अब प्रिवेंटिव कस्टडी में रखा जा रहा है। जमानत का चांस ही नही।

यकीन कीजिये, कफील खतरा है देश के लिए। उसका शिक्षित होना राष्ट्रीय सुरक्षा को खतरा है। उसका समझदार होना खतरा है। उसका बोलना खतरा है। उसका होना खतरा है।

मैं सहमत हूँ। एक डाक्टर का कफील बना दिया जाना खतरा है।

Facebook Comments

इस खबर को अपने मित्रों से साझा करें..
    Print       Email

About the author

मीडिया दरबार के मॉडरेटर 1979 से पत्रकारिता से जुड़े हैं. एक साप्ताहिक से शुरूआत के बाद अस्सी के दशक में स्वतंत्र पत्रकार बतौर खोजी पत्रकारिता में कदम रखा, हिंदी के अधिकांश राष्ट्रीय अख़बारों में हस्ताक्षर. उसी दौरान राजस्थान के अजमेर जिले के एक सशक्त राजनैतिक परिवार द्वारा एक युवती के साथ किये गए खिलवाड़ पर नवभारत टाइम्स के लिए लिखी रिपोर्ट वरिष्ठ पत्रकार श्री मिलाप चंद डंडिया की पुस्तक "मुखौटों के पीछे - असली चेहरों को उजागर करते पचास वर्ष" में भी संकलित की गयी है. कुछ समय के लिए चौथी दुनियां के मुख्य उपसंपादक रहे किन्तु नौकरी कर पाने के लक्खन न होने से तेईस दिन में ही चौथी दुनिया को अलविदा कह आये. नब्बे के दशक से पिछले दशक तक दूरदर्शन पर समसामयिक विषयों पर प्रायोजित श्रेणी में कार्यक्रम बनाते रहे. अब वैकल्पिक मीडिया पर सक्रिय.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

8 + 2 =

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.

Manisa escort Tekirdağ escort Isparta escort Afyon escort Çanakkale escort Trabzon escort Van escort Yalova escort Kastamonu escort Kırklareli escort Burdur escort Aksaray escort Kars escort Manavgat escort Adıyaman escort Şanlıurfa escort Adana escort Adapazarı escort Afşin escort Adana mutlu son

You might also like...

पुलिस पर फिर लगे बर्बरता के आरोप..

Read More →
Eyyübiye escort Fatsa escort Kargı escort Karayazı escort Ereğli escort Şarkışla escort Gölyaka escort Pazar escort Kadirli escort Gediz escort Mazıdağı escort Erçiş escort Çınarcık escort Bornova escort Belek escort Ceyhan escort Kutahya mutlu son
Page Reader Press Enter to Read Page Content Out Loud Press Enter to Pause or Restart Reading Page Content Out Loud Press Enter to Stop Reading Page Content Out Loud Screen Reader Support
WhatsApp chat