किस किस को चाहिए वैलेंटाइन.?

admin

-मुकेश नेमा।।

तीसरी सदी की बात है ! रोम में तब के राजा क्लॉडियस को लगा कि शादी करने से पुरूषों की अकल और ताक़त दोनों ख़त्म हो जाते है ! ऐसा राजा को क्यों लगा ये बात आजतक साफ़ नहीं है ! हो सकता है ये राजा के निजी अनुभव रहे हों ! जो भी हो पर उन दिनों राजा को कुछ लग जाना ही क़ानून था ! फ़रमान जारी हुआ और फौजियो और सरकारी अफ़सरों के लिये शादी करना ग़ैरक़ानूनी हो गया ! इस राजा से पूरी तरह असहमत होना आज भी मुश्किल है ! बहुत से शादीशुदा बंदों को देखकर आज भी यह ख़्याल आता है कि वो राजा ग़लत नहीं था ! खैर आप सच्ची कहें या ग़लत कहे ,हर बात की खाल निकालने वाले लोग हर ज़माने में मौजूद रहे ही है ! तब भी थे ! वैलेंटाइन नाम एक पादरी ने इस क़ानून की ख़िलाफ़त की ! पादरी यानी हमारे यहाँ शादी करवाने वाले ब्राह्मण ! शादी ब्याह बंद हो जाने में उनका भी नुक़सान था !
वैलेंटाइन खुद शादीशुदा नहीं थे ! शादी के फ़ायदे नुक़सान उन्हें मालूम नहीं थे ! इस मामले में राजा से कम जानते थे ! पर अपनी रोज़ी रोटी की ख़ातिर उन्होंने सरकारी बंदो की शादियाँ करवाना शुरू कर दी ! ज़ाहिर है राजा को बुरा लगा और वैलेंटाइन चौदह फ़रवरी के दिन सूली चढ़ा दिये गये !
वैलेंटाइन ने जाते जाते जेलर को तपाने के ख़्याल से उसकी लड़की को एक लव लैटर लिखा ! देने को कुछ और था नहीं इसलिये अपनी आँखें दे गये उसे ! पर इस संत ने असली परोपकार किया चॉकलेट , टैडी , गुलाब बेचने वालों के अलावा आर्चीज पर ! ये कंपनी ऐसे प्रेमियो की मदद करती है जिनके हाथ लव लेटर लिखने में तंग है ! और इसके बदले उनसे लाखों डॉलर झटक लेती है !
जो लड़कियाँ अब तक सो कर नहीं उठी है उन्हें मेरी यह सलाह है कि वो आज के दिन सुबह सुबह गिलहरी को देखने से बचें ! ऐसा होने का यह मतलब है कि आपको किसी मख्खीचूस बंदे की गृहस्थी सँभालना पड़ेगी ! बेहतर होगा कि अपने घर मे मौजूद एक्वोरियम के पास आँखें खोलें ! उसमें मौजूद सुनहरी मछलियाँ आपको अमीर और दिलदार पति मुहैया करवा सकती है !
लड़कों को चाहिये कि वो आज से अपने काम धाम में मन लगायें ! इस साप्ताहिक प्रेम समारोह के ख़त्म होने तक यदि वो ख़ाली हाथ है तो यह मान लें कि लड़कियाँ उनसे ज़्यादा समझदार है और बुद्धिहीन बॉडी बिल्डर के बजाय मल्टीनेशनल कंपनी के चश्माधारी बाबू से ज़्यादा इन्प्रैस होती है !
ख़ैर ! हिंदुस्तानियों के लिये तो आज का दिन इसलिये प्रेम दिवस है क्योंकि ना पहले हुई थी ना आगे कभी होगीं जैसी मधुबाला आज ही के दिन पैदा हुई थी ! इसलिये मेरी भगवान से यही कामना है आज के दिन सारे भालुओं को अपने अपने हिस्से का शहद नसीब हो ! बाबूत्व को प्राप्त हो वो ! बाबू से बाबूराव हो जायें ! भले ही ये उन्हें उनकी अक्ल और ताक़त की क़ीमत पर मिले पर मिले ज़रूर !
मेरी दुआयें हमेशा उनके साथ हैं ! आमीन !

Facebook Comments
No tags for this post.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.

Next Post

श्रीमान परमिट शाह जी यह आपका काम नहीं है..

-संजय कुमार सिंह।। अमित शाह, आप न सिर्फ एक बर्बर और असंवेदनशील सरकार चलाते हैं बल्कि वह बहुत ही अक्षम भी है – येचुरी राजनेताओं को जम्मू कश्मीर जाने की अनुमति देने की पेशकश कर केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह फंस गए हैं। विपक्ष उनपर सवाल उठा रहा है और उनपर […]
Facebook
escort eskişehir - lidyabet - macbook servis - kabak koyu
%d bloggers like this: